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खेल पुरस्कारों की सूची में  नाम ना होने से लगाए गंभीर आरोप

भारतीय खेल जगत में इस साल दिए जाने वाले खेल पुरस्कारों की सूची इसी हफ्ते जारी की गई है। इसमें अर्जुन पुरस्कार पाने वाली की सूची में नाम नहीं आने से निराश भारतीय स्टार  बैडमिंटन खिलाड़ी एचएस प्रणय नेगंभीर  आरोप लगया कि पुरस्कारों के लिए ऐसे लोगों से पहचान जरूरी है जो नामांकन को मैदान के प्रदर्शन से ज्यादा तव्वजों दिला सके। 

प्रणय की तरह देश का प्रतिनिधित्व करने वाले बी साई प्रणीत को अर्जुन पुरस्कारों के लिए चुना गया है जबकि भारतीय बैडमिंटन संघ (बीएआई) द्वारा भेजे गये प्रणय और युगल विशेषज्ञ मनु अत्री के नाम को 12 सदस्यीय चयन समिति ने ज्यादा तव्वजों नहीं दी। 

प्रणय ने ट्वीट किया, ‘अगर आप चाहते हैं कि आपका नाम भी पुरस्कारों की सूची में हो तो यह सुनिश्चित करें कि आपके साथ ऐसे लोग हों जो सूची में आपका नाम डलवा सके। हमारे देश में प्रदर्शन को सबसे कम तवज्जो मिलती है। देश के लिए यह दुख की बात है लेकिन आप कुछ नहीं कर सकते है। यह सब छोड़कर जब तक आप खेल सकते है खेलें।’

उन्होंने एक अन्य ट्वीट में कहा, ‘शायद यह प्रदर्शन काफी नहीं है। समिति के मुताबिक मेरे प्रदर्शन उस स्तर का नहीं था।’ बीएआई के  बताया कि अर्जुन पुरस्कार के लिए प्रणय के नाम को खेल मंत्रालय के पास देर से भेजा गया था। बीएआई के इस सत्र ने पीटीआई से कहा, ‘अर्जुन पुरस्कार के लिए उनके नाम की सिफारिश तय तारीख के बाद की गयी थी।’

प्रणय ने 2018 राष्ट्रमंडल खेलों के मिश्रित टीम स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीता था। 27 साल के इस खिलाड़ी ने 2018 एशियाई चैम्पियनशिप के पुरूष एकल में कांस्य पदक जीता था। उन्होंने 2016 एशियाई टीम चैम्पियनशिप के पुरूष स्पर्धा में कांस्य पदक जीता था। 

दिशानिर्देशों के अनुसार पुरस्कार की पात्रता के लिये एक खिलाड़ी का पुरस्कार वाले वर्ष में बेहतरीन प्रदर्शन के साथ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पिछले चार वर्षों में लगातार अच्छा प्रदर्शन होना जरूरी है। इसके साथ ही उसमें नेतृत्वक्षमता, खेल भावना और अनुशासन के गुण भी होने अनिवार्य हैं।  

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