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कोरोना के कारण ओलंपिक में भाग लेने से कतराने लगे हैं देश 

कोरोना वायरस से  पूरी दुनिया जंग लड़ रही है। इस महामारी का प्रकोप दुनियाभर के खेलों पर भी देखने को मिला है। हालांकि अब पिछले कुछ महीनों से कुछ खेलों की शुरुआत हो चुकी है, लेकिन कई देश अभी भी खेलों में हिस्सा लेने के कतरा रहे हैं। खेलों का महाकुंभ यानी ओलंपिक हर चार साल पर होता है लेकिन कोरोना वायरस महामारी के कारण 2020 में इसका आयोजन नहीं हो पाया था। अब साल भर की देरी से जापान के टोक्यो में इसका आयोजन होने जा रहा है। इसकी शुरुआत 23 जुलाई से होगी और आठ अगस्त को इसका समापन होगा। इस महाकुंभ में जोर – आजमाइस के लिए कई देशों के खिलाड़ियों को इसका बेसब्री से इंतजार है ,तो  कई देशों ने इसमें हिस्सा लेने से मना कर दिया है।

 इस बीच उत्तर कोरिया ने  कोरोना वायरस  के बढ़ते मामलों के कारण टोक्यो ओलिंपिक में हिस्सा लेने से मना कर दिया है। देश के खेल मंत्रालय ने इसकी  जानकारी साझा की है। दरअसल , इन खेलों का आयोजन पिछले साल ही होना था,लेकिन कोरोना  के कारण दूसरे विश्व युद्ध के बाद पहली बार इन खेलों को टाला गया था।  ये 1988 के सियोल ओलिंपिक के बाद पहला मौका होगा, जब उत्तर कोरिया का दल ओलिंपिक में हिस्सा नहीं लेगा। तब उसने इन खेलों का बहिष्कार किया था।

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उत्तर कोरिया के खेल मंत्रालय की वेबसाइट जेसन स्पोर्ट्स पर लिखा गया है कि ओलिंपिक समिति की एक बैठक 25 मार्च को हुई थी।  इसमें खेल मंत्री किम गुक भी शामिल हुए थे।  इसी में टोक्यो ओलिंपिक में खिलाड़ियों को न भेजने का फैसला लिया गया था।  ऐसा खिलाड़ियों को कोरोना संक्रमण से बचाने के लिए किया गया है।  इस मुश्किल वक्त में देश नहीं चाहता कि उसके एथलीट्स किसी तरह के खतरे में पड़े।

2018 में दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति मून जे इन  और उत्तर कोरिया के तानाशाह किम जोंग उन  ने एक शिखर सम्मेलन के दौरान ओलिंपिक गेम्स की सह-मेजबानी के लिए सहमति जताई थी, लेकिन दोनों के बीच रिश्तों में आई कड़वाहट की वजह से 2019 में इस प्रस्ताव पर बातचीत बंद हो गई।
पिछले साल कोरोना वायरस संक्रमण को रोकने के लिए उत्तर कोरिया ने बाहरी दुनिया से अपने संबंध लगभग खत्म कर लिए थे।  तब उत्तर कोरिया ने ये दावा किया था कि उसके यहां कोरोना संक्रमण के मामले नहीं हैं, हालांकि, विशेषज्ञों ने उसके इस दावे पर संदेह जताया था कि देश में कोरोना संक्रमण का एक भी मामला सामने नहीं आया था।  उस समय सभी विदेशी राजनयिक अपने देश लौट गए गए थे।  क्योंकि पहले से प्रतिबंध झेल रहे देश के सामने कोविड-19 के कारण रोजमर्रा की चीजों की भी किल्लत  हो गई थी।

इस बीच टोक्यो ओलिंपिक की उल्टी गिनती शुरू हो चुकी है। जापान में 25 मार्च को ओलिंपिक मशाल रैली की औपचारिक शुरुआत हो गई है। ये टॉर्च रिले फुकुशिमा से 121 दिन के सफर पर निकल चुकी है। इस दौरान अलग-अलग 47 प्रांतों और दस हजार एथलीट्स के हाथों से होते हुए ये ओलिंपिक के आयोजन स्थल टोक्यो पहुंचेगी।

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