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गोतंम गंभीर ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को कहा अलविदा 

भारत के सबसे सफल सलामी बल्लेबाजों में से एक गौतम गंभीर ने  क्रिकेट के सभी प्रारूपों से संन्यास लेने की घोषणा की है । दिल्ली और आंध्र के बीच कल छह दिसंबर से फिरोजशाह कोटला में होने वाला रणजी ट्राफी मैच उनके लगभग दो दशक तक चले चमकदार करियर का अंतिम मैच होगा। क्रिकेट के तीनों प्रारूपों में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर 10,000 से अधिक रन बनाने वाले इस 37 वर्षीय बल्लेबाज ने सोशल मीडिया पर पोस्ट किये गए  वीडियो में खेल के सभी प्रारूपों को अलविदा कहने की घोषणा की है ।

गंभीर ने कहा, ‘अपने देश के लिए 15 साल से भी अधिक समय तक क्रिकेट खेलने के बाद मैं इस खूबसूरत खेल को अलविदा कहना चाहता हूं।उन्होंने कहा, आंध्र के खिलाफ अगला रणजी ट्राफी मैच मेरा आखिरी मैच होगा। मेरे क्रिकेट सफर का अंत उसी फिरोजशाह कोटला मैदान पर होगा जहां से इसकी शुरूआत हुई थी। बाँए हाथ के इस बल्लेबाज को कभी हार नहीं मानने के अपने जज्बे के लिए जाना जाता था। उन्होंने 2007 में विश्वकप टी20 और 2011 में एकदिवसीय विश्वकप में भारत की खिताबी जीत में अहम भूमिका निभायी थी। उनकी अगुवाई में कोलकाता नाइटराइडर्स ने दो बार आईपीएल खिताब जीते।

गंभीर ने संन्यास की घोषणा के साथ ही इच्छा जतायी कि वह अगले जन्म में भी क्रिकेटर बनकर भारत की तरफ से यह खेल खेलना चाहेंगे। उन्होंने कहा, ‘तमाम दर्द और पीड़ाओं, भय और असफलताओं के बावजूद मुझे अपनी अगली जिंदगी में भी इन्हें दोहराने का कोई गम नहीं होगा। लेकिन निश्चित तौर पर भारत के लिए  कुछ जीत, कुछ और अधिक शतक और संभवत: अगली जिंदगी में पारी में पांच विकेट लेने के कुछ कारनामे भी करना चाहूंगा।

गंभीर ने कहा, यह थोड़ा महत्वकांक्षी लगता है लेकिन मैंने देखा है कि इच्छाएं सच होती है। दो विश्व कप, दोनों के फाइनल में सर्वोच्च स्कोर भी सपने थे और मैंने केवल आपके लिए विश्वकप जीतने का सपना देखा था। मुझे लगता है कि कोई था जो मेरी पटकथा लिख रहा था लेकिन अब उसकी स्याही खत्म हो गयी है। लेकिन इस बीच उसने कुछ आकर्षक अध्याय लिखे। इनमें दुनिया की नंबर टेस्ट टीम का हिस्सा बनना सबसे अहम है। मैं जिस ट्राफी को बड़े प्यार से निहारता हूं वह 2009 में आईसीसी के वर्ष के टेस्ट बल्लेबाज के लिए मिली ट्राफी है।22 वर्ष  की आयु में टीम इंडिया के लिए डेब्यू करने वाले इस बाएं हाथ के बल्लेबाज ने वर्ष  2003 में बांग्लादेश के खिलाफ वनडे मैच खेलते हुए अपने क्रिकेट करियर की शुरुआत की थी और 2004 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टेस्ट मैच में डेब्यू किया था।गंभीर ने भारत के लिए कई यादगार पारियां खेली हैं और इनके नाम कई सारे रिकॉर्ड्स दर्ज है। उन्होंने खराब हालत में कई बार टीम को जीत दिलाई। गंभीर ने अपनी बेहतर बल्लेबाजी से ऐसा कारनामा किया है जो क्रिकेट के दिग्गज सचिन-सहवाग भी नहीं कर पाए।गौतम गंभीर केवल एक भारतीय और चार अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटरों में से एक है, जिन्होंने लगातार पांच टेस्ट मैचों में शतक लगाया है। वह लगातार चार टेस्ट सीरीज में 300 से ज्यादा रन बनाने वाले एकमात्र भारतीय बल्लेबाज हैं। गंभीर ने वर्ष 2008 में भारत की तरफ से वनडे क्रिकेट में सबसे ज्यादा रन बनाए थे। वहीं उन्होंने भारतीय बल्लेबाज के तौर पर वनडे में इसी वर्ष सबसे ज्यादा शतक भी लगाए थे। वर्ष 2009 में टेस्ट क्रिकेट में उन्होंने भारत की तरफ से सबसे ज्यादा शतक लगाए थे। इसी वर्ष उन्होंने आइसीसी टेस्ट प्लेयर ऑफ द ईयर का खिताब भी मिला था साथ ही वो आइसीसी टेस्ट रैंकिंग में नंबर एक बल्लेबाज भी बने थे।आइसीसी विश्व कप 2011 के फाइनल में की गई उनकी बल्लेबाजी को क्रिकेट फैंस शायद ही भूल पाएं। गंभीर वर्ष 2007 में आइसीसी टी 20 विश्व कप जीतने वाली टीम का भी हिस्सा रह चुके हैं।

गंभीर ने 58 टेस्ट मैचों में 41.96 की औसत से 4154 रन बनाए है  जिसमें नौ शतकीय पारी और 22 अर्धशतक शामिल है। उन्होंने 147 एकदिवसीय मैचों में 39.68 की औसत और 11 शतकीय और 34 अर्धशतकीय पारियों की मदद से 5238 रन बनाए। वहीं गंभीर से टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में भी अपनी छाप छोड़ी। उन्होंने 37 मैच में सात अर्धशतक की मदद से 932 रन बनाए , जिसमें उनका औसत 27.41 का था। गंभीर ने दिल्ली के अपने साथी वीरेंद्र सहवाग के साथ सफल सलामी जोड़ी बनायी। इन दोनों ने सलामी जोड़ी के रूप में 4412 रन जोड़े जो कि भारतीय रिकार्ड है।

गंभीर ने न्यूजीलैंड में श्रृंखला में जीत और आस्ट्रेलिया में सीबी सीरीज जीतने को अपने करियर की महत्वपूर्ण उपलब्धियां बतायी। उन्होंने कहा, ‘लेकिन मुझे उम्मीद है कि आस्ट्रेलियाई दौरे पर गयी वर्तमान भारतीय टीम हमारी उपलब्धियों को पीछे छोडऩे में सफल रहेगी। गंभीर ने अपने संदेश में भारतीय टीम, आईपीएल की टीमों केकेआर और दिल्ली डेयरडेविल्स और दिल्ली रणजी टीम के अपने साथियों के साथ- साथ अपने प्रशिक्षकों विशेषकर बचपन के अपने कोच संजय भारद्वाज, पार्थसारथी शर्मा और आस्ट्रेलिया के पूर्व बल्लेबाज जस्टिन लैंगर का भी आभार व्यक्त किया।

1 Comment
  1. Alexander 6 days ago
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