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अब बोल्ट को मात देगा शमशेर !

भारत में प्रतिभाओं की कमी नहीं है।जरुरत है तो सिर्फ उन्हें मंच प्रदान करने की। ऐसा ही एक उभरता हुआ सितारा है  मध्य प्रदेश का जो  शिवपुरी जिले का  रहने वाला है। इस उभरते हुए सनसनी का  नाम है रामेश्वर गुर्जर जो नंगे पैर आंधी की रफ़्तार से दौड़ता है।

 
उसकी इस नंगे पैर दौड़ने वाली वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो चुका है,वहीं रामेश्वर गुर्जर जिसके पास पर्याप्त साधन न होने के बाबजूद भी वह विश्व के सबसे तेज धावक उसेन बोल्ट के रिकॉर्ड को तोड़ने का हौसला  दिखा रहा है।
रामेश्वर उर्फ दरोगा उस समय चर्चा में आया जब रामेश्वर का एक वीडियो किसी ने सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया , जिसमें रामेश्वर 11 सेकंड में 100 मीटर की दौड़ पूरी करता दिख रहा है। इस वीडियो की पुष्टि भी खुद रामेश्वर ने की है उन्होंने बताया कि वायरल वीडियो उसी का है और वह इस बात की हिम्मत रखता है कि वो देश के लिए एक नया रिकॉर्ड बना सकता है। रामेश्वर का कहना के कि उसकी माली हालत ठीक न होना उसकी राह में रोड़ा बना हुआ है। यदि सरकार का सहयोग मिले तो वो देश का नाम रोशन करने में पीछे नहीं हटेंगे।
इस वीडियो ने देश के साथ-साथ  पूरे राज्य  और  केंद्र सरकार के खेल और युवा कल्याण मंत्री किरेन रिजिजू  और पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान का भी ध्यान अपनी ओर खींचा है।

सोशल मीडिया के माध्यम से सुर्खियां बटोरने वाले मध्य प्रदेश के धावक रामेश्वर गुर्जर ने उम्मीद जताई कि अगर उन्हें सही प्रशिक्षण मिला तो वह जमैका के स्टार घावक उसैन बोल्ट के रिकॉर्ड को तोड़ देंगे।सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में महज 19 साल का यह धावक 100 मीटर की दौड़ नंगे पांव दौड़ते हुए 11 सेकेंड में पूरी करते हुए दिख रहा है।  हैं। वह राज्य के शिवपुरी जिले के नरवार गांव के किसान परिवार से आते हैं।

वीडियो को देखने के बाद राज्य के खेल मंत्री जीतू पटवारी ने उन्हें भोपाल बुलाया था। गुर्जर ने 17 अगस्त  को भोपाल में मंत्री से मुलाकात की। इस मुलाकात के बाद उन्होंने पत्रकारों से कहा, ‘उसेन बोल्ट ने रिकार्ड 9.58 सेकेंड में 100 मीटर की दौड़ को पूरा किया था। मुझे उम्मीद है कि सुविधाएं और उचित प्रशिक्षण मिलने के बाद मैं उस रिकार्ड को तोड़ दूंगा।’वह सेना से जुड़ने के लिए पिछले छह महीने से 100 मीटर की दौड़ का अभ्यास कर रहे हैं लेकिन लंबाई कम होने के कारण उनका चयन नहीं हुआ। उन्होंने कहा, ‘पहले मैं 100 मीटर की दौड़ को 12 सेकेंड से अधिक समय में पूरा करता था लेकिन छह महीने के अभ्यास के बाद मैं इसे 11 सेकेंड में पूरा कर पा रहा हूं।’

इसी बीच केन्द्रीय खेल मंत्री कीरेन रिजिजू ने गुर्जर को मदद का भरोसा दिया। इससे पहले 16 अगस्त  को राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज चौहान ने ट्विटर पर उनका वीडियो साझा करते हुए रीजीजू को टैग कर लिखा था, ‘भारत प्रतिभाशाली व्यक्तियों से भरा हुआ है। जरूरत है उन्हें सही अवसर और मंच देने की, वे देश के लिए इतिहास रच सकते हैं। भारतीय खेलों और रीजीजू जी से इस एथलीट के कौशल को निखारने में मदद की मांग करता हूं।’रिजिजू ने उन्हें जवाब देते हुए ट्वीट किया, ‘शिवराज जी किसी को बोलिए कि उसे मेरे पास लेकर आये। मैं किसी एथलेटिक्स अकादमी में उसका दाखिला करवाउंगा।’
गुर्जर भोपाल में मध्यप्रदेश राज्य खेल अकादमी में ट्रायल और परीक्षण दे सकते हैं। पटवारी ने उन्हें प्रशिक्षण और दूसरी सुविधाएं देने का भरोसा दिया। उन्होंने कहा, ‘ग्रामीण प्रतिभाओं का चयन राज्य ओलंपिक के जरीये किया जाएगा और खेल अकादमी में उन्हें सभी सुविधाएं दी जाएंगी।’
गुर्जर ने कक्षा 10 तक की पढ़ाई की है और परिवार की खराब आर्थिक स्थिति के कारण वह आगे की पढ़ाई जारी नहीं रख सके। बोल्ट ने 2009 में 9.58 सेकेंड में 100 मीटर दौड़ पूरी करते हुए रिकार्ड बनाया था। भारतीय एथलेटिक्स महासंघ की वेबसाइट के मुताबिक भारतीय रिकार्ड अमिय कुमार मलिक के नाम है जिन्होंने 2016 में 10.26 सेकेंड का समय लिया था।

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