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Uttarakhand

उत्तराखंड में AAP से भयभीत भाजपा, MLA चैंपियन को मिलेगा अभयदान

उत्तराखंड में आम आदमी पार्टी की आहट से कांग्रेस सहित सत्तासीन पार्टी भाजपा में बेचैनी है । हालांकि प्रदेश में अभी आम आदमी पार्टी का कोई जनाधार नहीं है, लेकिन जिस तरह से दिल्ली के मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने दावा किया है कि वह उत्तराखंड की सभी 70 सीटों पर चुनाव लड़ेंगे उससे दोनों ही पार्टियों में घबराहट है। घबराहट इसलिए है कि दोनों पार्टियों के असंतुष्ट नेता आम आदमी पार्टी में जा सकते हैं ।

इसी घबराहट का नतीजा है कि उत्तराखंड की भाजपा ने अब अपने असंतुष्ट नेताओं को फिर से पार्टी में लाने और मनाने के लिए कवायद शुरू कर दी है । इसके तहत आज बीजेपी के देहरादून स्थित पार्टी मुख्यालय में आज खानपुर के विधायक कुंवर प्रणव सिंह चैंपियन की पेशी है। हालांकि कहा तो यह गया है कि उन्हें तलब किया गया है। लेकिन सवाल यह है कि जब 1 साल पहले उन्हें पार्टी से 6 साल के लिए निष्कासित किया जा चुका है तो फिर पार्टी द्वारा उन्हें तलब करने का क्या अधिकार है ?

 

लेकिन इसी के साथ ही झबरेड़ा के विधायक देशराज करणवाल को भी आज पार्टी मुख्यालय में चैंपियन के साथ ही बुलाया गया है । देशराज करणवाल और प्रणव चैंपियन ही नहीं बल्कि प्रदेश के 4 विधायकों को आज भाजपा के प्रदेश मुख्यालय में तलब किया गया है ।

जिनमें द्वाराहाट के विधायक महेश नेगी और लोहाघाट के विधायक पूरन फर्तयाल के साथ ही खानपुर विधायक कुंवर सिंह प्रणव चैंपियन और झबरेड़ा के विधायक देशराज कर्णवाल शामिल है। झबरेड़ा से विधायक देशराज कर्णवाल पर भी अनुशासन तोड़ने के आरोप है। कर्णवाल का एक ऑडियो भी वायरल हुआ था। इस मामले में उन्हें पार्टी की तरफ से नोटिस जारी किया गया था।

गौरतलब है कि प्रदेश में इन दिनों द्वाराहाट सेक्स स्कैंडल प्रकरण छाया हुआ है । जिसमें द्वाराहाट के भाजपा विधायक महेश नेगी पर एक महिला ने यौन शोषण का आरोप लगाते हुए अपनी पुत्री को उनकी संतान बताया है । इससे भाजपा पशोपेश की स्थिति में है । जबकि दूसरी तरफ विपक्ष ने इसे मुद्दा बनाकर धरना प्रदर्शन किए हैं। इस मामले में आज द्वाराहाट विधायक महेश नेगी को पार्टी मुख्यालय तलब किया गया है। जहां उनसे पूछताछ होगी ।

इसके अलावा दूसरे विधायक पूरन फर्त्याल है। फर्त्याल लोहाघाट के विधायक हैं। वह अपनी ही सरकार की घेराबंदी करने में जुटे हुए हैं। मामला टनकपुर से जौलजीबी तक बनने वाली सड़क निर्माण का है । जिसमें विधायक पूरन फर्त्याल का आरोप है कि उनकी ही पार्टी ने कांग्रेस के एक ठेकेदार को फिर से इस सड़क निर्माण का कार्य दे दिया है । जबकि 3 साल पूर्व इस ठेकेदार पर भ्रष्टाचार के आरोपों के तहत सड़क निर्माण पर रोक लगा दी गई थी । इस बार विधायक पूरन फर्त्याल अपनी ही सरकार को जीरो टॉलरेंस पर घेर रहे हैं। जिससे भाजपा में बेचैनी है। फिलहाल पार्टी मुख्यालय में विधायक पूरन को तलब कर उनको समझाने के प्रयास किए जाएंगे।

इसके अलावा हरिद्वार के दो विधायक कुंवर प्रणव सिंह चैंपियन और देशराज कर्णवाल का पूर्व से ही टकराहट का रिश्ता रहा है। भाजपा संगठन चाहता है कि झबरेड़ा विधायक देशराज कर्णधार और खानपुर विधायक कुंवर प्रणव सिंह चैंपियन के आपसी गिले-शिकवे दूर किए जाएं और उनके हाथ मिलाया जाए। जिससे चैंपियन की घर वापसी होने में आसानी हो सके।हालांकि नए साल के अवसर पर भी एक बार ऐसे ही प्रयास किए गए थे। जब चर्चाओं का दौर चला था कि नए साल में कुंवर प्रणव चैंपियन को भाजपा घर वापसी करा रही है।

चैम्पियन की घर वापसी तभी संभव है जब इसकी शुरुआत चैंपियन और देशराज के रिश्तों में आई खटास को मिठास में बदला जाए। ऐसी चर्चा है कि दोनों नेताओं के बीच पैच अप कराने में मुख्यमंत्री खेमा खासा जोर लगा रहा है। फिलहाल यह काम नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष बंशीधर भगत करना चाहते हैं।

बहरहाल, विधायक कर्णवाल को चैंपियन से रिश्ते सुधारने को कहा गया है ताकि उनकी पार्टी वापसी कराने में आसानी हो। सूत्रों का मानना है कि चैंपियन की घरवापसी में कर्णवाल सबसे बड़ी बाधा है। वे अड़ गए तो चैंपियन की वापसी में परेशानी खड़ी हो सकती है। इसलिए सबसे पहला काम दोनों विधायकों में पैचअप कराने का होगा और दूसरे चरण में चैंपियन भाजपा में वापसी कर सकते हैं।

गौरतलब है कि खानपुर के विधायक कुंवर प्रणव सिंह चैंपियन भी चाहते हैं कि वह भाजपा में वापस आ जाए। शायद यही वजह है कि 10 जुलाई 2019 को जिस दिन उनकी विवादास्पद वीडियो जारी हुई उस दिन के बाद से वह चुप्पी साधे हुए हैं। पार्टी से बाहर होने के बाद से चैंपियन की जुबान पर मानों ताला लग गया है।

उनकी इस चुप्पी से पार्टी नेतृत्व फिलहाल संतुष्ट दिखाई दे रहा है। इस मामले में भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट कह रहे हैं कि चैंपियन को जब से पार्टी से निष्कासित किया है, उन्होंने एक शब्द नहीं बोला। उन्होंने पूरी तरह से संयम रखा। इसी संयम को आधार मानकर उनकी घर वापसी कराई जा सकती है।

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