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अब वनडे की कप्तानी से भी संन्यास?

भारतीय खेलों में क्रिकेट एक ऐसा खेल बनता जा रहा है जिसे भारतीय खेल प्रेमी भगवान की तरह पूजते हैं। मौजूदा समय में दुनिया की इकलौती सबसे महंगी लीग आईपीएल 2021 का दूसरा हॉफ खेला जा रहा है। इस लीग की धूम भारत समेत दुनिया भर में है। विश्व के कोने-कोने से आए क्रिकेटर्स यहां अपनी प्रतिभा दिखा रहे हैं। इस सबके बीच भारतीय खेल प्रेमी और भारतीय टीम के कप्तान विराट कोहली के फैन के लिए बुरी खबर आई है। दरअसल, विराट कोहली ने टी-20 वर्ल्ड कप 2021 के बाद भारतीय टीम की टी-20 फॉर्मेट से कप्तानी छोड़ने का एलान कर दिया है। इसी बीच उन्होंने रॉयल चैलेंजर बैंगलोर की भी कप्तानी छोड़ने का एलान दिया है। ऐसे में कयास लगाए जा रहे हैं कि अब वनडे क्रिकेट से भी में भारतीय टीम की कप्तानी छोड़ सकते हैं।

अगर हम बात करें विराट कोहली की तो भले ही विराट कोहली अपनी बल्लेबाजी से कई बड़े रिकॉर्ड बना चुके हैं, लेकिन बतौर कप्तान वे अब तक आईसीसी ट्रॉफी नहीं जीत पाए हैं। इतना ही नहीं वे आरसीबी को आईपीएल का खिताब भी नहीं दिला सके हैं। कोहली ने गत हफ्ते घोषणा कि वह आईपीएल 2021 के बाद आरसीबी की कमान छोड़ देंगे। इससे पहले उन्होंने टी-20 वर्ल्ड कप 2021 के बाद भारतीय टीम की टी-20 फॉर्मेट से कप्तानी छोड़ने का एलान किया है। उनके इस फैसले के बाद अब यह सवाल भी खड़ा हो रहा है कि क्या वो वनडे टीम की भी कप्तानी छोड़ देंगे?

विराट के लिए जिस तेजी से हालात बदले हैं। ऐसे में अगर वे वनडे टीम की कप्तानी से हट जाएं, तो शायद ही किसी को हैरानी होगी। हालांकि इस पर जो सस्पेंस है वह टी-20 विश्व कप के बाद ही साफ हो पाएगा। खेल विशेषज्ञों की मानें तो अगर टी-20 वर्ल्डकप में भारत का प्रदर्शन बेहतर रहा और टीम खिताब जीतने में सफल रही, तो शायद वो वनडे टीम के कप्तान बने रहेंगे नहीं, तो इस फॉर्मेट की कप्तानी भी छोड़ देंगे। ऐसे में 2023 में भारत में होने वाले एक दिवसीय क्रिकेट विश्व कप में नए कप्तान की अगुवाई में टीम इंडिया उतरेगी। विराट ने टी-20 टीम की कप्तानी छोड़ते वक्त भले ही यह कहा था कि वे वनडे और टेस्ट में कप्तानी करते रहेंगे, लेकिन मौजूदा हालात में कोई भी यकीन से यह नहीं कह सकता है कि विराट 2023 के विश्व कप में टीम इंडिया के कप्तान रहेंगे।

कोहली ने वर्कलोड का हवाला देकर टी-20 की कप्तानी छोड़ी है। इस बात को माना भी जा सकता है क्योंकि 2017 के बाद से ही लगातार तीनों फॉर्मेट में वे टीम की कमान संभाल रहे हैं। लेकिन अगर 2023 के विश्व कप तक टीम इंडिया का कैलेंडर देखें, तो विश्व कप के अलावा भारतीय टीम लगभग बीस द्विपक्षीय टी-20 मैच खेलेगी, जिसमें कोहली टीम की कप्तानी नहीं करेंगे। इस दौरान जो भी टी-20 टीम की कमान संभालेगा उसे विश्व कप तक कप्तानी का अच्छा अनुभव हो जाएगा। ऐसे में अगर बीसीसीआई निकट भविष्य में कोहली को एक दिवसीय फॉर्मेट की कप्तानी से भी हटाने का फैसला कर ले, तो शायद ही किसी को हैरानी होगी, क्योंकि यह भारतीय क्रिकेट है और इसमें तेजी से चीजें बदलती रहती हैं।

विराट से पहले अनिल कुंबले का उदाहरण सबको याद होगा कि कैसे उन्हें 2017 में अचानक टीम के कोच का पद छोड़ना पड़ा था और नियम-कायदों को दरकिनार कर रवि शास्त्री हेड कोच बन गए थे। ऐसे में अगर भविष्य में ऐसा हो, तो यह चौंकाने वाली बात नहीं होगी। अगर, विराट टी-20 विश्व कप की ट्रॉफी जीतने में असफल रहते हैं, तो आईपीएल, टी-20 की तरह वनडे में भी टीम इंडिया के लिए सिर्फ एक बल्लेबाज के तौर पर खेलते नजर आ सकते हैं। उनकी जगह रोहित शर्मा का दावा मजबूत हुआ है। टीम इंडिया के ड्रेसिंग रूम में भी कोहली के डिप्टी के रूप में रोहित की पहचान एक लीडर के तौर पर मजबूत हुई है। उन्होंने इंडियन प्रीमियर लीग में मुंबई इंडियंस के लिए साल-दर-साल एक युवा टीम को साथ लेकर चलना सीख लिया है। बतौर कप्तान उनका आईपीएल रिकॉर्ड देखें तो ना सिर्फ कोहली, बल्कि तीन आईसीसी ट्रॉफी जीतने वाले महेंद्र सिंह धोनी से भी वे काफी आगे हैं।

रोहित की कप्तानी में मुंबई ने पांच बार आईपीएल का खिताब जीते हैैं। कोहली को लेकर इस तरह की खबरें लगातार सामने आ रही हैं कि उन्होंने साथी खिलाड़ियों का विश्वास खो दिया है जो लोग कोहली को करीब से जानते हैं, उनका मानना है कि वे मनमानी करते हैं और सबको साथ लेकर चलने का हुनर उनमें नहीं है। हाल के दिनों में उनके कई फैसलों ने इसी तरफ इशारा किया है। फिर चाहें, साउथैम्पटन में हुए विश्व टेस्ट चैम्पियनशिप के फाइनल में दो स्पिनर्स के साथ उतरना हो या 2019 के विश्व कप से पहले किसी भी एक बल्लेबाज को चार नंबर पर सेट नहीं होने देना। इसके अलावा आर अश्विन को इंग्लैंड के खिलाफ 4 टेस्ट में मौका न देने के उनके फैसले पर भी दिग्गजों ने सवाल उठाए थे।

विराट के पास पिछले साल ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ एडिलेड टेस्ट से पहले तक फैसले लेने के पूरी आजादी थी, लेकिन इस मैच में 36 रन पर पूरी टीम ऑल आउट होने और उसके बाद उनकी छुट्टी ने बहुत कुछ बदल दिया। उनकी गैरमौजूदगी में खिलाड़ी पहले से कहीं अधिक एकजुट महसूस कर रहे थे और इसका नतीजा सबके सामने था। भारत ने ऑस्ट्रेलिया को टेस्ट सीरीज में शिकस्त दी थी। विराट ने जब टी-20 टीम की कप्तानी छोड़ने का ऐलान किया था इसके बाद बीसीसीआई ने एक प्रेस रिलीज जारी किया। बोर्ड के एक वरिष्ठ अधिकारी ने इसका एक दिलचस्प पहलू बताया। इस अधिकारी का कहना था कि अगर आप सौरव गांगुली और जय शाह के बयान को देखें, तो दोनों ने विराट को बधाई दी है, लेकिन इस पर एक शब्द भी नहीं कहा है कि क्या कोहली 2023 विश्व कप तक कप्तान बने रहेंगे। ऐसे में विराट भविष्य में वनडे टीम की कप्तान बने रहेंगे या नहीं? यह आने वाले दो महीने में साफ हो जाएगा।

भारतीय क्रिकेट इतिहास में कोहली भी बतौर कप्तान सचिन तेंदुलकर साबित हुए हैं। सचिन भी दो बार टीम इंडिया के कप्तान बने, लेकिन टीम के खराब प्रदर्शन के बाद उन्होंने खुद इस्तीफा दे दिया था। विराट कोहली ने आईपीएल में अब तक 132 मैचों में कप्तानी की है। इनमें से 60 मुकाबलों में आरसीबी को जीत मिली जबकि 65 मैच में टीम को हार झेलनी पड़ी है। 3 मुकाबले टाई रहे और बाकी 4 का रिजल्ट नहीं आया। हालांकि वे टी-20 लीग में सबसे अधिक रन बनाने वाले बल्लेबाज हैं, लेकिन टीम को खिताब नहीं दिला पाने के कारण उन पर दबाव था।
टी-20 की बात की जाए तो यहां भी विराट कोहली से अधिक रन कोई नहीं बना सका है। वे तीन हजार से अधिक रन बनाने वाले दुनिया के एकमात्र बल्लेबाज हैं। कोहली ने 45 टी-20 मैच में टीम इंडिया की कप्तानी की है। जिसमें 27 मैचों में उन्हें जीत मिली है, जबकि 14 मुकाबले गंवाए हैं। वे पहली बार टी-20 वर्ल्ड कप में बतौर कप्तान उतरेंगे। अभी भी कोहली के पास दो टी20 ट्रॉफी जीतने का मौका है। वे आईपीएल के मौजूदा सीजन के अलावा टी-20 वर्ल्ड कप का खिताब भी जीत सकते हैं।

सचिन बतौर कप्तान टेस्ट और वनडे दोनों में फेल

सचिन तेंदुलकर ने भी बल्ले से कई बड़े कारनामे किए हैं। वे सबसे अधिक रन और सबसे अधिक शतक लगाने वाले दुनिया में मात्र एक खिलाडी हैं, लेकिन कप्तानी के रिकॉर्ड में वे भी फेल रहे। उनको अगस्त 1996 में पहली बार कप्तानी मिली। खराब प्रदर्शन के बाद दिसंबर 1997 के बाद हट गए। अगस्त 1999 में उन्हें दोबारा टीम की कमान दी गई, लेकिन वे फिर अच्छा प्रदर्शन करने में नाकाम रहे और अंत में उन्होंने इस्तीफा दे दिया। सचिन की कप्तानी में टीम ने 73 में से सिर्फ 23 वनडे जीते, 43 में हार मिली। वहीं टेस्ट की बात करें तो वे 25 में से सिर्फ 4 मैच में जीत मिली, जबकि 9 में हार का सामना करना पड़ा।

वेस्टइंडीज के दिग्गज बल्लेबाज ब्रायन लारा टेस्ट में 400 रन बनाने वाले दुनिया के एकमात्र बल्लेबाज हैं, लेकिन वे भी बतौर कप्तान अधिक सफल नहीं रहे, उन्होंने तीनों फॉर्मेट में 172 मैच में कप्तानी की। 69 मैच में टीम को जीत मिली, जबकि 85 मुकाबले टीम को हार मिली। यानी लारा को जीत से ज्यादा हार झेलनी पड़ी।

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