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लॉकडाउन से IPL 2020 पर गहराया संकट, रद्द करने का दबाव बढ़ा

लॉकडाउन से IPL 2020 पर गहराया संकट, रद्द करने का दबाव बढ़ा

खेल जगत के लिए कल मंगलवार का दिन बहुत अहम रहा। कोरोना महामारी के बीच कल टोक्यो ओलंपिक को स्थगित कर दिया गया। वहीं दूसरी तरफ कल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश को संबोधन करते हुए कोरोना से निपटने के लिए 21 दिनों के लॉकडाउन की घोषणा की जिसके बाद से ही भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) पर इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) को रद्द करने का दबाव बढ़ गया है।

मंगलवार को BCCI ने IPL 2020 के टीम मालिकों के साथ कॉन्फ्रेंस कॉल भी स्थगित कर दिया। अब भारतीय क्रिकेट बोर्ड को इंतजार है कि कब IPL को रद्द किया है। नाम गुप्त रखने की शर्त पर BCCI के एक अधिकारी ने कहा है कि जब खेल महाकुंभ ओलंपिक को टाला जा सकता है, तो उसके सामने IPL तो कुछ भी नहीं है।

कोरोना महामारी के मद्देनजर इस चकाचौंध भरी T20 लीग पर अब तक कुछ भी फैसला नहीं लेना हैरान करने वाला है। IPL पिछले महीने के 29 मार्च से शुरू होना था पर कोरोना वायरस के वजह से 15 अप्रैल तक टाल दिया था। तब BCCI ने कहा था कि टूर्नामेंट की मेजबानी केवल स्थिति में सुधार होने पर किया जाएगा। सुधार के जगह ओर बढ़ते जा रहा है। अभी भारत में करीब 600 संक्रमण के केस सामने आया है इससे 10 लोग की मौत हो चुकी है।

BCCI अध्यक्ष सौरव गांगुली ने न्यूज एजेंसी PTI से बात करते हुए कहा,”गंभीर स्थिति को देखते हुए उनके पास इस मामले पर कहने के लिए कुछ नहीं है। मैं फिलहाल कुछ नहीं कह सकता। हम उसी स्थान पर हैं, जहां हम इसे निलंबित करने वाले फैसला लेते समय थे। पिछले 10 दिनों में कुछ भी नहीं बदला है। ऐसे में मेरे पास इसका कोई जवाब नहीं है।”

उन्होंने IPL के आयोजन पर सवाल उठाते हुए कहा, “मई तक स्थिति में अगर सुधार होता है और मुझे आशा है कि ऐसा होगा तो भी हमारे पास कितना समय रहेगा। क्या तब विदेशी खिलाड़ियों को देश में प्रवेश करने की अनुमति होगी..?” आज लॉकडाउन का पहला दिन है, अब यहां से IPL का होना लगभग असंभव लग रहा है। IPL टीम किंग्स इलेवन पंजाब के सह-मालिक नेस वाडिया ने कहा कि मानवता पहले है। बाकी सब कुछ उसके बाद है। अभी हालात में कोई सुधार नहीं हुआ है, ऐसे में इस बारे में बात करने का भी कोई मतलब नहीं है। अगर IPL आयोजित नहीं होता है तो न हो।

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