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विश्व कप की सरगर्मी के बाद भारत का विदेश दौरा शुरू हो जाएगा। टीम इंडिया अपने विदेश दौरे की शुरुआत वेस्टइंडीज से करेगी। वेस्टइंडीज दौरे के बाद कई विदेशी टीमें भारत दौरे पर आएंगी। इस दौरान भारत के सामने कई चुनौतियां होंगी।

वर्ल्ड कप के खत्म होने के बाद भारतीय चयनकर्ताओं ने 2023 की तैयारियां शुरू कर दी हैं। विराट की अगुवाई में धोनी, रोहित, बुमराह जैसे खिलाड़ियों वाली टीम इंडिया को प्रबल दावेदार माना जा रहा था, लेकिन डेढ़ महीने तक चले वर्ल्ड कप में टीम इंडिया सेमीफाइनल में हारकर बाहर हो गई। अब टीम इंडिया को अगस्त में पहले द्विपक्षीय सीरीज के लिए वेस्टइंडीज के दौरे पर जाना है, जहां उसे वनडे, टी-20 और टेस्ट सीरीज खेलनी है। दो महीने तक चलने वाले इस दौरे के लिए टीम इंडिया का एलान कर दिया गया।

टीम में उम्मीद के मुताबिक कई नए खिलाड़ियों को मौका मिला है, कई खिलाड़ियों की दोबारा टीम में वापसी हुई है। लेकिन वर्ल्ड कप में खेलने वाले कई खिलाड़ी ऐसे भी हैं जिन्हें दौरे के लिए टीम में जगह नहीं मिली है। धोनी और बुमराह को जहां आराम दिया गया है, वहीं हार्दिक को चोट की वजह से बाहर रखा गया है। इनके अलावा एक खिलाड़ी को पूरे दौरे में किसी भी टीम में जगह नहीं दी गई है। वो खिलाड़ी है विकेटकीपर बल्लेबाज दिनेश कार्तिक। कार्तिक को वर्ल्ड कप में रिजर्व विकेटकीपर के तौर पर टीम में रखा गया था और बाद में उन्हें तीन मैचों में मौका भी दिया गया था, लेकिन उनका प्रदर्शन निराशाजनक रहा। यही कारण रहा कि चयनकर्ताओं ने उन्हें अब मौका नहीं दिया है। 34 साल के कार्तिक ने 15 साल पहले टीम इंडिया के लिए वनडे में डेब्यू किया था, लेकिन उसके बाद वे कुछ खास नहीं कर पाए और टीम से अंदर-बाहर होते रहे। धोनी के आने के बाद टीम में उनकी जगह मुश्किल हो गई।

अनुभव की वजह से दिनेश कार्तिक को इस बार के वर्ल्ड कप में जगह दी गई थी और उन्हें पहला वर्ल्ड कप खेलने का मौका भी मिला, लेकिन बावजूद इसके वे अपने प्रदर्शन से छाप नहीं छोड़ पाए। कार्तिक ने वर्ल्ड कप 2019 में सेमीफाइनल मिलाकर कुल तीन मैच खेले, जिनमें से दो मैचों में दिनेश कार्तिक को बल्लेबाजी करने का मौका मिला। इस दौरान वे दोनों पारियों में आउट हुए, उसमें भी सिर्फ सात के औसत और 41.18 की बेहद खराब स्ट्राइक रेट से 14 रन ही बना सके।

युवा विकेटकीपर बल्लेबाज ऋषभ पंत जिन्हें वर्ल्ड कप के दौरान टीम में शामिल किया गया था, उन्होंने 4 पारियों में 29 की औसत और 89.23 की स्ट्राइक रेट से 116 रन बनाए। अब जब बात 2023 वर्ल्ड कप को ध्यान में रखते हुए चयन की है तो ऐसे में साफ है कि दिनेश कार्तिक को अब टीम इंडिया में जगह नहीं मिलेगी, क्योंकि चीफ सेलेक्टर एमएसके प्रसाद ने भी कह दिया है कि पंत को तीनों फॉर्मेट के लिए तैयार करेंगे।

दिनेश कार्तिक अपने 15 साल के क्रिकेट करियर में 94 वनडे मैचों में सिर्फ 9 अर्धशतक ही लगा पाए हैं। उन्होंने इस दौरान 30 की औसत और मात्र 73 के स्ट्राइकरेट से रन बनाए जो आज के क्रिकेट के दौर में बेहद खराब कहा जाएगा। टेस्ट में वे कुछ खास नहीं कर पाए और 26 मैचों में 25 की औसत से 1025 रन बनाए हैं। इसलिए टेस्ट के लिए भी चयनकर्ताओं ने रिद्धिमान साहा को दोबारा से मौका दिया है। चोट की वजह से साहा टीम से बाहर हो गए थे, और अब फिर से वापसी के लिए तैयार हैं। अब जब चयनकर्ताओं के सामने ऋषभ पंत, संजू सैमसन, इशान किशन जैसे युवा खिलाड़ियों की लंबी कतार है तो ऐसी स्थिति में दिनेश कार्तिक की फिर से टीम में वापसी की उम्मीदें बेहद कम ही है।

टीम इंडिया के लिए नंबर चार की समस्या जख्म से अब नासूर में तब्दील हो चुकी है। यह परेशानी ऐसी है, जिसका तोड़ भारतीय टीम मैनेजमेंट अभी तक नहीं निकाल पाया है। विश्व कप में इसी नंबर चार ने विश्व विजेता बनने के अरमानों पर पानी फेर दिया था। मैनेजमेंट ने कई खिलाड़ियों को आजमाया पर हर कोई उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन करने में नाकामयाब रहा। वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल में मिली हार के बाद कोच रवि शस्त्री ने भी इस खामी को स्वीकार किया।

पिछले दो साल में टीम ने नंबर चार पर कई प्रयोग किए, लेकिन कोई भी सफल नहीं रहा। विश्व कप में केएल राहुल, विजय शंकर और ऋषभ पंत को भी आजमाया पर वो भी प्रभाव दिखाने में फेल रहे। नंबर चार के लिए टीम का प्रयोग अब भी जारी है। वेस्टइंडीज दौरे के लिए टीम में युवाओं को मौका मिला है। इस दौरे पर भी इस स्थान पर नए चेहरे खेलते हुए नजर आ सकते हैं।

नंबर चार के लिए विंडीज के खिलाफ केएल राहुल सहित श्रेयस अय्यर और मनीष पांडे को टीम में शामिल किया गया है। इस दौरे पर टीम मैनेजमेंट की नजर नंबर चार पर ही होगी, ये देखना होगा कि कौन सा बल्लेबाज लंबे समय से खाली पड़े इस स्थान को भर पाता है या इस दौरे के बाद भी इस जगह के लिए तलाश जारी रहेगी। कार्तिक, रायडू को भी इस पोजिशन पर टीम उतार चुकी है।

पिछले दो सालों में इस नंबर के लिए टीम ने 11 बल्लेबाजों को आजमाया है। यानी कि पूरी एक टीम को इस नंबर के लिए उतार दिया गया, लेकिन कामयाबी फिर भी नहीं मिली। 11 खिलाड़ी नंबर चार पर मिले अवसर का फायदा नहीं उठा पाए। 58 मैच में ये खिलाड़ी सिर्फ सात बार ही 50 या उससे अधिक रन बना सके और इस दौरान उनका स्ट्राइक रेट 82 का और औसत सिर्फ 33 का ही रहा। टीम इंडिया ने नंबर चार पर सबसे ज्यादा बार बदलाव किए फिर भी इस स्थान पर प्रदर्शन सुधरा नहीं। वर्ल्ड चैंपियन इंग्लैंड ने दो साल में इस स्थान पर सिर्फ चार खिलाड़ियों को ही मौका दिया और इससे उनका प्रदर्शन भी सुधरा।


वेस्टइंडीज दौरे के बाद 15 सितंबर से शुरू होने वाले सत्र में दक्षिण अफ्रीका, बांग्लादेश, वेस्टइंडीज और आस्ट्रेलिया की टीमें भारत के दौरे पर होंगी। इस दौरान पूरे सत्र में भ­­­ारत पांच टेस्ट, नौ वनडे और 12 टी-20 मैच खेलेगा। इस दौरान पांच टेस्ट मैच ऐसे होंगे जो टेस्ट चैम्पियनशिप के तहत खेले जाएंगे। सत्र की शुरुआत दक्षिण अफ्रीका के साथ होगी। यह दोनों टीमें सितंबर और अक्टूबर में तीन टी-20 और तीन टेस्ट मैचों की सीरीज खेलेंगी। तीन टी-20 मैच 15, 18 और 22 सितंबर को धर्मशाला, मोहाली और बेंगलुरू में खेले जाएंगे जबकि टेस्ट सीरीज दो अक्टूबर से शुरू होगी और 23 अक्टूबर को खत्म होगी।

तीन टेस्ट मैच विशाखापट्टनम, रांची और पुणे में खेले जाएंगे। इस सीरीज का नाम फ्रीडम सीरीज महात्मा गांधी और नेल्सन मंडेला के नाम पर रखा गया है। दक्षिण अफ्रीका की वापसी के बाद बांग्लादेश की टीम नंवबर में भारत का दौरा करेगी। भारत को बांग्लादेश के खिलाफ तीन नवंबर को पहला टी-20 दिल्ली के फिरोजशाह कोटला स्टेडियम में खेलना है। इसके बाद सात और 10 नवंबर को बाकी के दो टी-20 मैच राजकोट और नागपुर में खेले जाएंगे।

बांग्लादेश के साथ भारतीय टीम दो टेस्ट मैचों की सीरीज भी खेलेगी। पहला टेस्ट 14 से 18 नवंबर तक इंदौर में जबकि दूसरा 22 से 26 नवंबर के बीच कोलकाता के ईडन गार्डंस स्टेडियम में खेला जाएगा। बांग्लादेश के बाद टी-20 विश्व कप विजेता विंडीज भारत दौर पर आएगी। उसका दौरा छह दिसंबर से शुरू होगा और 22 दिसंबर को खत्म होगा।

वेस्टइंडीज तीन टी-20 और तीन वनडे मैच खेलेगी। इनमें छह, आठ और 10 दिसंबर को मुंबई, तिरुवंनतपुरम, हैदराबाद में तीन टी-20 मैच खेले जाएंगे। वहीं 15, 18 और 22 दिसंबर को चेन्नई, विशाखापट्टनम, कटक में तीन वनडे मैच होंगे।

2020 में आस्ट्रेलिया की मेजबानी करेगा। 14, 17 और 19 जनवरी को यह दोनों टीमें तीन वनडे मैचों की सीरीज खेलेंगी। इस सीरीज के मैच मुंबई, राजकोट और बेंगलुरू में खेले जाएंगे। आस्ट्रेलिया के बाद भारत एक बार फिर दक्षिण अफ्रीका की मेजबानी करेगा। इस बार यह दोनों टीमें सिर्फ तीन वनडे मैच खेलेंगी। यह तीनों मैच 12, 15 और 18 मार्च को धर्मशाला, लखनऊ और कोलकाता में खेले जाएंगे।

ऑस्ट्रेलिया दौरे के भारतीय टीम न्यूजीलैंड दौरे पर जाएगी। वहां उसे पांच टी-20, तीन वन-डे और दो टेस्ट मैचों की सीरीज खेलनी होगी। दौरे की शुरुआत टी-20 सीरीज से होगी। दोनों टीमों के बीच पहला टी-20 24 जनवरी को 2020 को खेला जाएगा।

टी20 सीरीज के लिए भारत टीमः विराट कोहली (कप्तान), रोहित शर्मा (उप-कप्तान), शिखर धवन, केएल राहुल, श्रेयस अय्यर, मनीष पांडे, ऋषभ पंत, कुणाल पांड्या, रविंद्र जडेजा, वाशिंगटन सुंदर, राहुल चाहर, भुवनेश्वर कुमार, खलील अहमद, दीपक चाहर, नवदीप सैनी।

वनडे सीरीज के लिए भारत की टीमः विराट कोहली (कप्तान), रोहित शर्मा (उप-कप्तान), शिखर धवन, केएल राहुल, श्रेयस अय्यर, मनीष पांडे, ऋषभ पंत, रविंद्र जडेजा, कुलदीप यादव, युजवेंद्र चहल, केदार जाधव, मोहम्मद शमी, भुवनेश्वर कुमार, खलील अहमद, नवदीप सैनी।

टेस्ट सीरीज के लिए भारत की टीमः विराट कोहली (कप्तान), अजिंक्य रहाणे (उपकप्तान), मयंक अग्रवाल, केएल राहुल, चेतेश्वर पुजारा, हनुमा विहारी, रोहित शर्मा, ऋषभ पंत, ऋद्धिमान साहा, आर अश्विन, रविंद्र जडेजा, कुलदीप यादव, ईशांत शर्मा, मोहम्मद शमी, जसप्रीत बुमराह, उमेश यादव।

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