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इंग्लैंड को चुनौती देने उतरेगा भारत

भारत और इंग्लैंड के खिलाफ आज से शुरू हो रही पांच टेस्ट मैचों की श्रृंखला में भारतीय टीम विदेशी दौरों पर खराब प्रदर्शन का ठप्पा हटाने के इरादे से उतरेगी जबकि मेजबान की नजरें अपनी सरजमीं पर पांच दिनी क्रिकेट में खोया फार्म हासिल करने पर होगा । इंग्लैंड का यह 1000वां टेस्ट मैच  होगा लेकिन दुनिया की नंबर एक भारतीय टीम उसके रंग में भंग डाल सकती है।

भारतीय कप्तान ने कहा, ‘हमारे पास टेस्ट मैच जीतने के लिए जरूरी कौशल, जज्बा और मानसिक मजबूती है।   साउथ अफ्रीका में हमने जैसा खेल दिखाया उससे हमारा आत्मविश्वास बढ़ा है। हम मुश्किल हालात में खुद को परखने को लेकर तैयार हैं।जाहिर है ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड जैसे देश में आपको मुश्किल परिस्थिति का समाना करना पड़ता है। 

 भारत के सामने एक नई चुनौती इंतजार कर रही है। यह चुनौती है,दोनों देशों के बीच पांच टेस्ट मैचों की सीरीज का पहला मैच आज से शुरू हो रहा है। यह इंग्लैंड का 1000वां टेस्ट मैच है।इस मुकाम को हासिल करने वाली वह पहली टीम बनने जा रही है। दोनों टीमों के लिए यह सीरीज अपने आप को साबित करने के लिए बेहद अहम मानी जा रही है। टेस्ट की शीर्ष दो टीमें आने वाली चुनौती के लिए कमर कस चुकी हैं।भारत जुलाई से इंग्लैंड दौर पर है। उसने मेजबान टीम को तीन मैचों की टी-20 सीरीज में 2-1 से मात दी, लेकिन वनडे में इंग्लैंड ने पलटवार करते हुए भारत को 2-1 से शिकस्त दी। अब टेस्ट की असल चुनौती में कौन किसे पटखनी देगा, इसके लिए महीने भर से ज्यादा का इंतजार करना पड़ेगा।
भारत के लिए इंग्लैंड में सबसे बड़ी चुनौती यहां के हालात से तालमेल बिठाना है।  भारतीय कप्तान विराट कोहली और मुख्य कोच रवि शास्त्री ने इस बात को माना था कि टेस्ट सीरीज को सबसे आखिरी में रखने से उनके खिलाड़ियों को परिस्थतियों से सामंजस्य बिठाने में फायदा मिलेगा।
इस समय इंग्लैंड में गर्मी का मौसम है। टीम के उप-कप्तान अजिंक्य रहाणे ने कहा  कि इस समय इंग्लैंड में खेलना वैसा ही है जैसा भारत में मुंबई या चेन्नई में खेलना।’ इस लिहाज से यह भारतके पक्ष की स्थिति नजर आती है। अमूमन इंग्लैंड में इस समय जैसा मौसम रहता है, उससे ज्यादा गर्मी पड़ रही है। इसी कारण पिचें किस तरह से बर्ताव करेंगी, यह देखना रोचक होगा। ज्यादा गर्मी से पिचें स्पिनरों की मददगार साबित हो सकती हैं और ऐसे में भारतीय टीम तीन स्पिनरों के साथ उतरती है या नहीं, यह मैच के दिन पता चलेगा।

वैसे टीम में दो स्पिनरों का खेलना तय माना जा रहा है, लेकिन यह दो स्पिनर कौन होंगे यह कहना मुश्किल है। रविचंद्रन अश्विन और रवींद्र जडेजा लगातार टेस्ट टीम का हिस्सा रहे हैं। वहीं कुलदीप यादव को भी पहले तीन टेस्ट मैचों की टीम में शामिल किया गया है। कुलदीप ने सीमित ओवरों में शानदार प्रदर्शन किया था। कप्तान कोहली भी उनके पक्ष में हैं, लेकिन अश्विन और जडेजा को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
इस सिरदर्दी से टीम प्रबंधन कैसे निपटेगा, यह उसके लिए किसी परीक्षा से कम नहीं होगा। कोच और कप्तान के सामने हालांकि सिर्फ एक यही सिरदर्द नहीं है। इंग्लैंड में किसी भी तरह के मौसम में तेज गेंदबाजों कोनजरअंदाज नहीं किया जा सकता, लेकिन भारत के दो शीर्ष तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार और जसप्रीत बुमराह चोटिल हैं।इन दोनों ने पिछले दक्षिण अफ्रीकी दौरे पर बेहद प्रभावी गेंदबाजी की थी। इनकी गैरमौजूदगी में टीम के तेज गेंदबाजी आक्रमण का भार अनुभवी ईशांत शर्मा, मोहम्मद शमी और उमेश यादव पर होगा। वहीं हार्दिक पांड्या के तौर पर भी टीममें एक तेज गेंदबाज मौजूद है। बल्लेबाजी में सलामी जोड़ी की जिम्मेदारी किसे मिलेगी, यह भी भारत के लिए बड़ा सवाल है। शिखर धवन, मुरली विजय और लोकेश राहुल के तौर पर भारत के पास तीन सलामी बल्लेबाज मौजूद हैं। अभ्यास मैच में धवन बल्ले से नाकाम रहे थे। ऐसे में विजय और राहुल को अंतिम एकादश में मौका दिया जा सकता है। बाकी बल्लेबाजी क्रम लगभग तय मानी जा रही  है। हालांकि तीन नंबर पर खेलने वाले चेतेश्वर पुजारा की फॉर्म खराब है, लेकिन टीम प्रबंधन उन्हें बाहर करने के मूड में नहीं लग रहा है।
चौथे नंबर पर कप्तान कोहली और फिर रहाणे हैं। विकेटकीपिंग में भारत के पास दो विकल्प- दिनेश कार्तिक और ऋषभ पंत हैं। टीम प्रबंधन पंत को मौका देगा या कार्तिक को उतारेगा, यह भी उसके लिए बड़ा फैसला होगा, हालांकि अनुभव के कारण कार्तिक अंतिम एकादश में शामिल होने के बड़े दावेदार हैं।
इंग्लैंड की बात की जाए तो उन्होंने  पहले टेस्ट के शीर्ष-11 खिलाड़ियों के नाम का ऐलान कर दिया है ।  मौजूदा हालात को देखते हुए लेग स्पिनर आदिल राशिद को अंतिम-11 में जगह दी है। राशिद टेस्ट संन्यास से वापसी कर रहे हैं। उन्होंने अपना आखिरी टेस्ट मैच दिसंबर-2016 में भारत के खिलाफ भारत में ही खेला था। मोइन अली को उनके कारण बाहर जाना पड़ा है।
तेज गेंदबाजी में जेम्स एंडरसन और स्टुअर्ट ब्रॉड इंग्लैंड की उम्मीदें संभालेंगे। इन दोनों को खेलना भारत के लिए भी कड़ी चुनौती साबित होगा। घरेलू जमीं पर खेलते हुए यह दोनों किसी भी बल्लेबाजी आक्रमण को ध्वस्त कर सकते हैं। बल्लेबाजी में मेजबान टीम का सबसे बड़ा चेहरा कप्तान जो रूट और पूर्व कप्तान एलिस्टर कुक हैं।इन दोनों के अलावा जोस बटलर, जॉनी बेयरस्टो,केटन जेनिंग्स पर भी बल्लेबाजी आक्रमण की जिम्मेदारी होगी।

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