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टीम इंडिया की नजर सीरीज पर

जीत के रथ पर सवार भारतीय टीम दक्षिण अफ्रीका के साथ तीन टेस्ट मैचों की सीरीज में 1 .0 की बढ़त हासिल कर चुकी है। दस अक्टूबर से पुणे में खेले जा रहे दूसरे टेस्ट में भी टीम इंडिया इसी लय को जारी रखते हुए सीरीज जीतने की कोशिश करेगी तो दक्षिण अफ्रीका पहले टेस्ट में मिली शर्मनाक हार को भुलाकर तीन मैचों की सीरीज में अपना अस्तित्व बनाए रखने की कोशिश करेगी। विशाखापत्तनम में पहले टेस्ट में विराट कोहली की टीम ने धमाकेदार 203 रन से जीत दर्ज की थी। विराट सेना अब पुणे में ही सीरीज अपने नाम करने के लिए कोई कसर छोड़ना नहीं चाहेंगी। लगभग ‘परफेक्ट’ प्रदर्शन में सुधार की गुंजाइश नहीं रहती, लेकिन कोहली हर बार एक नई चुनौती तलाश लेते हैं। भले ही सामना ऐसी टीम से है जो लगातार पांच दिन चुनौती देने की स्थिति में नहीं है।

पहले टेस्ट में बतौर सलामी बल्लेबाज रोहित शर्मा ने लगातार दो शतक जमाकर टेस्ट क्रिकेट में एक बेहतरीन सलामी बल्लेबाज के रूप में उभरने के संकेत दिए हैं। मयंक अग्रवाल भी हर मौके को भुनाने के फन में माहिर हैं। विशाखापत्तनम में उन्होंने टेस्ट क्रिकेट में अपना पहला दोहरा शतक जड़ा, जिससे कम से कम घरेलू हालात में तो भारत का शीर्षक्रम की समस्या सुलझती नजर आ रही है। भारत को इसके बाद बांग्लादेश से भी दो टेस्ट खेलने हैं। रोहित और मयंक के अलावा भारत के पास कोहली, चेतेश्वर पुजारा, अजिंक्य रहाणे और हनुमा विहारी जैसे बल्लेबाज भी हैं।

इसी मैदान पर पिछली बार 2017 में स्पिनरों की मददगार पिच पर ऑस्ट्रेलिया के ऑफ स्पिनर नाथन लियोन ने भारतीय बल्लेबाजों की हालत खस्ता कर दी थी। भारत के पास आर अश्विन और रविंद्र जडेजा के रूप में विश्व स्तरीय स्पिनर हैं। पहले टेस्ट में दक्षिण अफ्रीका के लिए डीन एल्गर और डी कॉक ने भले ही शतक जमाया, लेकिन 2017 में जिस तरह स्टीव स्मिथ ने यहां बल्लेबाजी की थी, उसे दोहरा पाना संभव नहीं था।

पिछले मैच में आठ विकेट लेने वाले अश्विन और हरफनमौला प्रदर्शन में माहिर जडेजा से पार पाना दक्षिण अफ्रीका के लिए टेढ़ी खीर साबित हो रहा है। इसके अलावा धीमे विकेटों पर नई और पुरानी गेंद से मोहम्मद शमी का शानदार प्रदर्शन भी भारत के पक्ष में रहा है। ईशांत शर्मा ने भी उनका बखूबी साथ दिया। दोनों का तालमेल ऐसा था कि जसप्रीत बुमराह की कमी महसूस नहीं हुई।

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