[gtranslate]
sport

महिला क्रिकेट की उपेक्षा

भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) और उत्तराखण्ड कंसेंसस कमेटी (यूसीसी) के सदस्यों की पहली बैठक में महिला क्रिकेट को नजरअंदाज किया गया है। राज्य में महिला सीनियर टीम का चयन करना बड़ी चुनौती है। बीसीसीआई पदाधिकारियों और कंसेंसस कमेटी के बीच हुई बैठक से महिला क्रिकेटरों को बहुत उम्मीद थी कि बैठक में महिला क्रिकेटरों को प्रोत्साहन के लिए ठोस निर्णय लिया जाएगा।

इससे पहले उत्तराखण्ड को बीसीसीआई से संबद्ध टूर्नामेंट के वार्षिक कैलेंडर में शामिल तो कर लिया गया था, लेकिन यूसीसी के सदस्यों के नाम से पर्दा नहीं हटा था। जो सुप्रीम कोर्ट द्वारा चयनित प्रशासक समिति (सीओए) ने यूसीसी का गठन कर सदस्यों की सूची सभी क्रिकेट संघों को भेज दी थी। साथ ही 31 जुलाई को यूसीसी की पहली आमसभा करने के निर्देश भी जारी कर दिए थे। उत्तराखण्ड में क्रिकेट को सुचारू करने के लिए सीओए ने यूसीसी बनाने की बात कही थी। इसके बाद बीसीसीआई के वार्षिक कैलेंडर में भी उत्तराखण्ड का नाम शामिल हो गया था। लेकिन यूसीसी के सदस्यों के नाम सार्वजनिक नहीं करने पर सवाल उठने लगे थे। और अब सीओए ने सभी सदस्यों की सूची जारी कर दी। कंसेंसस कमेटी में बीसीसीआई के प्रोफेसर रत्नाकर शेट्टी को संयोजक, रोचित मेहरोत्रा को वित्त सदस्य, बलराज पासी को उत्तराखण्ड सरकार का सदस्य, उत्तरांचल क्रिकेट एसोसिएशन के प्रदीप सिंह और चंद्रकांत आर्य, क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ उत्तराखण्ड के हीरा सिंह बिष्ट एवं महिम वर्मा, यूनाईटेड क्रिकेट एसोसिएशन से संजय गुसाईं और उत्तराखण्ड क्रिकेट एसोसिएशन से दिव्य नौटियाल को सदस्य के रूप में चुना था।

पहली बैठक में महिला क्रिकेट पर कोई चर्चा नहीं हुई, जबकि राज्य में ना ही महिला सीनियर टीम है और ना ही सीनियर टीम के टूर्नामेंट आयोजित कराए जाते हैं। ऐसी स्थिति में बोर्ड के घरेलू टूर्नामेंट शुरू होने से पहले राज्य की सीनियर एवं जूनियर महिला टीमों को चयन करने में खासी दिक्कतों का सामना करना होगा। यूसीसी की बैठक में कई मुद्दों पर चर्चा की गई। बीसीसीआई के प्रतिनिधियों ने कमेटी के सभी सदस्यों से टीम भावना और खिलाड़ियों के हित में एकजुटता के साथ कार्य करने का आह्नान किया। इस बैठक में अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम में कमेटी का कार्यालय बनाने पर भी सहमति बनी है।

उत्तराखण्ड में क्रिकेट संचालन को बनी कंसेंसस कमेटी की पहली बैठक में मुख्य रूप से बीसीसीआई के प्रतिनिधिव कंसेंसस कमेटी के संयोजक प्रो रत्नाकर शेट्टी, बीसीसीआई के सीईओ राहुल जौहरी एवं कमेटी के वित्त सदस्य रोचित मेहरोत्रा शामिल हुए। बैठक में कमेटी के संयोजक रत्नाकर शेट्टी ने सभी प्रतिनिधियों से राज्यों में क्रिकेट को बढ़ावा देने के लिए योजनाओं के विवरण की जानकारी ली। संयोजक रत्नाकर शेट्टी ने सभी को मिलजुल कर काम करने की सलाह दी है। अगले 10 दिन के भीतर कमेटी की दूसरी बैठक होगी। जिसमें टीम चयन को लेकर रणनीति बनाई जाएगी। वहीं, बीसीसीआई के प्रतिनिधियों ने उत्तराखण्ड में क्रिकेट के संचालन को लेकर मैदान की स्थिति जानने के बाद बताया कि वर्तमान में देहरादून में अभिमन्यु क्रिकेट ऐकेडमी, तनुष क्रिकेट ऐकेडमी है, जिनमें डे-नाइट क्रिकेट खेलने की व्यवस्था है। बारिश के मौसम में भी ट्रायल कराने के लिए काशीपुर के क्रिकेट मैदान और अभिमन्यु क्रिकेट ऐकेडमी में इंडोर क्रिकेट पिच मौजूद है। कमेटी की बैठक में तय किया गया कि बीसीसीआई से संबद्ध टूर्नामेंट खेलने वाली टीमों के चयन के लिए बीसीसीआई से ही चयनकर्ता, ट्रेनर और मुख्य कोच आएंगे। जो राज्य में विभिन्न जगहों पर जाकर ट्रायल कराएंगे, जिसके आधार पर टीम का चयन किया जाएगा।

साथ ही बैठक में यह भी तय किया गया कि सभी वर्गों की टीमों के लिए मुख्य कोच बीसीसीआई से आएगा। लेकिन, राज्य में मौजूद लाइसेंस वन और टू कोचों को भी सहायक कोच की भूमिका में लिया जाएगा। उत्तराखण्ड मूल के ऐसे खिलाड़ी जो दूसरे राज्यों से खेल रहे हैं, उन्हें उत्तराखण्ड से खेलने के लिए संबंधित राज्य से एनओसी लेनी होगी। उसके बाद ही उन्हें ट्रायल प्रक्रिया में शामिल किया जाएगा।

You may also like

MERA DDDD DDD DD