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इसी महीने 23 जून को होने वाले रामपुर और आजमगढ़ लोकसभा उपचुनाव के लिए कांग्रेस अपना प्रत्याशी नहीं उतारेगी। पार्टी ने प्रत्याशी न उतारने के पीछे तर्क दिया है कि विधानसभा चुनाव के नतीजों को देखते हुए यह जरूरी हो गया है कि यूपी में कांग्रेस खुद को पुर्निर्माण कर और मजबूत बनाए। इससे 2024 में होने वाले आम चुनाव में एक मजबूत विकल्प के तौर पर देखा जा सके। वहीं प्रत्याशी नहीं उतरने पर सियासी गलियारों में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। राजनीतिक विश्लेषकों को कहना है कि कांग्रेस ने अपना उम्मीद्वार न उतार कर सपा की ओर दोस्ती का हाथ बढ़ाया है। इस दोस्ती को राजनीतिक दल 2024 की तैयारियों के नजरिए से भी देख रहे हैं। दरअसल आजम खां और अखिलेश यादव के विधायक बनने के बाद खाली हुई रामपुर और आजमगढ़ लोकसभा सीटों पर 23 जून को मतदान होना है। भाजपा, सपा और बसपा ने प्रत्याशियों का ऐलान कर दिया है। आजमगढ़ में भाजपा प्रत्याशी दिनेश लाल ‘निरहुआ’, सपा प्रत्याशी धर्मेंद यादव और बसपा प्रत्याशी गुड्डू जमाली ने नामांकन किया है।

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