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आपका स्मार्टफोन कर रहा है आपकी जासूसी, 20 ऐप्स के जरिए हो रही है डाटा चोरी

आपका स्मार्टफोन कर रहा है आपकी जासूसी, 20 ऐप्स के जरिए हो रही है डाटा चोरी

आज का समय ऐसा है जहां सभी के पास एंड्रॉयड फोन है। एंड्रॉयड फोन के कारण हम घर बैठे सभी सुविधाओं का आनंद लेते हैं। दूर बैठे अपनों से बातचीत के साथ वीडियो कॉल कर पास होने का महसूस करते हैं। शॉपिंग से लेकर घर बैठे सब्जी-फल तक खरीद पाते हैं।

एंड्रॉयड फोन ने हमारी भागती जिंदगी को आराम दे रही है। लेकिन क्या आपको पता है आपका ये स्मार्टफोन आपकी जासूसी कर रहा है। आपके पल-पल की खबर उनके पास है। अगर नहीं मालूम तो जानिए की कैसे स्मार्टफोन हमारी ज़िंदगी की ख़ुशी को अँधेरा करने की साजिश रच रही है।

दरअसल, स्मार्टफोन यूजर्स की जासूसी का बड़ा मामला सामने आया है। यहां सिर्फ iPhone की बात नहीं हो रही है। iPhone के अलावा एंड्रॉयड स्मार्टफोन यूजर्स के डेटा भी चोरी की जा रही है। आपको बता दें कि इस डेटा चोरी में वर्चुअल प्राइवेट नेटवर्क (VPN) और मोबाइल ऐड ब्लॉकिंग ऐप्स का इस्तेमाल हो रहा है।

डाटा चोरी करने वाले 20 ऐप्स की पहचान

रिसर्चर्स ने 20 ऐप्स की पहचान की है। इन ऐंड्रॉयड फोन यूजर्स की जासूसी करने वाले ऐप्स को Sensor Tower ने डिवेलप किया है। ये बाकी ऐप की तरह ही होता है। दूसरे सभी ऐप की तरह ये भी काम करता है। लेकिन ये ऐप स्मार्टफोन की ऐक्टिविटी पर नजर रखते हैं।

बजफीड न्यूज की एक रिपोर्ट के मुताबिक, इन Sensor Tower app को देशभर में 3.5 करोड़ से ज्यादा बार डाउनलोड किया गया है। ये ऐप्स एंड्रॉयड और IOS डिवाइस से भेजते हैं और रिसीव किए जाने वाले डेटा को ऐक्सेस कर ऐप डिवेलपर तक भेज जाता है।

ये फर्जी ऐप यूजर्स को एक थर्ड पार्टी रूट सर्टिफिकेट इंस्टॉल करने के लिए मना लेते हैं, ताकि गूगल प्ले और ऐपल ऐप स्टोर की सिक्यॉरिटी में सेंधमारी कर यूजर्स की जासूसी की जा सके।

रिसर्चर्स ने ऐप को ब्लैकलिस्ट किया है। इन्हीं ब्लैकलिस्ट ऐप यूजर्स की जानकारी में आए उनकी प्राइवेट वेब ऐक्टिविटी को ट्रैक करते थे। बजफीड ने रिपोर्ट में कहा कि ये ऐप यूजर्स को यह भी नहीं पता चलने देते थे उन्हें सेंसर टॉवर ने डिवेलप किया है।

ऐप अभी भी गूगल और ऐपल ऐप स्टोर में मौजूद

इनमें से कई ऐप अभी भी गूगल प्ले स्टोर और ऐपल ऐप स्टोर पर मौजूद हैं। रिसर्चर्स ने जिन ऐप्स की पहचान की है उनमें ऐड ब्लॉक फोकस, ऐडब्लॉक वाई-फाई, ऐडब्लॉक मोबाइल, मोबाइल डेटा, हॉटस्पॉट वीपीएन, फ्री ऐंड अनलिमिटेड वीपीएन, वाई-फाई बूस्टर, लूना और ऐड टर्मिनेटर भी शामिल हैं।

हालांकि, बजफीड की रिपोर्ट के आते ही गूगल और ऐपल इन ऐप्स के खिलाफ ऐक्शन लेना शुरू कर दिया है। गूगल और ऐपल ने अपने-अपने ऐप स्टोर से अब लगभग सभी ऐप्स को हटा दिया है। उन ऐप्पो की जांच शुरू कर दी है जिससे यूजर्स की जासूसी की जा रही थी।

इस बात की जानकारी बजफीड के क्रेग सिल्वरमैन ने दी है कि ऐपल ने ऐप स्टोर से Senser Tower से 13 और गूगल ने प्ले स्टोर से एक फर्जी ऐप को हटा दिया है। वहीं Senser Tower के रैंडी नेल्सन ने बजफीड को बताया है कि उनकी कंपनी के ऐप्स ने कभी भी यूजर्स के डेटा की चोरी नहीं की।

उन्होंने कहा, “हम ऐप स्टोर्स की गाइलाइन्स को गंभीरता से फॉलो करते हैं। अगर इन ऐप स्टोर्स की प्रिवेसी पॉलिसी में कोई बदलाव होता है तो हम उसे भी ध्यान में रखते हैं।” नेल्सन ने यह भी कहा है कि बजफीड की रिपोर्ट में जिन ऐप्स का नाम लिया गया है, उन्हें वोपहले ही हटाया जा चुके थे।

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