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जाली मुद्रा का बढ़ता कारोबार

 

रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया की हालिया रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले एक साल में करेंसी इन सर्कुलेशन में जाली नोटों की वृद्धि बढ़ती ही जा रही है। चलन में आ रहे 500 व 2000 रुपए के जाली नोटों में काफी वृद्धि दर्ज की गई है। आरबीआई ने कहा कि वित्त वर्ष 2021-22 में देश में करेंसी इन सर्कुलेशन में जाली नोटों की संख्या में भारी बढ़ोतरी हुई है। जिसके चलते भारतीय अर्थव्यवस्था पर इसके बुरे प्रभाव देखे जा सकते हैं।

 

आरबीआई के द्वारा दिए गए आंकड़ों के मुताबिक वित्त वर्ष 2020-21 में 500 रुपए के जाली नोट में 102 फीसदी, 2000 रुपए के नोट में 54 फीसदी, 10 रुपए के नोट में 16.4 फीसदी, 20 रुपए के नोट में 16.5 फीसदी, 200 रुपए 11.7 फीसदी की बढ़ोत्तरी देखी गई है। इसी के साथ 50 और 100 रुपए के जाली नोटों में गिरावट भी दर्ज की गई है। 50 रुपए के जाली नोटों की संख्या में सालाना आधार पर 28.7 फीसदी की और 100 रुपए के नोट में 16.7 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई है।

कैसे करें पहचान

भारतीय रिजर्व बैंक यानी आरबीआई के मुताबिक, 500 रुपए के असली नोट की पहचान की जा सकती है। केंद्रीय बैंक के मुताबिक, 500 रुपए के नोट की सीधी तरफ 500 अंक देवनागरी में लिखा होता है। इसके अलावा बीच में महात्मा गांधी की तस्वीर मौजूद होती है। इसमें माइक्रो लेटर में भारत और इंडिया भी लिखा रहता है। इसमें भारत और इंडिया के पास रंग बदलने वाला सिक्योरिटी धागा भी होता है। नोट को झुकाने पर इस सिक्योरिटी थ्रेड का रंग हरे से नीले में बदल जाएगा, जिससे आपको पता चल जाएगा कि नोट असली है। इसके अलावा नोट के आगे की तरफ गारंटी क्लॉज और गवर्नर का हस्ताक्षर प्रॉमिज क्लॉज के साथ मौजूद होता है। महात्मा गांधी की तस्वीर के दायीं तरफ आरबीआई का चिन्ह भी दिखाई देता है।

इसके साथ नोट की दूसरी तरफ उसकी छपाई का साल दिया होता है। पिछली तरफ में, स्लोगन के साथ स्वच्छ भारत का लोगो भी मौजूद होता है। यहां लैंग्वेज पैनल भी देखा जा सकता है। इसके साथ लाल किले का मोटिफ भी मौजूद होता है। यहां भी 500 अंक देवनागरी में लिखा होता है।

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