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कैसे चैंपियन बनेगी हॉकी टीम!

भारत में हाॅकी खेल को राष्ट्रीय खेल का दर्जा दिया गया है, लेकिन जो खिलाड़ियो की हालत है उसे देख किसी का भी सिर शर्म से झुक जाएगा । टीम जब हारती है तो दर्शक कोसते हैं। लेकिन भारतीय हॉकी टीम के खिलाडियों  की क्या हालत है, ये उनके कोच के लिखे पत्र से बखूबी समझा जा सकता है ।
पुरूष हाॅकी टीम के कोच हरेंद्र सिंह ने खुलासा किया है कि खिलाड़ियों को खाने में मीट नहीं बल्कि कीड़े -मकाैड़े परोसे जाते हैं। हरेंद्र ने हॉकी इंडिया को खिलाड़ियों को घटिया खाना परोसे जाने पर  पत्र लिखकर सवाल उठाया है। कोच ने आला अधिकारियों को लिखे पत्र में कहा, ”मैं आपकी जानकारी में लाना चाहूंगा कि बेंगलुरु में साइ सेंटर में खाना बहुत ही खराब मिल रहा है जिसमें जरूरत से ज्यादा तेल और फैट है। हड्डियों में मीट नहीं है। खाने में कीड़े, मकोड़े और बाल निकल रहे हैं। मैं आपको बताना चाहता हूं कि यहां साफ सफाई का भी ध्यान नहीं रखा जा रहा है।”

और कॉमनवेल्थ खेलों से पहले एक कैंप में माननीय खेलमंत्री आये थे और उन्होंने अधिकारियों को 48 घंटे के भीतर इन समस्याओं का समाधान जल्द ठीक करेने  को  कहा था। लेकिन ऐसा  आज तक नहीं हो सका।” भारत की हॉकी टीम इस समय बेंगलुरु के साई सेंटर में एशियन खेलों और विश्व कप की तैयारी कर रही है। आईओए ने हाकी इंडिया से सूचना मिलने के बाद साइ को इस मामले को देखने के लिये कहा है। आईओए अध्यक्ष बत्रा ने साइ की महानिदेशक नीलम कपूर को पत्र लिखकर मामले को गंभीरता से लेने के लिए कहा।

हरेंद्र की शिकायत के बाद भारतीय ओलंपिक संघ यानी आईओए के अध्यक्ष और हॉकी इंडिया के पूर्व अध्यक्ष नरिंदर बत्रा ने खेल मंत्रालय को पत्र लिखा है। बत्रा ने लिखा, ”किचन में जो बर्तन इस्तेमाल हो रहे हैं, वे भी ठीक नहीं हैं। हम चैंपियंस ट्रॉफी, एशियाई खेल और विश्व कप की तैयारी कर रहे हैं। इनके लिए खिलाड़ियों को ऐसी खुराक चाहिए जिसमें सारे पोषक तत्व हों। हमने 48 खिलाड़ियों के खून की जांच कराई है और कुछ खिलाड़ियों के खून के नमूने में खान पान संबंधी कमी पाई गई है, जिससे वे इस स्तर पर सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन नहीं कर पा रहे हैं।

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