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Uttarakhand

‘आप’ ने बढ़ाई राष्ट्रीय दलों की चिंता

उत्तराखण्ड विधानसभा चुनाव से पूर्व पहली बार हल्द्वानी पहुंचे आप पार्टी के संयोजक और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल का कुमाऊं दौरा जहां आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ता को उत्साहित करने वाला रहा, वहीं भाजपा-कांग्रेस के माथे पर शिकन पैदा कर गया। धीरे-धीरे उत्तराखण्ड में पैर जमाने की रणनीति के चलते केजरीवाल विपक्षी पार्टियों के असंतुष्टों को इशारों में ही संदेश भी दे गए

उत्तराखण्ड विधानसभा चुनाव के नजदीक आते ही प्रदेश में राजनीतिक दंगल की शुरुआत हो चुकी है। साथ ही शुरू हो चुका है राजनीतिक यात्राओं और रैलियों का दौर। इन राजनीतिक सक्रियताओं में जहां कांग्रेस, भाजपा और आम आदमी पार्टी सक्रिय दिखाई दे रही है, वहीं समाजवादी पार्टी, बहुजन समाज पार्टी और उत्तराखण्ड क्रांति दल सहित अन्य राजनीतिक शक्तियां फिलहाल पार्श्व में नजर आ रही हैं। एक तरफ भारतीय जनता पार्टी ‘जन आशीर्वाद यात्रा’ के माध्यम से जनता के बीच आकर अपने पिछले साढ़े चार साल की उपलब्धियां गिना रही है तो कांग्रेस ‘परिवर्तन यात्रा’ और रैलियों के माध्यम से सरकार की कथित नाकामियों को उजागर कर जनता से अपने लिए एक अवसर मांग रही है। सपा, बसपा और उत्तराखण्ड क्रांति दल की निष्क्रियता ने जो एक खाली जगह छोड़ी है उसे भरने की भरपूर कोशिश आम आदमी पार्टी कर रही है।

उत्तराखण्ड में सत्तर सीटों पर चुनाव लड़ने की तैयारी कर रही आम आदमी पार्टी पूरे तौर पर चुनावी मैदान में सक्रिय हो गई है। आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल राजधानी देहरादून के बाद 19 सितंबर को तिरंगा यात्रा के लिए कुमाऊं के प्रवेश द्वार हल्द्वानी पहुंचे। हल्द्वानी से कुमाऊं में अपने चुनाव अभियान का आगाज करने पहुंचे अरविंद केजरीवाल अपने कार्यकर्ताओं में जोश भरने के साथ विरोधी राजनीतिक दलों के लिए चुनौती खड़ी कर गये। जिस प्रकार हल्द्वानी में विशाल प्रदर्शन के माध्यम से आम आदमी पार्टी ने अपने चुनावी अभियान की शुरुआत की है उसने राजनीतिक दलों के कान खड़े कर दिए हैं। केजरीवाल के हल्द्वानी दौरे के बाद भाजपा और कांग्रेस के अंदर से जिस प्रकार प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं उससे पता चलता है कि कांग्रेस-भाजपा के लिए आम आदमी पार्टी और केजरीवाल को नजरअंदाज करना आसान नहीं होगा। हल्द्वानी पहुंचने पर केजरीवाल ने युवाओं की ओर विशेष ध्यान देते हुए घोषणा की कि उत्तराखण्ड में आम आदमी पार्टी की सरकार आने पर छह माह में एक लाख नौकरी, बेरोजगारों को पांच हजार रुपया भत्ता और राज्य के 80 प्रतिशत रोजगारों में उत्तराखण्ड के युवाओं को प्राथमिकता दी जाएगी। 300 यूनिट तक मुफ्त बिजली देने की देहरादून में घोषणा के बाद ‘केजरीवाल की दूसरी गारंटी’ के नाम से बहुप्रचारित कार्यक्रम आप कार्यकर्ताओं का जोश बढ़ाने की दृष्टि से सफल साबित हुआ।

अरविंद केजरीवाल ने हल्द्वानी के दौरे में उत्तराखण्ड के सभी संवेदनशील मुद्दों को छूते हुए वादा किया कि आम आदमी पार्टी की सरकार बनते ही उत्तराखण्ड की दुर्दशा जो इक्कीस साल में हुई है उसे हम इक्कीस महीने में दुरूस्त कर देंगे। केजरीवाल के सामने हल्द्वानी में भी कई सवाल थे जिनका जवाब उन्होंने अपनी दिल्ली की सरकार के कामों की सफलता का उदाहरण देकर दिया। उन्होंने कहा अवसर दीजिए जैसे दिल्ली की घाटे की अर्थव्यवस्था को बिना टैक्स बढ़ाए सुधार दिया और आज दिल्ली में 73 प्रतिशत से अधिक लोग निःशुल्क बिजली, स्कूलों की सुधरती दशा और अन्य जनहित की योजनाओं का लाभ पा रहे हैं उसी प्रकार हम उत्तराखण्ड का कायाकल्प कर देंगे। उन्होंने कहा जब दिल्ली को हम बदल सकते हैं तो उत्तराखण्ड को क्यों नहीं बदला जा सकता। अपनी पार्टी को नेताओं की नहीं आम आदमी की पार्टी बताते हुए अरविंद केजरीवाल ने कहा राजनीति से हटकर ईमानदारी से कार्य करना हमारा फर्ज है। उन्होंने उत्तराखण्ड के विधानसभा चुनावों को साधारण चुनाव न मानकर एक ऐसे आंदोलन के रूप में देखने की अपील की जो किसी की वाहक बन सकती है। उन्होंने कहा आज तक की सरकारों ने उत्तराखण्ड की जनता से सिर्फ राजनीतिक रिश्ता रखा जबकि आम आदमी पार्टी राजनीति से दूर सिर्फ जनता की सोचती है। युवाओं पर फोकस करते हुए अरविंद केजरीवाल जिस प्रकार युवाओं के लिए घोषणाएं की उससे लगता है कि आम आदमी पार्टी का मुख्य फोकस युवाओं और महिला मतदाताओं में रहेगा। आम आदमी पार्टी के मुख्यमंत्री पद के लिए घोषित चेहरा कर्नल अजय कोठियाल ने युवा वर्ग के पलायन का जिक्र करते हुए कहा कि पहाड़ के युवाओं में सभी योग्यता होने के बावजूद राज्य में बेरोजगारों की लंबी फौज खड़ी है। आम आदमी पार्टी इन युवाओं के सपनों को पूरा करेगी।

उत्तराखण्ड विधानसभा चुनाव से पूर्व मुख्यमंत्री के रूप में पहली बार हल्द्वानी पहुंचे आप पार्टी के संयोजक और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल का कुमाऊं का दौरा जहां आम आदमी पार्टी के कैडर को उत्साहित कर गये वहीं विपक्षी पार्टियों के माथे पर शिकन पैदा कर गया। धीरे-धीरे उत्तराखण्ड में पैर जमाने की रणनीति के चलते केजरीवाल विपक्षी पार्टियों के असंतुष्टों को इशारों में ही संदेश भी दे गए। दूसरी पार्टियों के ईमानदार लोगों के आप में स्वागत की बात कह वो विपक्षी दलों में सेंधमारी की संभावना की ओर इशारा करते नजर आए। उत्तराखण्ड की राजनीति भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस के ईद-गिर्द ही घूमती रही है। उत्तराखण्ड बनने के बाद से ही राज्य की राजनीति में भाजपा और कांग्रेस का वर्चस्व रहा है। राज्य आंदोलन के दौरान सक्रिय रही क्षेत्रीय ताकतें हाशिए पर चली गईं। खासकर पहले एक दो चुनावों को छोड़ दें तो उत्तराखण्ड क्रांति दल ने जिस प्रकार अपनी जमीन खोई उसने क्षेत्रीय आकांक्षाओं को एक हद तक नुकसान पहुंचाया है। भाजपा और कांग्रेस का कोई सशक्त विकल्प न होने के चलते उत्तराखण्ड राज्य की जनता राष्ट्रीय दलों की ओर ही रुख करती रही है।
राजनीतिक विश्लेषक मानते हैं कि उत्तराखण्ड में राष्ट्रीय दलों के इतर अन्य राजनीतिक शक्तियों के लिए जगह है और जनता ने विकल्प मिलने पर उन्हें चुना भी है। इसी खाली स्थान में आम आदमी पार्टी अपनी जगह तलाश रही है। अगर आम आदमी पार्टी अपने इस प्रयास में सफल रही तो क्षेत्रीय दलों खासकर उत्तराखण्ड क्रांति दल के वजूद को ही खतरा पैदा हो सकता है।

हल्द्वानी में केजरीवाल के दौरे के बाद जिस प्रकार भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस के अंदर से तीव्र प्रतिक्रियाएं उभरी हैं उससे जाहिर होता है कि आम आदमी पार्टी का भय इन दलों के भीतर भी है। जहां कांग्रेस प्रवक्ता दीपक बल्यूटिया ने केजरीवाल पर प्रलोभन देकर राज्य की सत्ता हथियाने का प्रयास करने का आरोप लगाया। वहीं भाजपा के पूर्व प्रदेश प्रवक्ता डॉ ़ अनिल डब्बू ने आरोप लगाया कि उत्तराखण्ड की राजनीति से नावाकिफ केजरीवाल जनता को गुमराह कर रहे हैं। हालांकि केजरीवाल की तिरंगा यात्रा अन्य राजनीतिक दलों की यात्राओं की तरह गुटबाजी से अछूती नहीं रही। विभिन्न क्षेत्रों से आए दावेदार अपनी दावेदारी को पुख्ता करने के लिए अपने सैकड़ों समर्थकों एवं लाव-लश्कर के साथ शक्ति प्रदर्शन करते नजर आए। कुल मिलाकर आप पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल का हल्द्वानी दौरा उत्तराखण्ड की राजनीति के एक नई दिशा की तरफ इशारा करने के साथ ही भाजपा-कांग्रेस तथा अन्य क्षेत्रीय दलों को अपनी रणनीति पर पुनर्विचार के लिए मजबूर कर गया।

बात अपनी-अपनी
आप हमें दिल्ली जैसा समर्थन दीजिए हम आपकी आकांक्षाओं को पूरा करेंगे। पिछले 21 सालों में उत्तराखण्ड की जो दुर्दशा भाजपा-कांग्रेस ने की है उसे 21 माह में दुरूस्त करेंगे।
अरविंद केजरीवाल, राष्ट्रीय संयोजक आम आदमी पार्टी

आम आदमी पार्टी सत्ता में आने के लिए प्रलोभन दे रही है। जिनसे दिल्ली नहीं संभल रही है। वो अब उत्तराखण्ड की जनता को गुमराह करने आ रहे हैं।
दीपक बल्यूटिया प्रदेश प्रवक्ता, उत्तराखण्ड कांग्रेस

अरविंद केजरीवाल झूठे वादे कर जनता को गुमराह कर रहे हैं जो दिल्ली में अपने वादों पर अमल नहीं कर पाये वो उत्तराखण्ड की जनता को भरमाने के लिए झूठे वादों की झड़ी लगा रहे हैं। झूठे वादे करने वालों और भ्रष्ट नेताओं को उत्तराखण्ड की जनता हमेशा के लिए प्रदेश से बाहर कर देगी।
डॉ. अनिल कपूर ‘डब्बू’, पूर्व प्रदेश प्रवक्ता, भाजपा

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