उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत इन दिनों खासे प्रसन्न बताए जा रहे हैं। पिछले कुछ अर्से से उनको हटाए जाने की चर्चाएं फिजा में तैर रही थी। यहां तक कि उनके संभावित उत्तराधिकारी को लेकर भी राजनीतिक गलियारों में गहमागहमी तेज हो चली थी। प्रदेश के पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज, नैनीताल से सांसद अजय भट्ट, केंद्रीय मंत्री निशंक और अल्मोड़ा से सांसद अजय टम्टा का नाम नए सीएम के तौर पर चल रहा था।

अपनी विदाई के समाचारों से तिलमिलाए त्रिवेंद्र रावत ने गैरसैंण को राज्य की ग्रीष्मकालीन राजधानी घोषित कर पार्टी के भीतर और बाहर अपने विरोधियों को बैकफुट में ला खड़ा किया है। गैरसैंण हमेशा से ही प्रदेश की जनता के लिए एक बड़ा भावनात्मक मुद्दा रहा है। राज्य गठन के बाद से लगातार गैरसैंण को राज्य की राजधानी बनाने की मांग उठती रही है। त्रिवेंद्र ने पहला कदम उठा जनता का दिल तो जीता ही निकट भविष्य में सत्ता परितर्वन की संभावनाओं को रोकने का भी काम कर डाला है।

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