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जयंती विशेष: कांग्रेस की पहली महिला अध्यक्ष जिन्हें कहा जाता है ‘नाइटेंगल ऑफ इंडिया’

जयंती विशेष: कांग्रेस की पहली महिला अध्यक्ष जिन्हें कहा जाता है 'नाइटेंगल ऑफ इंडिया'

सरोजिनी नायडू जिन्हें  ‘नाइटेंगल ऑफ इंडिया’ के नाम से भी जाना जाता है आज उनकी 140वीं जयंती है। 13 फरवरी, 1879 को श्रीमती नायडू का जन्म हैदराबाद में हुआ था। सरोजिनी नायडू ‘इंडियन नेशनल कांग्रेस’ की पहली महिला अध्यक्ष थीं। यही नहीं वो भारतीय राज्य (गवर्नर ऑफ यूनाइटिड प्रोविनस, अब उत्तर प्रदेश) की पहली महिला गर्वनर भी बनीं। उन्होंने राज्यपाल के पद को स्वीकार करते हुए कहा, “मैं अपने को क़ैद कर दिए गए जंगल के पक्षी’ की तरह अनुभव कर रही हूँ।” लेकिन वह प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू की इच्छा को टाल न सकीं जिनके प्रति उनके मन में गहन प्रेम और स्नेह था। इसलिए वह लखनऊ में जाकर बस गईं और वहाँ सज्जनता और गौरवपूर्ण व्यवहार के  साथ अपने राजनीतिक कर्तव्यों को निभाया।

महात्मा गाँधी ने दी थी ‘भारत कोकिला’ की उपाधि 

सरोजिनी नायडू की सुरीली आवाज की वजह से महात्मा गाँधी ने उन्हें ‘भारत कोकिला’ की उपाधि दी थी। राज्यपाल राम नाईक ने यूपी की पूर्व राज्यपाल सरोजिनी नायडू की जयंती के अवसर पर जिलाधिकारी आवास के सम्मुख सरोजिनी नायडू पार्क स्थित उनकी नवनिर्मित प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। राज्यपाल ने श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि सरोजिनी नायडू एक विदुषी महिला थीं।

कैसर-ए-हिन्द’ के सम्मान से नवाजा था अंग्रेजों ने

सरोजिनी नायडू हिन्दी, अंग्रेजी, गुजराती और बांग्ला भाषा का अच्छा ज्ञान था। उन्होंने कहा कि सरोजिनी नायडू की अपनी एक प्रभावी वक्तव्य कला थी। उन्‍हें अंग्रेजों ने ‘कैसर-ए-हिन्द’ के सम्मान से नवाजा था। लेकिन जलियांवाला बाग हत्याकांड से परेशान होकर उन्होंने इस सम्‍मान को वापस कर दिया था।

भारत छोड़ो’ आंदोलन के नेताओं में से एक थीं  नायडू 

नायडू भारत के महिला आंदोलन से सक्रिय रूप से जुड़ी हुई थीं। उन्होंने भारतीय विद्यार्थियों के हितों को भी आगे बढ़ाया। साल 1923-29 तक वो बॉम्बे म्यूनिसिपल कार्पोरेशन की सदस्य रहीं और वो ‘भारत छोड़ो आंदोलन’ के नेताओं में से एक थीं। श्रीमती एनी बेसेंट की प्रिय मित्र और गाँधीजी की प्रिय शिष्या सरोजिनी नायडू ने अपना सारा जीवन देश के लिए अर्पण कर दिया। 2 मार्च, 1949 को उनका देहांत हो गया था।

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