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अफ्रीका में अग्नि परीक्षा

पिछले महीने न्यूजीलैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज में भारतीय टीम ने न सिर्फ बड़ी जीत दर्ज की, बल्कि इस जीत के साथ भारत आईसीसी टेस्ट रैंकिंग में नंबर वन टीम बन गई है। लेकिन अब विराट कोहली की कप्तानी वाली भारतीय टीम की टेस्ट क्रिकेट में असल अग्निपरीक्षा साऊथ अफ्रीका में 26 दिसंबर से शुरू हुई तीन टेस्ट मैचों की सीरीज में होगी। भारतीय टीम को इस दौरे में तीन टेस्ट और तीन एकदिवसीय मुकाबले खेलने हैं। विराट कप्तानी में टीम के पास इस बार टेस्ट क्रिकेट में इतिहास रचने का मौका है। दरअसल, भारत ने साउथ अफ्रीका को उसकी जमीन पर आज तक मात नहीं दी है हालांकि बीसीसीआई अध्यक्ष और पूर्व भारतीय कप्तान सौरव गांगुली का मानना है कि इस बार टीम इंडिया काफी मजबूत है और वह इस जीत के इंतजार को खत्म करेगी।

साउथ अफ्रीका के लिए रवाना होने से पहले टीम इंडिया विवादों में घिरी हुई थी। दौरे से पहले विराट कोहली ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कई ऐसी बातें कहीं जिसके कारण उनके और सौरव गांगुली के अनबन की खबरें आई, हालांकि गांगुली को लगता है कि इन सब बातों का असर टीम इंडिया पर नहीं पड़ेगा। सौरव गांगुली ने बैकस्टेज कार्यक्रम में कहा था कि मुझे लगता है कि भारत के पास इस बार साउथ अफ्रीका में टेस्ट सीरीज जीतने का बड़ा मौका है। भारत दक्षिण अफ्रीका की सरजमीं पर बीते 29 सालों से टेस्ट सीरीज जीतने में नाकाम रहा है। लेकिन विराट कोहली इस बार इस मिथक को तोड़ना चाहेंगे। लेकिन कुछ प्रमुख खिलाड़ियों के दौरे पर न जाने से टीम की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। दरअसल, रोहित शर्मा चोट के चलते दौरे से बाहर हो गए हैं। वहीं चोटिल रवींद्र जडेजा भी दक्षिण अफ्रीका दौरे पर नहीं जा पाए।

भारतीय टीम 29 साल में सात बार इस देश का दौरा कर चुकी है, लेकिन वह एक भी मौके पर टेस्ट सीरीज अपने नाम नहीं कर पाई है। सौरव गांगुली से अनबन को लेकर भारतीय कप्तान ने कहा, ‘टीम से बाहर बहुत कुछ होता रहता है लेकिन आप सिर्फ उन्हीं चीजों पर नियंत्रण रख सकते हैं, जो आपके बस में है। ‘मैं मानसिक रूप से तैयार हूं और साउथ अफ्रीका में खेलने को लेकर उत्सुक हूं।’ दरअसल, टीम इंडिया अपनी बादशाहत कायम रखने के लिए तीन टेस्ट और तीन वनडे मैचों की सीरीज के लिए दक्षिण अफ्रीका के दौरे पर हैं। इस दौरे के लिए भारतीय टीम में कई बदलाव किए गए हैं। विराट कोहली कप्तान हैं और रोहित शर्मा को टीम का नया उपकप्तान बनाया गया। लेकिन चोट के चलते रोहित पूरे दौरे से बाहर हो गए। अजिंक्य रहाणे को टेस्ट टीम में शामिल तो किया गया, लेकिन उनसे उपकप्तानी छीन ली गई है। दक्षिण अफ्रीकी दौरे के लिए टेस्ट टीम में आठ बल्लेबाज, दो विकेटकीपर, दो स्पिनर और छह तेज गेंदबाजों को जगह दी गई हैं।

रहाणे और पुजारा पर फिर जताया भरोसा


चयनकर्ताओं ने अजिंक्य रहाणे और चेतेश्वर पुजारा पर एक बार फिर भरोसा जताया है। यह दोनों खिलाड़ी इस साल फॉर्म में नहीं हैं। इस साल खेले गए 12 टेस्ट मैचों में रहाणे ने 19.57 की औसत से 411 रन ही बनाए हैं। वहीं विकेटकीपर के तौर पर ऋषभ पंत और ऋद्धिमान साहा दोनों को चुना गया है।

 

 

जडेजा और शुभमन को नहीं मिली जगह

रवींद्र जडेजा, शुभमन गिल, अक्षर पटेल और राहुल चाहर को टीम इंडिया में जगह नहीं मिली है। ये चारों खिलाड़ी फिलहाल चोटिल हैं। इसके अलावा चार खिलाड़ियों को स्टैंडबाय के तौर पर रखा गया है। इसमें तेज गेंदबाज नवदीप सैनी, सौरभ कुमार, दीपक चाहर और अर्जन नागवासवाला शामिल हैं।

अश्विन और जयंत पर स्पिन की जिम्मेदारी


जडेजा की अनुपस्थिति में रविचंद्रन अश्विन और जयंत यादव स्पिन की भूमिका संभालेंगे। वहीं, स्टैंडबाय के तौर पर बाएं हाथ के स्पिनर सौरभ कुमार को रखा गया है। दूसरी तरफ भारत के खिलाफ टेस्ट सीरीज के लिए साउथ अफ्रीका ने अपनी टीम में दो नए खिलाड़ियों सिसांडा मगाला और रियान रिकेल्टन को मौका दिया है। दाएं हाथ के तेज गेंदबाज मगाला इससे पहले साउथ अफ्रीका के लिए एक वनडे और चार टी-20 मुकाबले खेल चुके हैं। इसके अलावा रिकेल्टन बाएं हाथ के विकेटकीपर बल्लेबाज हैं। अगर उन्हें मौका मिलता है तो वो साउथ अफ्रीका के लिए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में डेब्यू करते दिखेंगे। टीम में लंबे अर्से बाद वापसी कर रहे ओलिवर भी गेंदबाज हैं और अब तक 12 अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों में 51 विकेट चटका चुके हैं। टेस्ट सीरीज में साउथ अफ्रीका की गेंदबाजी की अगुवाई कैगिसो रडाबा, एनरिख नॉर्खिया और केशव महाराज की तिकड़ी करती दिखेगी। वहीं कप्तान एल्गर, डिकॉक, मारक्रम बल्लेबाजी में जोर दिखाते दिखेंगे।

 

 

खास है भारत साउथ अफ्रीका सीरीज
भारत-साउथ अफ्रीका के बीच सीरीज ऐसे समय में होने वाली है, जब साउथ अफ्रीका की अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में वापसी के 30 साल पूरे हो रहे हैं। रंगभेद के कारण वर्ष 1970 में
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट बोर्ड ने साउथ अफ्रीका पर प्रतिबंध लगा दिया था। 1991 में जब साउथ अफ्रीका ने क्रिकेट में वापसी की थी, तब भारत उसकी मेजबानी करने वाला पहला देश बना था। साउथ अफ्रीका के विदेश मंत्रालय ने इसको लेकर कहा था, ‘वर्षगांठ पर सम्मान समारोह 2 जनवरी 2022 को केपटाउन में होगा। यह समारोह साउथ अफ्रीका और भारत के मजबूत रिश्तों को भी पेश करेगा।

दौरे पर चली कोरोना की कैंची
भारत के साउथ अफ्रीका दौरे का कार्यक्रम लंबा था। लेकिन, कोरोना ने इस पर कैंची चला दी, जिस वजह से टेस्ट मैचों की संख्या घटाकर 3 कर दी गई। वहीं टी20 सीरीज को आगे के लिए टाल दिया गया।
अफ्रीकी दौरे के लिए भारतीय टेस्ट टीमः विराट कोहली (कप्तान), केएल राहुल, मयंक अग्रवाल, चेतेश्वर पुजारा, अजिंक्य रहाणे, श्रेयस अय्यर, हनुमा विहारी, ऋषभ पंत (विकेटकीपर), रिद्धिमान साहा (विकेटकीपर), प्रियांक पांचाल, रविचंद्रन अश्विन, जयंत यादव, जसप्रीत बुमराह, शार्दुल ठाकुर, मोहम्मद सिराज, ईशांत शर्मा, मोहम्मद शमी और उमेश यादव। स्टैंडबाय खिलाड़ी: नवदीप सैनी, सौरभ कुमार, दीपक चाहर और अर्जन नागवासवाला।

दक्षिण अफ्रीका की टेस्ट टीमः डीन एल्गर (कप्तान), टेम्बा बावुमा (उप-कप्तान), क्विंटन डी कॉक (विकेटकीपर), कैगिसो रबाडा, सरेल एरवी, बेउरन हेंड्रिक्स, जॉर्ज लिंडे, केशव महाराज। लुंगी एनगिडी, एडेन मार्कराम, वियान मुल्डर, एनरिक नॉर्टजे, कीगन पीटरसन, रस्सी वैन डेर डूसन। काइल वेरेने, मार्को जेन्सन, ग्लेनटन स्टुरमैन। प्रेनेलन सुब्रेयन, सिसांडा मगला, रयान रिकेलटन, डुआने ओलिवियर।

टेस्ट सीरीज
पहला टेस्टः 26 से 30 दिसंबर, 2021 (सेंचूरियन)
दूसरा टेस्टः 3 से 7 जनवरी, 2022 (जोहानिसबर्ग)
तीसरा टेस्टः 11 से 15 जनवरी, 2022 (केप टाउन)

वनडे सीरीज
पहला वनडेः 19 जनवरी, पार्ल
दूसरा वनडेः 21 जनवरी, पार्ल
तीसरा वनडेः 23 जनवरी, केपटाउन

 

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