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खत्म हुआ विश्वकप का रोमांचक सफर

आईसीसी क्रिकेट विश्वकप 2019 का सफर खत्म हो चुका है। डेढ़ महीने तक चला विश्वकप नाटकीय अंदाज में मेजबान इंग्लैंड को चैंपियन बनाकर चला गया। इस दौरान कई रोमांचक मुकाबले देखने को मिले, उलटफेर हुए। कई असाधारण रिकॉर्ड बने, कई टूटे। कई खिलाड़ी अपने प्रदर्शन से इस टूर्नामेंट में चार चांद लगाकर खुद भी चमक उठे। ऐसे में बारिश ने भी क्रिकेट के साथ दो-दो हाथ किए। बल्लेबाजों ने रनवर्षा की और गेंदबाजों ने खूब गिल्लियां बिखेरी तो ऐसे युवा भी सुर्खियों में रहे जो भविष्य की बड़ी उम्मीद होंगे।

बल्लेबाजों ने अपनी बल्लेबाजी से दर्शकों का भरपूर मनोरंजन किया। फिर चाहे वो इस विश्वकप में पांच शतक लगाने वाले रोहित शर्मा हों या आईपीएल के बाद यहां पर भी धमाल मचाने वाले ऑस्ट्रेलियाई सलामी बल्लेबाज डेविड वॉर्नर हों। इससे पहले खेले गए 11 विश्वकप में केवल 8 बल्लेबाज किसी विश्वकप के एक संस्करण में 500 या उससे ज्यादा रन बनाने का कारनामा आठ खिलाड़ियों ने किया था लेकिन इस बार सात बल्लेबाजों ने इस आंकड़े को पार करके बल्ले की दबंगई साबित कर दी।
सभी ने इस विश्वकप में बल्लेबाजी के कई रिकॉर्ड ध्वस्त किए। ऐसे में उन बल्लेबाजों की बात की जानी लाजमी है, जिन्होंने विश्वकप में धमाल मचाकर अपनी टीम के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और जिन्होंने अपने बल्ले की चमक से इस विश्वकप को रोशन किया। उनमें सबसे पहले नाम आता भारत के सलामी बल्लेबाज रोहित शर्मा का।

रोहित शर्मा : भारत के विस्फोटक सलामी बल्लेबाज को इस विश्वकप के लिए याद किया जाएगा। रोहित ने विश्वकप 2019 को अपने लिए यादगार बनाते हुए पांच शतक ठोक डाले। हालांकि उन्हें मलाल होगा कि न्यूजीलैंड के खिलाफ सेमीफाइनल मुकाबले में उनका बल्ला नहीं चला और शायद यही कारण रहा कि टीम इंडिया को 18 रन से हारकर विश्वकप से बाहर होना पड़ा। हालांकि जिस तरह से रोहित ने पूरे विश्वकप में बल्लेबाजी की, उससे करोड़ों फैंस का भरपूर मनोरंजन हुआ। रोहित ने 9 पारियों में 5 शतकों की मदद से 648 रन बनाए और वो विश्वकप 2019 में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले खिलाड़ियों की सूची में पहले स्थान पर रहे। हालांकि वो सचिन तेंदुलकर के विश्वकप में बनाए गए 673 रनों के रिकॉर्ड को तोड़ने से चूक गए, लेकिन वो कुछ ऐसा कर गए कि जब-जब 2019 विश्वकप की बात की जाएगी, तो रोहित का जिक्र जरूर होगा और रोहित एक टूर्नामेंट में सर्वाधिक पांच शतक जड़ने वाले दुनिया के पहले बल्लेबाज बने।

डेविड वॉर्नर : रोहित शर्मा के बाद अगर विश्वकप 2019 में किसी बल्लेबाज ने अपने बल्लेबाजी से धमाका किया है, तो वो डेविड वॉर्नर हैं। हालांकि वॉर्नर सेमीफाइनल में इंग्लैंड के खिलाफ अपना जादू बिखेरने में असफल रहे और ऑस्ट्रेलिया विश्वकप से बाहर हो गया। वॉर्नर ने पूरे विश्वकप में आईपीएल वाला फॉर्म जारी रखा और 10 मैचों में 647 रन बनाकर विश्वकप 2019 में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाजों की लिस्ट में दूसरे नंबर पर रहे। वॉर्नर के पास रोहित से आगे निकलने का मौका था, लेकिन वो सेमीफाइनल में ज्यादा लंबी पारी नहीं खेल पाए और सिर्फ एक रन से चूक गए।

शाकिब अल हसन : इस बांग्लादेशी ऑलराउंडर ने अपने शानदार प्रदर्शन से क्रिकेट प्रेमियों से खूब वाहवाही लूटी। शाकिब ने पूरे विश्वकप में लाजवाब प्रदर्शन जारी रखा और ये शाकिब ही थे जिनकी बदौलत बांग्लादेशी टीम लीग स्टेज के अंतिम पड़ाव तक सेमीफाइनल खेलने का सपना देख रही थी। हालांकि टीम के बाकी खिलाड़ियों का साथ ना मिल पाने के कारण शाकिब बांग्लादेश को सेमीफाइनल में नहीं ले जा सके। ये विश्वकप उनके लिए किसी सुनहरे सपने से कम नहीं रहा। शाकिब ने पूरे विश्वकप में बल्ले और गेंद से लाजवाब प्रदर्शन करते हुए 8 मैचों में 606 रन बनाने के अलावा 11 विकेट भी हासिल किए। इस प्रदर्शन के साथ, वो ‘मैन ऑफ द टूर्नामेंट’ के अवॉर्ड के लिए सबसे मजबूत दावेदारों में से एक थे। इसके अलावा 600 रन और दस से ज्यादा विकेट विश्वकप में लेने वाले शाकिब पहले खिलाडी बने।

केन विलियमसन : अगर न्यूजीलैंड की टीम विश्वकप के फाइनल में पहुंची तो उसका ज्यादातर श्रेय कप्तान केन विलियमसन को जाना चाहिए। विलियमसन की कप्तानी के अलावा उन्होंने बल्ले से भी टीम की कमान पूरे विश्वकप में संभाले रखी। हालांकि कीवी कप्तान फाइनल में अपने बल्ले से धमाल मचाने में असफल रहे, लेकिन पूरे विश्वकप में उन्होंने शानदार प्रदर्शन किया। विलियमसन विश्वकप 2019 में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबजों की लिस्ट में चौथे स्थान पर रहे। विलियमसन ने विश्वकप 2019 में खेले गए 10 मैचों में 578 रन बनाए। उन्हे शानदार कप्तान के साथ-साथ बल्लेबाजी के लिए टूर्नामेंट का सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी घोषित किया गया। साथ ही विलियम्सन किसी एक विश्वकप में सर्वाधिक रन बनाने वाले कप्तान बन गए हैं। विलियम्सन ने इस विश्वकप में 578 बनाने के साथ ही श्रीलंका के पूर्व कप्तान महेला जयवर्धने के किसी एक विश्वकप में बनाए गए सर्वाधिक रनों के रिकॉर्ड को तोड़ दिया है, जो कि उन्होंने 2007 के विश्वकप में 548 रन बनाए थे।

जो रूट : इंग्लैंड के बल्लेबाज जो रूट, जो इंग्लैंड की बल्लेबाजी के स्तंभ माने जाते हैं, वो न्यूजीलैंड के खिलाफ विश्वकप फाइनल में अपने बल्ले से कमाल कर पाने में असफल रहे। हालांकि रूट ने पूरे विश्वकप के दौरान इंग्लैंड की बल्लेबाजी कमान संभाले रखी और टीम को फाइनल में पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई। रूट ने फाइनल समेत कुल 11 मैच खेले और इस दौरान उनके बल्ले से 549 रन निकले जो कि विश्वकप 2019 में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाजों की सूची में पांचवें नंबर पर आता है। हालांकि रूट को मलाल होगा कि वो टीम के लिए फाइनल मुकाबले में योगदान नहीं दे पाए और शायद यही कारण रहा कि इंग्लैंड की बल्लेबाजी फाइनल में लड़खड़ा गई।

निकोलस पूरन : विंडीज के युवा बल्लेबाज मध्यक्रम में विंडीज टीम के लिए मजबूती साबित हुए उन्होंने विश्वकप में टीम के लिए एक शतक और दो अर्धशतक के साथ 367 रन बनाए। पूरन की तकनीक काफी मजबूत है। उन्हें भविष्य का मजबूत खिलाड़ी माना जा रहा है।

मिशेल स्टार्क : ऑस्ट्रेलिया के मिशेल स्टार्क आईसीसी विश्वकप-2019 में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज बने हैं। मौजूदा विजेता के तौर पर विश्वकप में कदम रखने वाली ऑस्ट्रेलिया सेमीफाइनल में इंग्लैंड से हार कर बाहर हो गई थी। स्टार्क ने ऑस्ट्रेलिया को सेमीफाइनल में पहुंचाने में अहम योगदान दिया। उन्होंने 10 मैचों में 502 रन देकर 27 विकेट अपने नाम किए।

शाहीन आफरीदी : पाकिस्तानी 19 वर्षीय युवा तेज गेंदबाज ने अपने पहले ही विश्वकप में अपने बेहतरीन प्रदर्शन से सबको प्रभावित किया। पकिस्तान को उन्हें शुरुआती मैचों में नहीं खिलाना घातक साबित हुआ। शाहीन ने केवल पांच मैचों में सोलह विकेट चटकाए और पांच जुलाई को बांग्लादेश के खिलाफ एक मैच में छह विकेट लेने का कारनामा किया। इस तरह से विश्वकप इतिहास में एक मैच में छह विकेट लेने वाले शाहीन शाह आफरीदी पहले खिलाड़ी भी बन गए।

मोहम्मद शमी : भारतीय तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी ने 22 जून को अफगानिस्तान के खिलाफ जबरदस्त प्रदर्शन किया और हैट्रिक बनाई। शमी विश्वकप इतिहास में हैट्रिक लेने वाले दूसरे भारतीय गेंदबाज बने। शमी ने टूर्नामेंट में भी बेहतरीन गेंदबाजी की और चार मैचों में चौदह विकेट झटके। उन्होंने लगातार तीन मैचों में चार या उससे अधिक विकेट लेने का कारनामा भी किया। इस विश्वकप में दूसरी हैट्रिक न्यूजीलैंड के तेज गेंदबाज ट्रेंट बोल्ट ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाह बनाई।

जोफ्रा आर्चर : 24 वर्षीय युवा ऑलराउंडर जोफ्रा आर्चर विश्वकप में इंग्लैंड के लिए तुरुप का पत्ता साबित हुए। उन्हें विश्वकप के लिए इंग्लैंड के संभावित खिलाड़ियों की सूची में शामिल नहीं किया गया था। लेकिन आईपीएल- 2019 में किए गए बेहतरीन प्रदर्शन के कारण उन्हें विश्वकप टीम में जगह दी गई थी। आर्चर ने अपने देश के लिए सर्वाधिक ग्यारह मैंचों में 20 विकेट लिए।

जसप्रीत बुमराह : दुनिया के नंबर एक भारतीय तेज गेंदबाज बुमराह ने अपनी तेज और सटीक लाइन-लैंथ से विश्वकप में धाक जमाई। पच्चीस वर्षीय बुमराह शुरुआत ही नहीं, बल्कि डेथ ओवरों में भी विपक्षी टीमों के बल्लेबाजों के लिए मुश्किलें पैदा की। बुमराह ने विश्वकप में नौ मैंचों में 18 विकेट अपने नाम किए।

फाइनल में मैन ऑफ मैच : वर्ल्ड कप 2019 फाइनल में मुश्किल परिस्थितियों में 98 गेंदों में 5 चौकों और 2 छक्कों की मदद से 84 रन की शानदार पारी खेलने वाले इंग्लैंड के बेन स्टोक्स को फाइनल में मैन ऑफ मैच चुना गया। सबसे ज्यादा रन बनाने वाला बल्लेबाजः भारत के रोहित शर्मा ने 9 मैचों में 648 रन बनाकर इस विश्वकप के सबसे कामयाब बल्लेबाज रहे। रोहित के बाद डेविड वॉर्नर (647) दूसरे और शाकिब अल हसन (606) तीसरे स्थान पर रहे।

सबसे ज्यादा विकेट : ऑस्ट्रेलिया के मिशेल स्टार्क ने 27 विकेट झटके और वह इस वर्ल्ड कप के सबसे कामयाब गेंदबाज रहे। वहीं न्यूजीलैंड के लॉकी फर्ग्युसन 21 विकेट के साथ दूसरे और जोफ्रा आचर्र 20 विकेट के साथ तीसरे स्थान पर रहे।

सबसे ज्यादा छक्के : यह रिकॉर्ड रहा इंग्लैंड के कप्तान इयोन मोर्गन के नाम, जिन्होंने इस वर्ल्ड कप में सर्वाधिक 22 छक्के जड़े। मोर्गन ने अफगानिस्तान के खिलाफ मैच में 17 छक्के जड़ते हुए वनडे में एक मैच में सर्वाधिक छक्कों का रिकॉर्ड भी बनाया। एरॉन फिंच 18 छक्कों के साथ दूसरे और रोहित शर्मा 14 छक्कों के साथ तीसरे स्थान पर रहे।

सबसे ज्यादा चौके : इस वर्ल्ड कप में सबसे ज्यादा चौके लगाने का रिकॉर्ड रोहित शर्मा के नाम रहा, जिन्होंने 9 मैचों में 67 चौके लगाए। इंग्लैंड के जॉनी बेयस्टो ने भी 11 मैचों में 67 चौके जड़े।

सबसे ज्यादा शतक : सबसे ज्यादा शतक बनाने का रिकॉर्ड भी रोहित शर्मा के नाम रहा, जिन्होंने इस वर्ल्ड कप में 5 शतक जड़े। रोहित ने 2015 वर्ल्ड कप में 4 शतक लगाने वाले कुमार संगकारा का रिकॉर्ड तोड़ते हुए एक विश्वकप में सर्वाधिक शतक का रिकॉर्ड बनाया।

सबसे बड़ा व्यक्तिगत स्कोर : ये रिकॉर्ड रहा ऑस्ट्रेलिया के डेविड वॉर्नर के नाम, जिन्होंने बांग्लादेश के खिलाफ 147 गेंदों में 166 रन की पारी खेलते हुए इस वर्ल्ड कप के सबसे बड़े स्कोर का रिकॉर्ड बनाया। इसके बाद 153 के स्कोर के साथ एरॉन फिंच और इयोन मोर्गन संयुक्त रूप से दूसरे नंबर पर रहे।

सबसे ज्यादा कैच लेने वाला फील्डर : इस विश्वकप में 13 कैच लेकर इंग्लैंड के जो रूट इस विश्वकप के सबसे कामयाब फील्डर रहे। फाफ डुप्लेसिस 10 कैच के साथ दूसरे और जॉनी बेयरस्टो 9 कैच के साथ तीसरे स्थान पर रहे। वहीं एक पारी में सर्वाधिक कैच लेने का रिकॉर्ड क्रिस वोक्स और जॉनी बेयरस्टो ने 4-4 कैच के साथ बनाया।

कामयाब विकेटकीपर : इस विश्वकप में 21 शिकार के साथ न्यूजीलैंड के टॉम लैथम सबसे कामयाब विकेटकीपर रहे। 20 शिकार करने वाले ऑस्ट्रेलिया के विकेटकीपर एलेक्स कैरी दूसरे नंबर पर रहे। वेस्टइंडीज के शाई होप 16 शिकार के साथ तीसरे स्थान पर रहे।

सबसे बड़ी साझेदारी का रिकॉर्ड : ये रिकॉर्ड ऑस्ट्रेलिया के डेविड वॉर्नर और उस्मान ख्वाजा ने बांग्लादेश के खिलाफ दूसरे विकेट के लिए 192 रन की साझेदारी करते हुए बनाया। भारत के लिए सबसे बड़ी साझेदारी केएल राहुल-रोहित शर्मा ने श्रीलंका के खिलाफ पहले विकेट के लिए 189 रन जोड़ते हुए की।

सबसे ज्यादा अर्धशतक का रिकॉर्ड : ये रिकॉर्ड संयुक्त रूप से भारत के विराट कोहली, इंग्लैंड के बेन स्टोक्स और बांग्लादेश के शाकिब अल हसन के नाम रहा, जिन्होंने सर्वाधिक 5-5 अर्धशतक जड़े।

बारिश ने इस बार सबसे ज्यादा सताया इंग्लैंड में खेले गए। विश्वकप में बारिश के कारण आठ मुकाबले बेनतीजा रहे। पहली बार किसी विश्वकप में सर्वाधिक मैच बारिस से धुलने का रिकॉर्ड बना। बारिश के कारण भारत और न्यूजीलैंड के बीच खे गया पहला
सेमीफाइनल मुकाबला भी दो दिन तक चला।

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