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करो या मरो’ की स्तिथि में भारत 

आज भारतीय कप्तान रोहित शर्मा विराट कोहली की अनुपस्थिति में कप्तानी संभाल रहे अपने करियर के 100वें टी 20 अंतरराष्ट्रीय मैच में बांग्लादेश के खिलाफ अपनी टीम को हर हाल में जीत दिलाने और सीरीज बचाने के इरादे से उतरेंगे। भारत को  दिल्ली में हुए सीरीज के पहले टी-20 में सात विकेट से हार झेलनी पड़ी थी, जो उसकी बांग्लादेश के खिलाफ इस प्रारूप में पहली हार थी। इससे मेहमान टीम ने तीन मैचों की सीरीज में 1-0 से बढ़त बना ली है। अब आज  सौराष्ट्र क्रिकेट एसोसिएशन स्टेडियम में होने वाला दूसरा मैच भारत के लिए ‘करो या मरो’ वाला होगा।

दिल्ली में मेहमान टीम की गेंदबाजी आक्रामक रही थी। कप्तान महमूदुल्लाह ने अपने आठ गेंदबाजों को आजमाया था। भारतीय गेंदबाजों और फील्डरों ने सबसे अधिक निराश किया था । बांग्लादेश टीम  किसी भी टीम को हरा सकती है। ऐसे में भारत को सावधान रहना होगा।आज भारतीय टीम की  कप्तानी संभाल रहे रोहित इस प्रारूप में 100 मैचों का आंकड़ा छूने वाले दुनिया के दूसरे और भारत के पहले बल्लेबाज बन जाएंगे। दोनों टीमों के लिए राजकोट में मुकाबला महत्वपूर्ण होगा। घरेलू बोर्ड के साथ विवादों में घिरी बांग्लादेश टीम भारत को उसी के घर में पहली बार टी-20 सीरीज में हराकर इतिहास बनाने उतरेगी। दूसरी ओर, रोहित अपनी कप्तानी में भारत को हार से बचाकर 1-1 से बराबरी दिलाने का प्रयास करेंगे।

राजकोट में अब तक 2 टी-20 मैच खेले गए, 2 मैच भारत ने खेले, एक जीता, एक हारा।भारतीय आलराउंडर युवराज सिंह ने यहां 77 रन नाबाद सर्वाधिक ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 2013 में बनाए थे । 3 विकेट 26 रन पर ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मुकाबले में आर विनय कुमार ने लिए थे। राजकोट की पिच बल्लेबाजों के लिए  मददगार है। तेज गेंदबाजों को भी यहां फायदा मिल सकता है। रोहित शर्मा ने कहा, ”पिच अच्छी दिखती है। राजकोट हमेशा ही बल्लेबाजी के लिए अच्छी पिच रही है और इससे गेंदबाजों को भी थोड़ी मदद मिलती है। यह अच्छी पिच होगी।”मैच पर चक्रवात ‘महा’ का खतरा भी है। आज  बारिश की संभावना बताई जा रही है।

क्रिकेट के सबसे छोटे प्रारूप में टीम इंडिया एक बार फिर दबाव में है। रोहित के नेतृत्व में भारतीय टीम गुरुवार को बांग्लादेश के खिलाफ होने वाले दूसरे टी-20 मैच में जीत के साथ सीरीज बराबर करने के इरादे से उतरेगी। इस मैच में हार से तीन मैचों की सीरीज हाथ से निकल सकती है।भारत अगर बांग्लादेश के खिलाफ सीरीज गंवाता है तो उसकी मुश्किलें बढ़ सकती हैं, क्योंकि उसकी नजरें अगले साल ऑस्ट्रेलिया में होने वाले टी-20 विश्व कप के लिए टीम तैयार करने पर टिकी हैं। वैसे इस मैच पर चक्रवातीय तूफान ‘महा’ का खतरा मंडरा रहा है।भारत को पिछले कुछ समय में टी-20 प्रारूप में वैसी सफलता नहीं मिली है जैसी टीम ने एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय और टेस्ट क्रिकेट में हासिल की है और यह इस साल के नतीजों में भी झलकता है। भारत को इस साल ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ घरेलू सरजमीं पर हार का सामना करना पड़ा जबकि दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ टी-20 सीरीज बराबरी रही।

भारत ने टेस्ट क्रिकेट में दक्षिण अफ्रीका का क्लीन स्वीप किया था। नियमित कप्तान विराट कोहली सहित कुछ सीनियर खिलाड़ियों की गैरमौजूदगी में युवा खिलाड़ियों के पास यह सीरीज अपनी क्षमता दिखाने का मौका है। हिटमैन रोहित को बल्ले से बड़ी पारी खेलने की जरूरत है। बाएं हाथ के सलामी बल्लेबाज शिखर धवन की फॉर्म और स्ट्राइक रेट भी चिंता का विषय है। टेस्ट टीम में जगह गंवा चुके लोकेश राहुल पर भी बेहतर करने का दबाव है।
आज यह देखना होगा कि टीम प्रबंधन दुबे को एक और मौका देता है या केरल के विकेटकीपर बल्लेबाज संजू सैमसन को अंतिम एकादश में शामिल करता है। कर्नाटक के बल्लेबाज मनीष पांडे को भी मौका मिल सकता है। भारत की अनुभवहीन गेंदबाजी भी टीम प्रबंधन के लिए चिंता का विषय है।
तेज गेंदबाज खलील अहमद ने दिल्ली में चार ओवर में 37 रन लुटाए थे और 19वें ओवर में उनकी गेंदों पर विरोधी टीम ने लगातार चार चौके मारे थे। दूसरे टी-20 में उनकी जगह शार्दुल ठाकुर को अंतिम एकादश में शामिल किया जा सकता है। युजवेंद्र चहल, क्रुणाल पंड्या और वाशिंगटन सुंदर की स्पिन तिकड़ी को विरोधी टीम की रन गति पर अंकुश लगाने के अलावा विकेट भी चटकाने होंगे।

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