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Uttarakhand

आसमान में बादल छाते ही हो जाती है उन्हें रात गुजरने की चिंता 

संतोष सिंह 

रुद्रप्रयाग। कालीमठ घाटी में विगत कई दिनों से हो रही मूसलाधार बारिश से ग्रामीणों ग्रामीण दहशत के साये में जीने को विवश हैं। बारिश से कई मकान खतरे की जद में आ गए हैं। स्थिति यह है की आसमान में बादल छाने के बाद ग्रामीणों को रात गुजारने की चिंता सताने लगती है। लोगों को दर सताए रहता है कि कहीं उनके घर मलबे की चपेट में न आ जाए। बारिस से जगह-जगह भूस्खलन हो रहा है। गुप्तकाशी-कालीमठ-चौमासी मोटर मार्ग अनेक स्थानों पर क्षतिग्रस्त होने से जानलेवा बना हुआ है। गांव के पैदल सम्पर्क मार्गों के क्षतिग्रस्त होने से ग्रामीणों को रोजमर्रा की सामाग्री जान जोखिम में डालकर जुटानी पड़ रही है।

ग्राम प्रधान स्यासू राकेश रावत ने बताया कि रामचंद्र सिंह, शकुन्तला देवी के मकान व विजयपाल की गौशाला मूसलाधार बारिश से हुए भूधंसाव के कारण खतरे की जद में आ गए हैं। जिससे ग्रामीण खौफ के साये में रात गुजारने को विवश हैं। उन्होंने बताया कि कुंवर सिंह, बचन सिह, इन्द्र सिंह, राजेन्द्र सिंह सहित दो दर्जन से अधिक काश्तकारों की कृषि भूमि व फसलों को भूधंसाव के कारण भारी नुकसान हुआ है। आग गदेरे में स्यासू पेयजल योजना के क्षतिग्रस्त होने से गांव के कई तोकों में पेयजल संकट बना हुआ है। कोटमा- स्यासू, ब्यूखी-स्यासू जैसे पैदल मार्गों के कई स्थानों पर क्षतिग्रस्त होने से राहगीरों को आवागमन में भारी परेशानियां हो रही है। प्रधान ब्यूखी सुदर्शन राणा ने बताया कि कालीमठ घाटी में विगत कई दिनों से हो रही मूसलाधार बारिश के कारण हो रहे भूधंसाव से कलम सिंह असवाल, शिव सिंह असवाल के मकानों को खतरा बना हुआ है। ब्यूखी-जग्गी बगवान, ब्यूखी – कुणजेठी पैदल मार्ग कई स्थानों पर क्षतिग्रस्त हो चुके हैं। प्रधान कुणजेठी दिलवर सिंह रावत ने बताया कि गाँव के विभिन्न तोकों में हो रहे भूधसाव से प्रकाश कोटवाल, सरोजनी देवी, दीपा देवी के मकानों को खतरा बना हुआ है। कालीमठ-कुणजेठी पैदल कई स्थानों पर क्षतिग्रस्त होने से जानलेवा बना हुआ है। ग्राम प्रधान कविल्ठा अरविंद राणा व सामाजिक कार्यकर्ता बलवन्त रावत ने बताया कि गुप्तकाशी-कालीमठ-चौमासी मोटर मार्ग के निचले हिस्से में हो रहे भूधंसाव से यह मोटर मार्ग कई स्थानों पर क्षतिग्रस्त है। इससे राहगीरों को आवाजाही में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। जिला पंचायत सदस्य कालीमठ विनोद राणा ने सभी गांवों का भ्रमण कर आपदा प्रभावित को यथा सम्भव दिलाने का आश्वासन दिया है। कनिष्ठ प्रमुख शैलेन्द्र कोटवाल का कहना है कि कालीमठ घाटी में हो रही मूसलाधार बारिश से भारी नुकसान हुआ है। उन्होंने शासन-प्रशासन से सभी प्रभावित परिवार को मुआवजा देने की मांग की है।

 

राहत सामग्री वितरित 

 

इस बीच पंच केदार सेवा एवं सांस्कृतिक मंच केदार घाटी ने बारिश एवं भूधंसाव से बेघर हुए परिवारों को राहत सामग्री वितरित की। मंच की इस पहल पर स्थानीय जनप्रतिनिधियों व ग्रामीणों ने भूरी-भूरी प्रशंसा की। मंच के अध्यक्ष धर्मेंद्र नौटियाल ने बताया कि मंच द्वारा तुंगनाथ घाटी के ताला तोक के 12 दिलणा तोक के 6, दैडा गांव के 5 और केदारघाटी खुमेरा गांव के 4 परिवारों को राहत सामग्री वितरित की गई। राहत में चावल, आटा, चीनी, चायपत्ती, मसाले, नमक, तेल जैसी जरुरी सामग्री वितरित की गई। मंच सचिव जितेन्द्र सेमवाल ने बताया कि हमारा प्रयास भविष्य में भी गरीब, विधवा, विकलांग एवं असहाय लोगों की मदद करना तथा सास्कृतिक, पौराणिक, आध्यात्मिक गतिविधियों को बढ़ावा देना है। कोषाध्यक्ष धीरेन्द्र भण्डारी ने बताया कि मंच का गठन कुछ ही महीनों पूर्व हुआ है तथा जन सेवा करना ही हमारा मुख्य उद्देश्य है। कनिष्ठ प्रमुख शैलेन्द्र सिंह कोटवाल ने बताया कि विगत दिनों हुई मूसलाधार बारिश व भूधंसाव से कई लोग बेघर होकर टैन्टों, पंचायत भवनों, विद्यालयों में आसरा लेने के लिए विवश बने हुए हैं। उन्होंने बताया कि मूसलाधार बारिश के कारण भूधसाव होने से अन्य क्षेत्रों में भी भारी नुकसान हुआ है। भूधंसाव के कारण ग्रामीणों की मकाने, गौशालाएं खतरे की जद में है।ग्रामीणों की कृषि भूमि एवं फसलों के बर्वाद होने से काश्तकारों के सन्मुख दो जून रोटी का संकट बना हुआ है। ग्रामप्रधान संगठन संरक्षक सन्दीप पुष्वाण ने कहा कि पंच केदार सेवा एवं सास्कृतिक मंच द्वारा जनहित में जो कार्य किया जा रहा है वह सराहनीय पहल है। इस मौके पर प्रधान संगठन मीडिया प्रभारी योगेन्द्र नेगी, प्रधान उषाडा कुवर सिंह बजवाल, बरंगाली महावीर सिंह नेगी, आशीष नौटियाल, दिनेश गदन्वाण मौजूद थे।

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