[gtranslate]

पिछले 27 साल के दौरान नैनीसैणी हवाई पट्टी से उड़ान शुरू करने की जमकर घोषणाएं हुई। हर चुनाव में राजनेता जनता से इसका वादा करते रहे। लेकिन तमाम वादे और घोषणाएं हवाई साबित हुई। अब लोग खुद को ठगा महसूस कर रहे हैं। उनका आक्रोश आंदोलन में तब्दील हो सकता है

सामरिक दृष्टि से अति महत्वपूर्ण सीमांत पिथौरागढ़ जिले की नैनीसैणी हवाई पट्टी से आज 27 साल बाद भी नियमित उड़ान शुरू नहीं हो सकी है। यह स्थिति तब है जब देश के गृहमंत्री राजनाथ सिंह ढाई माह पूर्व इस हवाई पट्टी का हरी झंडी दिखाकर शुभारंभ कर चुके हैं। राजनाथ सिंह ने तब जोश- खरोश के साथ घोषणा की थी कि अब पिथौरागढ़ से दिल्ली और देहरादून दूर नहीं होगा। उन्होंने यह भी वादा किया था कि सीमांत जनपद के लोगों की सुविधा के लिए देहरादून और पंतनगर के लिए 24 अक्टूबर 2018 से नियमित उड़ान शुरू हो जाएंगी। इस घोषणा के बाजवूद अभी तक पिथौरागढ़ के वायु मार्ग का संचालन शुरू नहीं हो सका है।

जनपद के धारचूला, मुनस्यारी, डीडीहाट और बेरीनाग के लोगों में खासकर जबरदस्त आक्रोश है। उनका कहना है कि नैनीसैणी के नाम पर पिछले ढाई दशक से हमारे साथ धोखा होता आया है। हर चुनाव में नेता हमें नैनीसैणी से हवाई उड़ान शुरू कराने का सपना दिखाते हैं। लेकिन बाद में गायब हो जाते हैं। प्रदेश के वित्त मंत्री प्रकाश प्रकाश पंत का यह ड्रीम प्रोजेक्ट है। चाहे लोकसभा का चुनाव रहा हो, विधानसभा का चुनाव रहा हो या फिर पिछले दिनों हुए निकाय चुनाव रहे हों, हर चुनाव में इस मुद्दे पर लोगों की भावनाओं के साथ खिलवाड़ किया गया। निकाय चुनाव में इस मुद्दे को भुनाने को लेकर भाजपा पर आरोप लग रहे हैं।

ऐसा नहीं है कि इस हवाई पट्टी से उड़ान के परीक्षण न हुए हों, बल्कि अब तक एक हजार 114 बार हवाई जहाज लैंड कराकर हवाई पट्टी का सर्वे कराया जा चुका है। हर बार कुछ न कुछ कमी बताकर मामले को लटका दिया जाता है। देखा जाए तो अब तक तीन बार नियमित उड़ान शुरू किए जाने की घोषणा की जा चुकी है। सबसे पहले उस समय जब उत्तराखण्ड उत्तर प्रदेश का हिस्सा हुआ करता था यानी कि 1996 में। इसके बाद अलग प्रदेश बन जाने के बाद 2016 में और अब ढ़ाई माह पूर्व 24 अक्टूबर 2018 को यहां से हवाई जहाज आवागमन की औपचारिकताएं पूरी की जाती रही हैं।

चीन एवं नेपाल की सीमाओं से लगे पिथौरागढ़ जिले के नैनीसैणी में हवाई पट्टी वर्ष 1991 में तैयार हो चुकी थी। यहां नियमित व्यावसायिक उड़ान के लिए जब पहली बार ट्रायल किया गया तो हवाई पट्टी छोटी पड़ गई। हवाई पट्टी के छोटा पड़ जाने के चलते चार साल पहले तत्कालीन विधायक मयूख महर की पहल पर 65 करेड़ रुपये की लागत से इसका विस्तार किया गया। विस्तार से पहले हवाई पट्टी जहां 14 सौ मीटर लंबी और 40 मीटर चौड़ी थी, बाद में वह 1600 मीटर लंबी और 60 मीटर चौड़ी हो गई। हवाई पट्टी के विस्तार के बाद तत्कालीन हरीश रावत सरकार ने नवंबर 2015 में इस हवाई पट्टी पर 9 सीटर विमान की ट्रायल लैंडिंग कर खूब वाहवाही बटोरी। यही नहीं बल्कि कांग्रेस सरकार ने घोषणा की थी कि 26 जनवरी 2016 से नियमित उड़ानें शुरू की जाएंगी। लेकिन यह वादा हवा हवाई होकर रह गया। हालांकि इसके पीछे कई कारण रहे। जिन्हें पिथौरागढ़ के पूर्व विधायक मयूख महर ने ‘दि संडे पोस्ट’ के समक्ष रखते हुए कहा कि भाजपा के केंद्रीय राज्यमंत्री अजय टम्टा सहित पार्टी के कई नेताओं ने हवाई पट्टी की शिकायत केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्रालय को भेज दी थी। कई आपत्तियां दर्ज कराई गई। जिसके चलते कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में नियमित उड़ान नहीं हो सकी। साथ ही मयूख महर यह भी बताते हैं कि हमारी सरकार के दौरान भाजपा नेताओं ने जो आपत्तियां दर्ज कराई थी वही आज उनके लिए गले की फांस बन गई हैं।

भाजपा सरकार ने इस साल नैनीसैणी हवाई पट्टी से उड़ान शुरू कराने की सभी तैयारियां कर ली थी। नागरिक उड्डयन विभाग के अधिकारियों की ओर से हरी झंडी मिलने के बाद एयर टै्रफिक कंट्रोल, फायर बिग्रेड, सुरक्षा व्यवस्था एवं टर्मिनल भवन में टिकट बुकिंग काउंटर भी स्थापित कर दिया गया था। आठ अक्टूबर 2018 को ट्रायल लैंडिंग सफल हो जाने के अगले दिन ही केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह और प्रदेश के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने देहरादून के जौलीग्रांट हवाई अड्डे से पिथौरागढ़ के लिए हैरिटेज एविएशन के 9 सीटर विमान को इरी झंडी दिखाकर रवाना भी किया। इसी के साथ पिथौरागढ़ से केंद्रीय कपड़ा राज्यमंत्री अजय टम्टा पूर्व मुख्यमंत्री भगत सिंह कोश्यारी, खटीमा के विधायक पुष्कर धामी सहित हैरीटेज एविएशन के सीईओ रोहित माथुर नैनीसैणी हवाई पट्टी पर पहली बार देहरादून से हवाई जहाज के जरिए पहुंचे। इस दौरान दावा किया गया कि 24 अक्टूबर से नैनीसैणी हवाई पट्टी से देहरादून और पंतनगर के लिए नियमित उड़ान शुरू हो जाएगी। यही नहीं, बल्कि पिथौरागढ़ से देहरादून तक एक तरफ का किराया 1570 रुपया भी तय कर दिया गया। लेकिन घोषणा के ढाई माह बाद भी नियमित उड़ान शुरू न होने से भाजपा सरकार की कार्यशैली पर सवालिया निशान उठ रहे हैं। लोग अब इसे महज चुनावी स्टंट मान रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि गत माह हुए नगर निकाय चुनावों में जीत दर्ज कराने के लिए यह सब ड्रामा किया गया। पिछले 27 सालों से ऐसा ही होता आ रहा है। पिथौरागढ़ के व्यापार मंडल अध्यक्ष शमशेर महर की मानें तो पहले विधानसभा फिर पालिका चुनाव को देखते हुए सरकार ने लोगों को हवाई सेवा के नाम पर छला है। वह कहते हैं कि अभी भी सरकार इसका इस्तेमाल लोकसभा चुनावों के लिए करने की योजना बना रही है और तरह -तरह के बहाने बनाए जा रहे हैं। लेकिन जनता अब इनके बहकावे में नहीं आएगी। जनता अब सरकार की नीयत बखूबी जान चुकी है।

इसी दौरान पिथौरागढ़ की नैनीसैणी हवाई पट्टी से हवाई सेवा शुरू करने के सरकार के दावे की उस समय हवा निकलती दिखाई दी जब हवाई पट्टी से सुरक्षा में तैनात जवानों को हटा लिया गया। एक सप्ताह पूर्व प्रदेश के पुलिस महानिदेशक ने हवाई पट्टी की सुरक्षा में लगे जवानों को वापस बुलाने का निर्णय लिया है। पुलिस निदेशालय के फैसले के बाद हवाई सेवा की सुरक्षा पर सवालिया निशान लग गया है। पिछले ढाई माह से पिथौरागढ़ के लोग नैनीसैणी से पंतनगर और देहरादून के लिए हवाई सेवा शुरू होने का बड़ी बेसब्री से इंतजार कर रहे थे, लेकिन कभी डीजीसीए से अनुमति नहीं मिलने तो कभी बाधक बने तीन मकानां का बहाना बनाकर बार-बार हवाई सेवा शुरू करने की तिथि को आगे बढ़ाया गया। इससे लोगों में सरकार के प्रति आक्रोश है। यह आक्रोश आंदोलन का रूप ले सकता है।

गौरतलब है कि नैनीसैणी हवाई पट्टी की सुरक्षा में 61 जवान तैनात किए गए थे। लेकिन पुलिस महानिदेशालय से भेजे गए पत्र की प्रति मिलते ही एक सप्ताह पूर्व 35 जवानों को वापस बुला लिया गया है। इन पुलिस कर्मियों को अपनी स्थाई तैनाती पर भेज दिया गया है। बताया जा रहा है कि पुलिस के जवानों के साथ ही सिविल एविएशन के भी कई अधिकारियों को नैनीसैणी हवाई पट्टी के वापस कर दिया गया है। सिविल एविएशन के अधिकारियों और पुलिस जवानों की वापसी की सूचना ने सीमांत के लोगों को मायूस कर दिया है। सूत्रों के अनुसार हवाई सेवा शुरू न होने के पीछे एक कारण यह भी बताया जा रहा है कि अभी तक भी नागरिक उड्डयन मंत्रालय की तरफ से हवाई सेवा शुरू करने वाली कंपनी हैरीटेज एविएशन को लाइसेंस नहीं मिला है। सीमांत की इस बहुप्रतीक्षित हवाई सेवा के शुरू न होने के पीछे कारण कई हैं, लेकिन फिलहाल सरकार की इस मामले पर चुप्पी तमाम सवाल खड़े करती है।

 

बात अपनी-अपनी

अभी हमें रनवे के लिए डीजीसीए की स्वीकøति नहीं मिली है। कारण दो मकान ऐसे हैं जो उड़ान में बाधा बन रहे हैं। फिलहाल उनकी छत को कलर करना है उसके बाद उन्हें हटाना है। हमने देहरादून तक के सफर के लिए 3100 रुपए की सब्सिडी भी दी है। नैनीसैंणी सीमांत के लिए महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट है।
अजय टम्टा, केंद्रीय कपड़ा राज्यमंत्री

नियमित उड़ान शुरू होने में पांच मकान आड़े आ रहे हैं। जिनका हमें अधिग्रहण करना है। हमें डीजीसीए जल्द ही छह महीने का टेम्प्रेरी लाइसेंस दे रहा है। इसी दौरान हम पांचों मकानों का अधिग्रहण कर लेंगे। इसके बाद नैनीसैंणी हवाई पट्टी से नियमित उड़ान हो जाएगी।
प्रकाश पंत, वित्तमंत्री उत्तराखण्ड

जब प्रदेश में हमारी सरकार थी तब सभी औपचारिकताएं पूरी हो चुकी थीं। हमने विमान लैंडिंग की तिथि भी घोषित कर दी थी। लेकिन भाजपा के ही कुछ नेताओं ने नागरिक उड्डयन मंत्रालय को आपत्तियां भेज दी। आज भी वही आपत्तियां निस्तारित ना होने के कारण हवाई सेवा शुरू नहीं हो पाई है। रही बात तीन मकानों के बाधा बनने की, तो वह सिर्फ एक बहाना मात्र है सरकार का।
मयूख महर, पूर्व विधायक पिथौरागढ़

अभी हमें आगे से निर्देश नहीं मिले हैं। निर्देश मिलते ही हवाई उड़ान शुरू करा दी जाएगी।
सी रविशंकर, जिलाधिकारी पिथौरागढ़

हमारे पास पुलिस फोर्स की कमी है। फिलहाल विमान उड़ने की संभावना नहीं है जिसके चलते हमने अपने जवानों को वापस बुला लिया है।
आरपी राजगुरु, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक पिथौरागढ़

अभी हमारी कंपनी को नागरिक उड्डयन मंत्रालय का लाइसेंंस नहीं मिला है। लाइसेंस मिलते ही हमारे विमान लैंडिंग करने लगेंगे।
रोहित माथुर, सीईओ हैरिटेज एविएशन

You may also like

MERA DDDD DDD DD