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भारतीय टीम आज ,विश्व टेस्ट चैंपियनशिप का करेगी आगाज

आज से टीम इंडिया अपने विश्व टेस्ट चैंपियनशिप का आगाज करने जा रही है। दूसरी ओर वेस्टइंडीज भी टेस्ट के विश्व कप की अपनी पहली सीरीज टीम इंडिया के खिलाफ खेलने को बेकरार है।
 पहले टी-20 और फिर वन-डे सीरीज में क्लीन स्विप करने के बाद भारतीय टीम का मनोबल सातवें आसमां पर है। वहीं, घरेलू मैदान पर कैरेबियाई टीम अपने तेज गेंदबाजों  के दम पर हावी होना चाहेगी।
दो मैचों की यह  टेस्ट सीरीज दोनों टीम के बीच खेला जाना वाला टेस्ट सीरीज वर्ल्ड चैंपियनशिप का हिस्सा होगा। भारतीय टीम की दावेदारी टेस्ट सीरीज में मजबूत मानी जा रही है और इसके गवाही दे रहे हैं आंकड़े। विंडीज और भारत के बीच खेले गए टेस्ट मैचों के रिकॉर्ड पर नजर डाले तो, कैरेबियाई टीम मैच जीतने के मामले में जरूर टीम इंडिया से आगे है, लेकिन एक आंकड़ा यह भी है कि पिछले 17 साल में विंडीज की टीम भारतीय टीम को मात नहीं दे पाई है।
वेस्टइंडीज भारत के बीच टेस्ट क्रिकेट का रिश्ता 71 साल पुराना है। इतने वर्षों में दोनों टीम के बीच 96 टेस्ट मैच खेले गए हैं। इनमें से विंडीज ने 30 और भारत ने 20 मैच जीते हैं। बाकी 46 मैच ड्रॉ रहे हैं। विंडीज ने भारत से आखिरी मैच और सीरीज साल 2002 में जीती थी। इसके बाद 17 साल में दोनों टीमों के बीच सात टेस्ट सीरीज खेली गईं। इन सात सीरीज में कुल 23 मैच हुए, इन 23 मैचों में से 12 में भारत ने जीत दर्ज की बाकी 11 मैच ड्रॉ पर खत्म हुए। विंडीज को 17 साल से भारत के खिलाफ पहली जीत की तलाश है।

विंडीज को हल्के में लेना पड़ सकता है भारी

कोहली, चेतेश्वर पुजारा, केएल राहुल और रोहित शर्मा के रहते भारतीय टीम कागजों पर मजबूत लग रही है लेकिन जेसन होल्डर की अगुआई वाली कैरेबियाई टीम को हलके में नहीं लिया जा सकता। इंग्लैंड को इसका अनुभव हो चुका है जिसे इस साल की शुरुआत में वेस्ट इंडीज की जीवंत पिचों पर 1-2 से पराजय झेलनी पड़ी।
तेज गेंदबाजों के लिए मददगार है पिच
एंटीगा के सर विवियन रिचडर्स स्टेडियम की विकेट भी तेज गेंदबाजों की मददगार है। कोहली ने पहली विश्व टेस्ट चैंपियनशिप के बारे में कहा, ‘लोग ऐसी बातें कर रहे हैं कि टेस्ट क्रिकेट प्रासंगिक नहीं रह गया है या खत्म हो रहा है ,और प्रतिस्पर्धा दुगुनी हो गई है। खिलाड़ियों को चुनौती का सामना करके जीत का प्रयास करना चाहिए।’ उन्होंने कहा, ‘अब मुकाबले काफी प्रतिस्पर्धी होंगे और टेस्ट मैच रोमांचक हो जाएंगे। यह सही समय पर लिया गया सही फैसला है।’

नई गेंद का सामना करना है चुनौती

यहां पिछले टेस्ट में इंग्लैंड की टीम 187 और 132 रन पर आउट हो गई थी लेकिन वह दूसरा समय था। कोहली और मुख्य कोच रवि शास्त्री की चिंता का सबब केमार रोच और शेनोन गैब्रियल से मिलने वाली नई गेंद की चुनौती होगी ।

तीन पेसर्स के साथ उतर सकती है टीम इंडिया

पिच में गति और उछाल होने पर कोहली चार विशेषज्ञ गेंदबाजों को लेकर उतर सकते हैं। ऐसे में आर अश्विन और कुलदीप यादव के बीच एकमात्र स्पिनर की जगह के लिए होड़ होगी। तीन तेज गेंदबाजों की जगह जसप्रीत बुमराह, ईशांत शर्मा ओर मोहम्मद शमी लेंगे।

बल्लेबाजी में संतुलना साधना जरूरी

बल्लेबाजी संयोजन दुरुस्त करना कोहली के लिए माथापच्ची का काम होगा। हार्दिक पंड्या उपलब्ध होते तो कोहली ऐसी स्थिति में रोहित या अजिंक्य रहाणे में से एक को बाहर रख सकते थे। वैसे टेस्ट क्रिकेट में वेस्ट इंडीज के हालिया रेकॉर्ड को देखते हुए वह अतिरिक्त बल्लेबाज को लेकर उतर सकते हैं। हरी भरी पिच होने पर कोहली पांच गेंदबाजों को भी उतार सकते हैं जिसके मायने हैं कि मुंबई के दोनों बल्लेबाजों में से एक का चयन होगा और रविंद्र जडेजा हरफनमौला के रूप में खेलेंगे।
भारतीय टीम – विराट कोहली (कप्तान), मयंक अग्रवाल, केएल राहुल, चेतेश्वर पुजारा, हनुमा विहारी, अजिंक्य रहाणे, रोहित शर्मा, ऋषभ पंत, कुलदीप यादव, रविचंद्रन अश्विन, रविंद्र जडेजा, ईशांत शर्मा, मोहम्मद शमी, जसप्रीत बुमराह, उमेश यादव, भुवनेश्वर कुमार, रिधिमान साहा ।
वेस्टइंडीज टीम – जेसन होल्डर (कप्तान) क्रेग ब्रेथवेट, डेरेन ब्रावो, शामार ब्रूक्स, जान कैंपबेल, रोस्टन चेस, रकहीम कार्नवाल, शेन डोरिच, शेनोन गैब्रियल, शिमरोन हेटमायेर, शाइ होप, कीमो पाल, केमार रोच ।

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