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एशियाई खेलों में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन

तेरहवें दक्षिण एशियाई खेलों में भारत ने धमाकेदार आगाज के साथ इस अभियान का अंत भी रिकार्ड 312 पदक जीत के साथ किया। दस दिन तक चले दक्षिण एशियाई खेलों में भारत का यह सर्वश्रेठ प्रदर्शन है। भारतीय खिलाडियों ने इस बार 174 स्वर्ण, 93 रजत और 45 कांस्य पदकों सहित कुल 312 पदकों के साथ शीर्ष पर रहा। इससे पहले भारत ने गुवाहटी और शिलांग (2016) में हुए दक्षिण एशियाई खेलों में 189 स्वर्ण सहित कुल 309 पदक जीते थे। हालांकि इसबार स्वर्ण पदकों की संख्या पिछली बार से कम है।

इस बार मेजबान नेपाल 206 पदकों के साथ दूसरे स्थान पर है जिसमे 51 स्वर्ण, 60 रजत और 95 कांस्य पदक जीते। तीसरे स्थान पर श्रीलंका ने 40 स्वर्ण, 83 रजत और 128 कांस्य के साथ कुल 251 पदक जीते। वर्ष 1984 में शुरु हुए इन खेलों में भारत हमेशा पदक तालिका में शीर्ष पर रहा है।

इस बार भारत के विकास कृष्ण (69 किग्रा) और पिंकी रानी (51 किग्रा) की अगुआई में मुक्केबाजों ने अंतिम दिन छह और स्वर्ण पदक जीते जिससे भारत ने इस स्पर्धा में 16 पदक जीते। अंतिम दिन भारत ने 15 स्वर्ण, दो रजत और एक कांस्य सहित 18 पदक जीते। स्पर्श कुमार (52 किग्रा), नरेंदर (प्लस 91 किग्रा), सोनिया लाठेर (57 किग्रा) और मंजू बमबोरिया (64 किग्रा) ने भी पीले तमगे जीते। विकास ने पाकिस्तान के गुल जैब को 5-0 से, नरेंदर नेपाल के आशीष दुवादी को 5-0 से और स्पर्श ने पाकिस्तान के सैयद मोहम्मद आसिफ को 4-1 से मात दी। वरिंदर सिंह (60 किग्रा) को नेपाल के सानिल शाही से 2-3 की हारकर रजत से संतोष करना पड़ा।महिलाओं में सोनिया ने श्रीलंका की क्रिस्मी आयोमा दुलांग को 5-0 से जबकि पिंकी ने नेपाल की राई माला को 3-2 से और मंजू ने भी नेपाल की पूनम रावल को इसी अंतर से मात दी।

बास्केटबाल में पुरुष और महिला टीमों ने स्वर्णं पदक जीते। पुरुषों ने श्रीलंका को 101- 62 से महिलाओें ने मेजबान नेपाल को 127- 46 से को हराकर खिताब जीते। कुश्ती स्पर्धा में भी 14 स्वर्ण पदक जीतकर अपने अभियान का समापन किया। सैग में कुश्ती की 20 स्पर्धाएं थी लेकिन नियमों के मुताबिक कोई भी देश 14 से अधिक स्पर्धा में भाग नहीं ले सकता है ऐसे में भारत ने पुरुष और महिला वर्ग के सात-सात भार वर्ग में हिस्सा लिया और सभी में स्वर्ण पदक जीतने में सफल रहा।

कबड्डी के दोनों वर्गों में चैंपियन

भारत ने कबड्डी और बास्केटबॉल तीन गुणा तीन में भी सूपड़ा साफ किया जहां पुरुषों और महिलाओं की दोनो वर्गों की टीमों ने स्वर्ण जीता। तलवारबाजी में भी भारतीय खिलाड़ी तीनों स्वर्ण जीतने में सफल रहे। पुरुष के फोइल टीम स्पर्धा के साथ महिला टीम ने ईपी और साबेर स्पर्धाओं में शीर्ष पर रही। निशानेबाजी में अनुराज सिंघा और श्रवण कुमार की भारतीय जोड़ी ने मिश्रित एअर पिस्टल स्पर्धा में स्वर्ण पदक हासिल किया। निशानेबाजी में भारत ने 18 स्वर्ण, 7 रजत और 4 कांस्य पदक अपने नाम किये। राष्ट्रीय चैंपियन अंकित खटाना (75 भारवर्ग) और उभरते मुक्केबाज कलईवानी श्रीनिवासन (48 भारवर्ग) ने सैग में भारत को स्वर्णिम सफलता दिलाई। भारत को कुल छह स्वर्ण पदक मिले। हालांकि विश्व चौंपियनशिप में पदक जीतने वाले मनीष कौशिक को नेपाल के भूपेंद्र थापा से फाइनल में हार के बाद रजत पदक से संतोष करना पड़ा। पुरुष वर्ग में विनोद तंवर (49 भारवर्ग), सचिन (56 भारवर्ग) और गौरव चौहान (91) भी चैंपियन बने। महिलाओं में परवीन (60 भारवर्ग) विजेता बनीं। खटाना ने श्रीलंका के दिनेश मधुरंगा को आसानी से पराजित किया। विनोद तंवर ने भूटान के ताशी वांगडी को 5-0 से हराया। सचिन ने बांग्लादेशी मुक्केबाज को हराया। गौरव को पाकिस्तान के सनाउल्लाह से चुनौती मिली, लेकिन वह 4-1 से जीतने में सफल रहे।

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