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बॉल टेंपरिंग में फंसे चांडीमल

हाल ही में क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया समेत पूरे क्रिकट जगत को हिला  देने वाले बॉल टेंपरिंग की घटना के अब बाद  गेंद की शेप बिगाड़ने का एक और मामला सामने आया है। इस बार आरोप  श्रीलंका के कप्तान दिनेश चंडीमल पर लगे हैं।आरोप है कि  वेस्टइंडीज के खिलाफ दूसरे टेस्ट के दौरान वह मिठाई के जरिए बॉल टेंपरिंग करने की कोशिश कर रहे थे.आईसीसी ने श्रीलंका के कप्तान दिनेश चंडीमल पर वेस्टइंडीज के खिलाफ दूसरे टेस्ट के दौरान ‘गेंद से छेड़छाड़ ’ के उल्लघंन का आरोप लगाया है।

 मैच के तीसरे दिन श्रीलंकाई टीम ने गेंद बदलने की मांग से नाराज होकर मैदान पर उतरने से इनकार कर दिया और मैदान में दो घंटे देर से उतरे। अंपायर अलीम डार और इयान गाउल्ड गेंद की हालत से संतुष्ट नहीं थे जिसका उपयोग दूसरे दिन के खेल के आखिर में किया गया था। श्रीलंकाई टीम से कहा गया कि वे उसी गेंद से खेल आगे शुरू नहीं कर सकते।
आईसीसी ने  घोषणा की कि चांदीमल पर आईसीसी आचार संहिता के नियम 2.2.9 के उल्लंघन का आरोप लगाया गया है। यह उल्लघंन ‘गेंद की हालत बदलने’ से संबंधित है। श्रीलंका पर पहले ही पांच रन का जुर्माना लगाया जा चुका है। श्रीलंका ने अगर ‘गेंद से छेड़छाड़’ की है तो यह काफी मामूली सजा है।   मैच रेफरी जवागल श्रीनाथ, श्रीलंकाई कोच चंडिका हथुरासिंघे और टीम मैनेजर असांका गुरूसिंघा के बीच बातचीत हुई। एक समय दिन के खेल और यहां तक कि पूरे मैच को लेकर आशंका बन गयी थी। बातचीत के बाद हालांकि श्रीलंकाई गेंद बदलने और आगे खेलने के लिए तैयार हो गए। श्रीलंका क्रिकेट ने बयान जारी कर टीम के खिलाडिय़ों का पूरा समर्थन किया। श्रीलंका क्रिकेट ने कहा, ‘‘टीम प्रबंधन ने हमें बताया कि श्रीलंका के खिलाड़ी किसी भी गलत काम में शामिल नहीं हैं।’’
श्रीलंका क्रिकेट ने खिलाडिय़ों को मैदान में उतरने की सलाह दी है ताकि मैच जारी रहे और खेल की भावना को कायम रखने के लिए टीम द्वारा ‘विरोध के तहत‘ खेल जारी रखने के निर्णय की सराहना करते हैं।इस घटना के बाद अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) ने कहा कि उनके पास कार्रवाई करने का अधिकार है। अगर किसी आचार संहिता का उल्लंघन हुआ है तो मैच के खत्म होने के बाद नियमों के मुताबिक कार्रवाई होगी।  इससे पहले टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में केवल एक बार टीम के मैदान पर उतरने से इनकार  करने के बाद मैच आगे नहीं खेला गया था। पाकिस्तान पर 2006 में ओवल में अंपायर बिली डाक्ट्रोव और डेरेल हेयर ने गेंद से छेड़छाड़ के लिए पांच पेनल्टी रन का जुर्माना लगाया था। इससे नाराज पाकिस्तानी टीम चौथे  मैदान पर नहीं उतरी और अंपायरों ने इंग्लैंड को विजेता घोषित कर दिया। पाकिस्तान ने हालांकि बाद में कहा कि वह मैदान पर उतरना चाहता था।

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