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सवालों में अमेरिकी पिचें

टी-20 विश्वकप में कई उलटफेर देखने को मिल रहे हैं। आलम यह है कि अभी तक पांच टीमें इस उलटफेर का शिकार हो चुकी हैं। ये ऐसी टीमें हैं जिन्हें टेस्ट क्रिकेट का दर्जा प्राप्त है। ऐसी स्थिति में खराब पिचों को लेकर सवाल उठ रहे हैं कि आखिरी ऐसी क्या वजह है जो न्यूयॉर्क की पिचें बल्लेबाजों के लिए खराब हैं और गेंदबाजों को असमान बाउंस मिल रहा है? खेल विशेषज्ञों का कहना है कि न्यूयॉर्क के नासाउ स्टेडियम में ड्रॉप-इन पिच लगाई गई है। जिसे 5 महीने पहले ही ऑस्ट्रेलिया से अमेरिका लाया गया। ड्रॉप-इन पिच को बनने से लेकर मैच के लिए तैयार होने में करीब 9 महीने लगते हैं। बावजूद इसके यहां विश्वकप के मैच खेले जा रहे हैं जिसका नतीजा सबके सामने है

खेल जगत में इन दिनों फटाफट क्रिकेट यानी टी-20 विश्वकप की चौतरफा धूम मची हुई है। अमेरिका और वेस्टइंडीज की मेजबानी में खेले जा रहे इस बड़े आईसीसी टूर्नामेंट में कई उलटफेर देखने को मिल रहे हैं। आलम यह है कि अभी तक पांच टीमें उलटफेर का शिकार हो चुकी हैं। ये ऐसी टीमें हैं जिन्हें टेस्ट क्रिकेट का दर्जा प्राप्त है और वे उन टीमों से हार रही हैं जो कभी-कभार ही विश्वकप में नजर आती हैं। ऐसी स्थिति में खेल समीक्षक और कई पूर्व खिलाड़ी खराब पिचों को लेकर सवाल उठा रहे हैं तो वहीं आईसीसी ने भी इस पर कड़ा एक्शन लिया है। आईसीसी ने कहा कि नासाउ काउंटी स्टेडियम की खुली दरारों वाली खतरनाक पिच मौजूदा टी-20 विश्व कप के दौरान चिंता का सबब बन गई है। यह पिच अब तक लगातार उस तरह नहीं खेली है जैसी सभी ने उम्मीद की थी। भारत और आयरलैंड के बीच मुकाबले के बाद पिच को लेकर चिंता जताई गई। भारत ने आयरलैंड को 16 ओवर में सिर्फ 96 रन पर समेटने के बाद आठ विकेट से मैच जीता।

इसी मैच के दौरान इंग्लैंड के पूर्व कप्तान ने न्यूयॉर्क की पिच को लेकर सवाल उठा कहा कि यह हैरान कर देने वाली पिच है। राज्य में गेम को सुचारू करना शानदार है। मुझे यह बहुत पसंद है लेकिन खिलाड़ियों का न्यूयॉर्क में इस घटिया सतह पर खेलना अस्वीकार्य है। आप विश्व कप में जगह बनाने के लिए इतनी मेहनत करते हैं और फिर आपको इस तरह की पिचों पर खेलना पड़ता है।

भारत और पाकिस्तान के बीच नौ जून को खेले गए हाईवोल्टेज मुकाबले में भारत का महज 119 बनाना और पकिस्तान का छह रन से हार जाने के बाद पिच को लेकर भी सवाल खड़े होने लगे हैं। भारतीय कमेंटेटर हर्षा भोगले ने पिच पर निशाना साध कहा कि ऐसे विकेट पर भारत बनाम पाकिस्तान मुकाबले की कल्पना भी नहीं की जा सकती है।

इसी तरह पूर्व भारतीय ऑल राउंडर इरफान पठान ने टी-20 विश्वकप के ग्रुप डी के मैच में श्रीलंका के 19.1 ओवर में 77 रन पर आउट होने के बाद न्यूयॉर्क के नासाउ काउंटी क्रिकेट स्टेडियम की पिच की आलोचना की। इरफान ने कहा कि न्यूयॉर्क की पिच किसी भी तरह से टी20 क्रिकेट के लिए आदर्श नहीं है।

असल में न्यूयॉर्क में अब तक गेंदबाजों को बहुत ज्यादा मदद और बल्लेबाजों के लिए खतरनाक उछाल देखने को मिली है। ऐसे में न्यूयॉर्क के आंकड़ों को हाल ही सम्पन्न हुई इंडियन प्रीमियर लीग से तुलना करें तो आईपीएल के हर पारी में औसतन 180 रन बन रहे थे तो आखिर ऐसी क्या बात है जिससे न्यूयॉर्क की पिचें बल्लेबाजों के लिए खराब साबित हो रही है? गेंदबाजों को मिल रही असमान बाउंस की क्या है वजह?

खेल विशेषज्ञों का कहना है कि न्यूयॉर्क के नासाउ स्टेडियम में ड्रॉप-इन पिच लगाई गई है। जिसे 5 महीने पहले ही ऑस्ट्रेलिया से अमेरिका लाया गया। पिच फ्लोरिडा में रखी गई और अप्रैल में ही न्यूयॉर्क पहुंची। ड्रॉप-इन पिच को बनने से लेकर मैच के लिए तैयार होने में करीब 9 महीने लगते हैं। जहां इसका इस्तेमाल होना है, वहां भी 3 से 4 महीने का समय चाहिए होता है। लेकिन नासाउ में पिच पर ठीक से रोलिंग और मेंटेनेंस का टाइम नहीं मिला, इसलिए पिच पूरी तरह तैयार नहीं है। बावजूद इसके यहां विश्वकप के मैच खेले जा रहे हैं जिसका नतीजा सबके सामने है। गेंदबाजों को असमान उछाल मिल रही है, बल्लेबाजों को परेशानी हो रही है जिस कारण स्कोरिंग रेट भी तेजी से गिर रहा है।

असमान बाउंस की क्या है वजह?

चीफ पिच क्यूरेटर डैमियन हॉग के अनुसार नासाउ में पिच के कई हिस्सों पर घास उगी हुई है। घास को सेटल होने का टाइम नहीं मिला, इससे ही असमान उछाल देखने को मिल रही है। न्यूयॉर्क के ठंडे मौसम के कारण भी यहां गेंदबाजों को ज्यादा मदद मिल रही है। सुबह हो रहे मैच के कारण पिच पर नमी रहती है इससे बॉल का मूवमेंट बहुत ज्यादा है। भारत-पाकिस्तान मैच से पहले घास को काटा गया इससे पिच पर असमान उछाल कम देखने को मिला लेकिन बल्लेबाजों को शॉट खेलने में परेशानी बनी रही।

क्यों लगाई गई ड्रॉप-इन पिच?

न्यूयॉर्क का नासाउ स्टेडियम जनवरी 2023 तक एक खाली पड़ी जमीन थी। आईसीसी ने पिछले साल दिसंबर में यहां विश्वकप के लिए ही मॉड्यूलर यानी टेम्पररी स्टेडियम बनवाना शुरू किया। न्यूयॉर्क में दिसंबर से मार्च तक ठंडे मौसम के कारण वहां पिच बनाना आसान नहीं था, इसलिए ऑस्ट्रेलिया में बनी ड्रॉप-इन पिच का इस्तेमाल किया गया।

ऑस्ट्रेलिया से अमेरिका पहुंचीं दस पिचें

ऑस्ट्रेलिया के एडिलेड शहर में न्यूयॉर्क स्टेडियम के लिए 10 पिचें बनाई गईं। करीब 30 टन वजनी पिच को पिछले साल दिसंबर में समंदर के रास्ते अमेरिका के फ्लोरिडा शहर पहुंचाया गया। फ्लोरिडा में 5 महीने तक पिच को तैयार किया और अप्रैल में नासाउ स्टेडियम में फिट कर दिया गया। 10 पिच को सड़क के रास्ते फ्लोरिडा से न्यूयॉर्क पहुंचाने में करीब 4 दिन का समय लगा। इसके लिए 30 टन से ज्यादा वर्कलोड उठाने वाले ट्रक और कंटेनर का इस्तेमाल किया गया। इस दौरान आम जनता के लिए सड़क को बंद कर दिया गया था, ताकि पिच ट्रांसपोर्टेशन में कम टाइम लग सके।

चार पिच लगाईं, तीन पर स्कोरिंग मुश्किल

ऑस्ट्रेलिया से आई 10 पिचों में से 6 प्रैक्टिस के लिए और 4 मैच के लिए हैं। 4 में से 3 पर अब तक खेले गए ग्रुप मैचों में तीनों पर ही बैटिंग मुश्किल रही, गेंदबाजों को मदद मिली और स्कोरिंग बहुत धीमा रहा। पिच नंबर-1 पर श्रीलंका और साउथ अफ्रीका के बीच पहला मैच हुआ। श्रीलंका 77 रन ही बना सका, वहीं साउथ अफ्रीका भी 17वें ओवर में टारगेट हासिल कर सका। पिच नंबर-2 पर नीदरलैंड 103 रन ही बना सका। इस टारगेट को साउथ अफ्रीका 19वें ओवर में हासिल कर सकी। इसी पिच पर भारत-पाकिस्तान मैच हुआ। जिसमें भारत 119 रन बनाकर ऑल आउट हुआ, लेकिन पाकिस्तान भी जवाब में 113 रन ही बना सका।

ऐसा हाल पिच नंबर-4 का भी है। यहां पर भारत ने आयरलैंड से मैच खेला। आयरलैंड 96 रन ही बना सका और भारत ने आसानी से टारगेट हासिल कर लिया। यहां कनाडा-आयरलैंड मैच भी हुआ, कनाडा ने 137 रन बनाए और आयरलैंड को 125 रन पर ही रोक दिया। यहीं भारत-बांग्लादेश के बीच वॉर्म-अप मैच भी खेला गया, जिसमें बांग्लादेश 120 रन ही बना सका था।

प्रैक्टिस मैच भी नहीं हुए

ड्रॉप-इन पिच पर अंतरराष्ट्रीय मैच कराने से पहले कई बार टेस्टिंग होती है। यहां घरेलू मैच भी होते हैं, जिससे बाउंस और स्विंग का पता चल सके। न्यूयॉर्क में ऑर्गेनाइजर्स के सामने एक आम जमीन को 106 दिनों के भीतर स्टेडियम में तब्दील करने की चुनौती थी। यहां प्रैक्टिस मैच का समय ही नहीं मिला सका इस कारण टेस्टिंग नहीं हुई जिसका असर विश्वकप में दिख रहा है।

ज्यादा मैच कम दिन भी परेशानी के कारण

न्यूयॉर्क में वॉर्म-अप मैच एक जून को खेला गया, 5 जून तक यहां 2 और मैच हुए। आईसीसी ने फिर बयान जारी कर कहा कि पिच पर असमान उछाल देखने को मिला और इसकी आलोचना जायज है। इसलिए स्टेडियम की पिच को सुधारने का काम किया जा रहा है। हालांकि आईसीसी के बयान के बाद स्टेडियम में लगातार मैच हुए, इससे सुधार का टाइम कम मिला। लगभग जून तक हर दिन यहां एक मैच हुआ। पिच वैसे ही तैयार नहीं है, ऊपर से लगातार मैच होने के कारण पिच के हालात और भी ज्यादा खराब हो रहे हैं।

नया नहीं ड्रॉप-इन पिच का इस्तेमाल

ड्रॉप-इन पिच का उपयोग क्रिकेट में नया नहीं है। ऑस्ट्रेलिया के एडिलेड और न्यूजीलैंड के ऑकलैंड स्टेडियम में 2013 से ही ड्रॉप-इन पिचों पर मैच कराए जा रहे हैं। दोनों जगह विश्वकप के मैच भी कराए जा चुके हैं। हालांकि दोनों ही जगह पिच आस-पास के शहरों में ही बनाई गई। जबकि न्यूयॉर्क के लिए ऑस्ट्रेलिया से पिच लाई गई और उसे फ्लोरिडा में तैयार किया फिर स्टेडियम में फिट किया गया।

उलटफेर से हुई विश्वकप की शुरुआत

टी-20 विश्वकप की शुरुआत ही उलटफेर से हुई। हालांकि तब इस ओर किसी का ध्यान नहीं गया। डलास में खेले गए इस मैच में मेजबान अमेरिका ने कनाडा को 3 विकेट से हराया। कनाडा ने 194 रन का बड़ा स्कोर खड़ा किया, लेकिन यूएसए ने इसे 17.4 ओवर में ही हासिल कर लिया जो कनाडा की टीम 1970 के दशक से आईसीसी टूर्नामेंट में हिस्सा ले रही है उसकी हार उलटफेर से कम नहीं थी।

दूसरा उलटफेर भी अमेरिका ने ही किया। इस बार उसने पूर्व चैम्पियन पाकिस्तान के सपनों को चकनाचूर कर दिया। पाकिस्तान और अमेरिका का यह मुकाबला पहले 159-159 के स्कोर पर टाई रहा। इसके बाद सुपर ओवर खेला गया जिसमें अमेरिका ने 18 रन बनाए थे जिसके जवाब में पाकिस्तान की टीम 13 रन ही बना सकी।

तीसरा उलटफेर अमेरिका से हारने वाले कनाडा ने किया। कनाडा ने आयरलैंड को वही दवा चखाई जो वह दूसरों को देने के लिए जाना जाता रहा है। कनाडा ने 7 जून को खेले गए मुकाबले में आयरलैंड के खिलाफ 137 रन बनाए। आयरलैंड की टीम इसके जवाब में 125 रन ही बना पाई।गौरतलब है कि आयरलैंड की टीम वनडे और टी20 विश्वकप में पाकिस्तान, इंग्लैंड जैसी टीमों को हरा चुकी है। उसे टेस्ट टीम का दर्जा भी हासिल है। ऐसे में आयरलैंड से हार उसको हजम नहीं हो रही है।

चौथे उलटफेर का शिकार न्यूजीलैंड की टीम बनी। आठ जून को खेले गए ग्रुप सी के मुकाबले में अफगानिस्तान ने न्यूजीलैंड को 84 रन से करारी शिकस्त दी। अफगानिस्तान ने इस मैच में 6 विकेट पर 159 रन का स्कोर खड़ा किया था। जवाब में न्यूजीलैंड की पूरी टीम 15.2 ओवर में महज 75 रन बनाकर धराशायी हो गई। वहीं पांचवें उलटफेर का शिकार श्रीलंका की टीम हुई।

बांग्लादेश और श्रीलंका के बीच आठ जून को खेले गए मैच में बांग्लादेश ने श्रीलंका को 2 विकेट से हराया। श्रीलंका की टीम ने पहले बैटिंग करते हुए 9 विकेट पर 124 रन बनाए और बांग्लादेश ने 19 ओवर में 8 विकेट खोकर लक्ष्य हासिल कर लिया।

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