भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) की सीनियर चयन समिति ने वेस्टइंडीज और इस साल के अंत में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ होने वाली दोनों टी-20 सीरीज के लिए 16 सदस्यीय दो टीमों की घोषणा कर दी है। अनुभवी विकेट कीपर बल्लेबाज महेंद्र सिंह धौनी को इन दोनों ही टीमों में जगह नहीं दी गई है। वेस्टइंडीज के खिलाफ विराट कोहली को आराम दिया गया है। इस दौरान टीम की कमान रोहित शर्मा के हाथों में होगी, वहीं दोनों सीरीज से धोनी का नाम गायब है।
महेंद्र सिंह धोनी पिछले काफी समय से रनों के लिए संघर्ष करते दिखाई दे रहे हैं, इंग्लैंड दौरे के दौरान वह धीमी गति से रन बना पा रहे थे। इसके बाद एशिया कप में भी उनका बल्ला शांत रहा, जबकि विशाखापत्तनम वनडे में भी वह महज 20 रन और मुंबई में 22 रन बनाकर आउट हो गए थे। शायद यही वजह है कि उन्हें टी-20 टीम से बाहर किया गया है और धोनी की जगह ऋषभ पंत को विकेट कीपर के तौर पर टीम में शामिल किया गया, दिनेश कार्तिक भी टीम में जगह बनाने में सफल रहे हैं। वेस्टइंडीज के खिलाफ शाहबाज नदीम का चयन किया गया है। हालांकि ऑस्ट्रेलिया के लिए टीम में उनका नाम नहीं है।
कप्तान विराट कोहली को चार नवंबर से वेस्टइंडीज के खिलाफ शुरू होने वाली तीन मैचों की टी-20 सीरीज के लिए आराम दिया गया है। कोहली की गैरमौजूदगी में रोहित शर्मा टीम की अगुवाई करेंगे। हालांकि कोहली इस साल के अंत में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ होने वाली चार मैचों की टेस्ट सीरीज में वापसी करेंगे।
बीसीसीआई की चयन समिति ने इस अहम दौरे के लिए 18 सदस्यीय टीम का भी चयन किया है। कोहली ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ तीन मैचों की टी-20 सीरीज में भी टीम की अगुआई करेंगे। साथ ही केदार जाधव को वेस्टइंडीज के खिलाफ जारी पांच मैचों की वनडे सीरीज के अंतिम दो मैचों के लिए टीम में शामिल किया गया था।
चौंकाने वाली बात यह है कि टी-20 टीम में एमएस धोनी को शामिल नहीं किया गया है। देश को पहला टी-20 विश्व कप दिलाने वाले कप्तान महेंद्र सिंह धोनी को टी-20 टीम में नहीं चुना गया। धोनी के हालिया फार्म पर कई सवाल उठ रहे थे। चयन समिति ने धोनी की लड़खड़ाती फार्म को देखकर ही यह फैसला लिया है। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टेस्ट टीम में चयनकर्ताओं ने रोहित शर्मा को भी मौका दिया है। दूसरे विकेटकीपर के रूप में पार्थिव पटेल एक बार फिर टीम में आए हैं। वेस्टइंडीज सीरीज से बाहर हुए मुरली विजय की भी टीम में वापसी हुई है।
टेस्ट टीम में एक हैरानी वाली बात यह है कि वेस्टइंडीज के खिलाफ दो टेस्ट मैचों की सीरीज के लिए चुने गए सलामी बल्लेबाज मयंक अग्रवाल को बिना एक भी मैच में मौका दिए बाहर कर दिया गया है। पृथ्वी शॉ टीम में बने हुए हैं। मयंक को शॉ के साथ घरेलू टेस्ट सीरीज में शामिल किया गया था, लेकिन उन्हें एक भी मैच खेलने का मौका नहीं मिला। वहीं टी-20 टीम में हार्दिक पांड्या के भाई कुणाल पांड्या को जगह मिली। टी-20 टीम में श्रेयस अय्यर और खलील अहमद को भी चुना गया है। धोनी के स्थान पर टीम में दिनेश कार्तिक को ऋषभ पंत के साथ दूसरे विकेटकीपर के तौर पर चुना गया है। ऑफ स्पिनर वाशिंगटन सुंदर को चुना गया है।

टी-20 सीरीज के लिए टीम

रोहित शर्मा (कप्तान), शिखर धवन, केएल राहुल, दिनेश कार्तिक, मनीष पांडे, श्रेयस अय्यर, ऋषभ पंत (विकेटकीपर), कुणाल पांड्या, वाशिंगटन सुंदर, युजवेंद्र सिंह चहल, कुलदीप यादव, भुवनेश्वर कुमार, जसप्रीत बुमराह, खलील अहमद, उमेश यादव, शाहबाज नदीम।

टी-20 से बाहर धोनी

वेस्टइंडीज और ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टी-20 सीरीज के लिए भारतीय टीम की घोषणा के बाद सबसे बड़ी चौंकाने वाली बात ये है कि महेंद्र सिंह धोनी का चयन नहीं हुआ है। मौजूदा समय में भारत और वेस्टइंडीज के बीच वनडे सीरीज खेली गई, इस सीरीज के बाद तीन टी-20 मैचों की सीरीज चार नवंबर से खेली जानी है। इसके बाद टीम ऑस्ट्रेलिया दौरे पर जाएगी जहां दौरे की शुरुआत टी-20 सीरीज के साथ होगी। इस सीरीज से भी धोनी का नाम गायब है ऐसे में स्टार क्रिकेटर महेंद्र सिंह धोनी को वेस्टइंडीज और ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टी-20 सीरीज में शामिल नहीं किए जाने से क्रिकेट जगत में एक नई बहस शुरू हो गई है। कई क्रिकेट जानकारों ने सेलेक्टर्स के फैसले को सही बताया है, जबकि कुछ दिग्गजों का मानना है कि सेलेक्शन कमिटी को एमएस धोनी जैसे खिलाड़ी को ड्रॉप नहीं करना चाहिए था, जिनका भारतीय क्रिकेट में बहुत बड़ा योगदान है।
भारतीय क्रिकेट टीम को आईसीसी के तीन बड़े टूर्नामेंट में चैंपियन बनाने वाले पूर्व कप्तान  महेंद्र सिंह धोनी को अब उसी हालात का सामना करना पड़ रहा है, जो उनकी कप्तानी में कई सीनियर क्रिकेटरों को करना पड़ा था। धोनी ने अपनी कप्तानी में कई सीनियर्स को परफॉर्मेंस के आधार पर टीम से बाहर करने की सिफारिश की थी। इस बात को धोनी पर बनी फिल्म में भी दिखाया गया है। क्या अब समय आ गया है कि कोहली और सेलेक्टर्स धोनी का ईमानदारी से आकलन करें?
इस साल 18 मैचों में उनका औसत 25.20  का है। उनकी स्ट्राइक 68.10 है। यही वजह है कि उनकी टी-20 से छुट्टी हो गई है और अब वह सिर्फ वनडे खेल रहे हैं। धोनी जब कप्तान थे तब उनकी कप्तानी में गौतम गंभीर, वीरेंद्र सहवाग, युवराज सिंह और हरभजन सिंह जैसे खिलाड़ियों को प्रदर्शन के आधार पर इसी तरह के हालात का सामना करना पड़ा था। हालांकि इन खिलाड़ियों ने कभी सार्वजनिक रूप से कभी कुछ खुलकर नहीं कहा। लेकिन वास्तव में धोनी की कप्तानी के तहत खराब प्रदर्शन के लिए उन्हें टीम से अंदर-बाहर होना पड़ा था और अब धोनी को अपनी उसी दवा का स्वाद मिल रहा है। टीम की घोषणा में वेस्टइंडीज और ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टी-20 टीम में धोनी को जगह नहीं दी गई है। वेस्टइंडीज के खिलाफ टी-20 सीरीज में रोहित शर्मा कप्तानी करेंगे जबकि ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टी-20 सीरीज में कोहली कमान संभालेंगे, ऐसे में कयास लगाई जा रही है कि धोनी को क्या अब रोहित और विराट ने किनारा किया है?
एक अंग्रेजी अखबार को दिए इंटरव्यू में बीसीसीआई के एक सूत्र ने बताया कि सेलेक्टर्स और टीम मैनेजमेंट ने इस पर कप्तान विराट कोहली और उपकप्तान रोहित शर्मा से भी काफी बात की जो सेलेक्शन मीटिंग में मौजूद थे। सूत्र ने कहा कि क्या आपको लगता है कि कोहली और रोहित की रजामंदी के बिना सेलेक्टर्स यह फैसला ले सकते हैं। एक अन्य सूत्र ने यह भी कहा कि टीम मैनेजमेंट के माध्यम से सेलेक्टर्स ने धोनी को सूचित कर दिया था कि अब किसी युवा विकेट कीपर को परखने का समय आ गया है। भारत ने 2007 में धोनी की कप्तानी में टी-20 विश्व कप जीता था। लेकिन क्या धोनी का टी-20 करियर खत्म हो गया है, यह एक बड़ा सवाल है।

Leave a Comment

Your email address will not be published.

You may also like