फुटबॉल के दीवानों का इंतजार खत्म होने वाला है। सिर्फ एक मुकाबले के बाद ही फीफा वर्ल्ड कप-2018 के चैंपियन टीम का पता चल जाएगा। लुजनिकी स्टेडियम में 15 जुलाई को होने वाले खिताबी मुकाबले के लिए फ्रांस और क्रोएशिया ने क्वालिफाई किया है। जहां क्रोएशियाई टीम पहली बार यहां तक पहुंची है तो दूसरी ओर फ्रांस टीम तीसरी बार खिताबी मुकाबले में जगह बनाने में कामयाब रही है। फ्रांस की टीम एक बार की चैंपियन भी है। उसने 1998 में ब्राजील को हराकर खिताब अपने नाम किया था। उस विश्व कप में क्रोएशिया पहली बार सेमीफाइनल में पहुंची थी। जहां उसे फ्रांस से हार का सामना करना पड़ा था।

फीफा विश्व कप 2018 के दूसरे सेमीफाइनल में हारने वाली इंग्लैंड की टीम अब तीसरे स्थान के लिए प्लेऑफ में 14 जुलाई को सेंट पीटर्सबर्ग में बेल्जियम से भिड़ेगी। फीफा विश्व कप 2018 के दूसरे सेमीफाइनल मुकाबले में इंग्लैंड का सामना क्रोएशिया के साथ हुआ था। इस अहम मुकाबले में क्रोएशिया ने इंग्लैंड के सपने को तोड़ते हुए इतिहास रचा और विश्व कप के फाइनल में पहली बार जगह बनाई। इस बेहद रोमांचक मुकाबले में क्रोएशिया ने इंग्लैंड को 2-1 से हरा दिया।

रूस की राजधानी मास्को के लुजनिकी स्टेडियम में फीफा विश्व कप 2018 का दूसरा सेमीफाइनल मुकाबला खेला गया। इस मैच में क्रोएशिया और पूर्व विश्व चैंपियन इंग्लैंड की टीमें आमने-सामने थीं। इंग्लैंड की टीम तीसरी बार विश्व कप फाइनल में जगह बनाने के इरादे से मैदान पर उतरी थी लेकिन क्रोएशियाई टीम ने उनका ये सपना पूरा नहीं होने दिया। क्रोएशिया ने इंग्लैंड पर 2-1 से ऐतिहासिक जीत दर्ज करते हुए फीफा विश्व कप इतिहास में पहली बार फाइनल में जगह पक्की की। अब 15 जुलाई को मास्को में होने वाले फाइनल मैच में क्रोएशिया की टक्कर 1998 की चैंपियन टीम फ्रांस से होगी।

मैच का पहला हाफ पूरी तरह से इंग्लैंड की टीम के नाम रहा। मैच की शुरुआत ही क्रोएशियाई टीम के लिए अच्छी नहीं रही। खेल के पांचवें मिनट में इंग्लैंड को क्रोएशिया के बॉक्स के काफी बाहर से फ्री-किक मिली और इस किक पर 27 वर्षीय इंग्लिश मिडफील्डर कीरन ट्रिपियर ने कोई चूक नहीं की उन्होंने दाएं कोने में गेंद को गोल के अंदर पहुंचाते हुए इंग्लैंड को 1-0 की बढ़त दिला दी।

ट्रिपियर का ये गोल पिछले 12 सालों में किसी इंग्लिश खिलाड़ी का फीफा विश्व कप में फ्री-किक पर पहला गोल साबित हुआ। इससे पहले आखिरी बार ये कमाल 2006 फीफा विश्व कप में इक्वाडोर के खिलाफ इंग्लैंड के पूर्व कप्तान डेविड बेकहम ने किया था। इस गोल के साथ ही पहला हाफ पूरी तरह से इंग्लैंड के नाम रहा और वो 1-0 की बढ़त के साथ ब्रेक के लिए ड्रेसिंग रूम में गए। दूसरे हाफ में क्रोएशिया ने अपने खेल में आक्रामकता दिखाई और इसका फायदा उन्हें 68वें मिनट में जाकर मिला जब व्रसाल्जको के एक बेहतरीन क्रॉस पर इवान पेरिसिच ने डिफेंडर के ठीक आगे बूट बढ़ाते हुए गेंद को गोल के अंदर पहुंचा दिया। इसके साथ ही मैच में क्रोएशियाई टीम ने रोमांचक अंदाज में 1-1 की बराबरी कर ली।

क्रोएशिया के लिए इस विश्व कप में ये लगातार तीसरा मुकाबला ऐसा था जहां मैच का फैसला निर्धारित समय में नहीं हो सका था। मुकाबला अतिरिक्त समय में गया। एक्सट्रा टाइम के पहले हाफ में दोनों टीमों की तरफ से कोई गोल नहीं कर सका और स्कोर 1-1 से बराबर रहे लेकिन दूसरे हाफ में क्रोएशिया के सीनियर खिलाड़ी मारियो मांजुकिच ने 109वें मिनट में पहले गोल के स्टार पेरिसिच के एक शानदार पास को गोल में तब्दील करते हुए अपनी टीम को 2-1 से बढ़त दिला दी। इसके बाद क्रोएशियाई टीम ने अपना डिफेंस मजबूत रखा और बाकी के मिनटों में इंग्लैंड पर लगाम कसते हुए ये मैच 2-1 से जीता और पहली बार फाइनल में जगह पक्की कर ली।

क्रोएशियाई फुटबॉल टीम आखिरी बार 1998 में फीफा विश्व कप में इतना आगे तक आई थी। फ्रांस में हुए उस विश्व कप के दौरान क्रोएशियाई टीम तीसरे पायदान पर रहने में सफल रही थी जहां उनके स्टार खिलाड़ी डेवर सूकर को गोल्डन बूट का पुरस्कार भी मिला था। इंग्लैंड की टीम इससे पहले आखिरी बार 1990 में फीफा विश्व कप सेमीफाइनल में पहुंची थी लेकिन वहां जर्मनी की टीम के खिलाफ उसे करारी शिकस्त का सामना करना पड़ा था।इससे पहले इंग्लैंड सिर्फ एक बार ही फीफा विश्व कप फाइनल में पहुंची थी और वो मौका आया था 1966 में। वह वर्ल्ड कप उन्हीं की जमीन पर हुआ था। इंग्लिश टीम ने सर बॉबी चार्लटन की अगुवाई में विश्व चैंपियन बनने का गौरव हासिल किया था। फीफा विश्व कप 2018 के पहले सेमीफाइनल मुकाबले में फ्रांस का सामना बेल्जियम के साथ हुआ। इस बेहद रोमांचक मैच में फ्रांस ने बेल्जियम को 1-0 से हराकर तीसरी बार फुटबॉल विश्व कप के फाइनल में जगह बनाई है। इस मैच में फ्रांस की तरफ से एकमात्र गोल सैमुअल उम्टीटी ने किया।

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