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आईएसएसएफ शूटिंग विश्वकप का आखिरी दिन भारतीय युवा शूटर्स मनु भाकर और सौरभ चौधरी के नाम रहा। शूटिंग में भारत का प्रतिनिधित्व कर रही युवा निशानेबाज मनु और सौरभ की युगल जोड़ी ने 10 मी एयर पिस्टल प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक अपने नाम किया है। पांच टीमों के फाइनल में 483.4 का संयुक्त स्कोर बनाकर इस जोड़ी ने शीर्ष स्थान हासिल किया। यह सीनियर विश्वकप में सौरभ का दूसरा स्वर्ण पदक है। इससे पहले वे इसी टूर्नामेंट में 10 मी एयर पिस्टल स्पर्धा में पुरुषों के एकल वर्ग में वर्ल्ड रिकॉर्ड के साथ स्वर्ण पदक पर कब्जा कर चुके हैं। यह युगल वर्ग में उनका पहला स्वर्ण पदक है।

मनु भाकर और सौरभ चौधरी के बाद दूसरे पायदान पर जियांग रानक्सिन और बोवेन झांग की जोड़ी रही। उन्होंने 477.7 के स्कोर के साथ रजत पदक जीता, जबकि दक्षिण कोरिया के किम बोमी और हान सेउंगवो ने 418.8 के साथ कांस्य पदक पर कब्जा किया।

क्वालिफिकेशन राउंड में चौधरी-भाकर की जोड़ी 778 के विश्व रिकॉर्ड के स्कोर की बराबरी कर फाइनल में प्रवेश करने वाली पहली जोड़ी बनी। उनके बाद चीन के जियांग रानक्सिन और बोवेन झांग (775) और दक्षिण कोरिया के किम बोमी और हान सेउंगवो (785) की जोड़ियों ने फाइनल में अपना स्थान पक्का किया।

सौरभ चौधरी ने अपनी जबरदस्त फॉर्म को कायम रखते हुए शूटिंग विश्वकप के अंतिम दिन मनु भाकर के साथ मिलकर 10 मीटर एयर पिस्टल मिक्स पेयर का स्वर्ण पदक अपने नाम कर लिया। यह सौरभ का इस विश्वकप में दूसरा स्वर्ण पदक था। भारत ने विश्वकप में कुल तीन स्वर्ण पदक जीते और हंगरी के साथ टॉप पर रहा। हालांकि भारतीय शूटरों के हिस्से में महज एक ही ओलंपिक कोटा आ सका। सौरभ और मनु की जोड़ी ने जबरदस्त प्रदर्शन किया। पहले दोनों ने क्वालिफाइंग में विश्व कीर्तिमान की बराबरी करते हुए फाइनल में जगह बनाई और उसके बाद फाइनल में चीनी जोड़ी को 5.8 के बड़े अंतर से पछाड़ते हुए सोना जीता।

मनु के लिए यह स्वर्ण पदक बेहद राहत वाला रहा। उनके मुंह से सौरभ के लिए एक के बाद एक तारीफ के शब्द निकलते जा रहे थे। उन्होंने कहा भी कि वह खुद जानना चाहती हैं कि वह इतनी अच्छी शूटिंग कैसे कर रहे हैं। मनु ने कहा कि उन्हें सिर्फ इतना मालूम है कि वह हर वक्त सकारात्मक रहता है। ‘नहीं’ शब्द तो उनके शब्द कोश में शामिल ही नहीं है। सौरभ का जवाब था कि वह न तो फेसबुक पर हैं और न ही ट्वीटर पर, वह सुबह पांच बजे उठते हैं योग और सूर्य नमस्कार करते हैं। उसके बाद ट्रेनिंग में लग जाते हैं।

दरअसल सौरभ की ही तरह मनु से भी 10 और 25 मीटर में अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद थी, लेकिन उनके हाथ ओलंपिक कोटा नहीं आ सका। मनु का कहना है कि सौरभ के साथ मिलकर जीते गए स्वर्ण से उनका आत्मविश्वास लौटा है। वह अब अगले विश्व कप में कोटा हासिल करेंगी।

इससे पहले मनु और सौरभ ने क्वालिफाइंग में 778 का स्कोर किया और टॉप पर रहे। पांच टीमों के फाइनल में सौरभ की शुरुआत बेहद खराब रही और उनका निशाना 8.9 पर लगा, लेकिन इसके बाद उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा। 10.8, 10.7, 10.6 जैसे स्कोर उन्होंने आसानी से मारे। दरअसल, पहले शूटिंग की बारी मनु की थी और वह काफी समय ले रही थीं। इसका दबाव सौरभ पर भी बना लेकिन उन्होंने इसे खारिज करते हुए जबरदस्त शूटिंग की। दोनों ने 50 निशानों के फाइनल में 483.4 का स्कोर किया। चीनी जोड़ी जियांग रानझिन और झांग बोवेन 5.7 अंक उनसे पीछे रही। हीना सिद्धू और अभिषेक वर्मा की जोड़ी नौवें स्थान पर रही। वहीं 10 मीटर एयर राइफल में रवि कुमार और अंजुम मौद्गिल की जोड़ी सातवें, दीपक कुमार और अपूर्वी चंदेला की जोड़ी 25वें स्थान पर रही। इस आईएसएसएफ शूटिंग विश्वकप में 60 देशों ने हिस्सा लिया और मेडल जीतने में कामयाबी सिर्फ 13 देशों को ही मिल पाई। अगला वर्ल्ड कप (शॉटगन) 15 मार्च से मैक्सिको में होगा।

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