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IPL स्पांसरशिप पर पड़ी भारत -चीन के तनाव की छाया

आईपीएल 2021 के चौदहवें सीजन के लिए अगले हफ्ते 18 फरवरी को नीलामी होनी है, जबकि अप्रैल में आईपीएल का चौदहवें संस्करण का आगाज होना है । इस आईपीएल के प्रायोजक को लेकर खबर है कि इस बार भी प्रायोजक की रेस में ड्रीम 11 और अनअकेडमी  आगे मानी जा रही हैं।

भारत और चीनी सैनिकों के बीच पिछले साल गलवान घाटी में हुई हिसंक झड़प के बाद भारतीय लोगों के निशाने पर भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड  भी आ गया था। ऐसे में बीसीसीआई  को चीनी मोबाइल निर्माता कंपनी वीवो के साथ अपना करार स्थगित करना पड़ा था, क्योंकि वीवो इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) की मुख्य प्रयोजक थी। हालांकि, अब ये कंपनी अपने अधिकार को ट्रांसफर कर सकती है, जिसमें ड्रीम 11 और अनअकेडमी दौड़ में आगे मानी जा रही हैं ।

ड्रीम 11 आईपीएल 2020 का मुख्य प्रायोजक था, जिसने 220 करोड़ रुपये में अधिकार खरीदे थे। वीवो ने पांच साल के करार के लिए 440 करोड़ रुपये सालाना का करार किया था। समझा जाता है कि भारत और चीन के राजनीतिक संबंधों में तनाव के मद्देनजर वीवो का मानना है कि यह साझेदारी जारी रखना बुद्धिमानी का फैसला नहीं होगा। यही कारण है कि इस बार भी ड्रीम 11 या फिर अनअकेडमी को आईपीएल की टाइटल स्पॉन्सरशिप मिल सकती है।

बोर्ड के एक सूत्र ने बताया, “यह लगभग तय है कि वीवो का आईपीएल के मुख्य प्रायोजक का करार आपसी सहमति से खत्म होने जा रहा है। इसे 2020 में निलंबित किया गया था। इसमें एक प्रावधान  है कि वह अपना बकाया दायित्व नए प्रायोजक को दे सकता है। बोर्ड सैद्धांतिक रूप से तैयार हो जाए तो यह संभव है।” वीवो भी इस दुविधा से शायद निकलना ही पसंद करेगी।

आईपीएल 2022 में नौ या 10 टीमें होंगी और  नई बोली लगाने वाले को कम से कम तीन साल के मुख्य प्रायोजक अधिकार मिलेंगे। ऐसे में साफ है कि आईपीएल 2021 के बाद होने वाले आईपीएल से मुख्य प्रायोजक के लिए भी बोली लगेगी और तीन साल के लिए बीसीसीआई  अपने अधिकार सौंपेगी।

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