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कोरोना संक्रमण के चलते भले ही पूरा विश्व ठहर सा गया हो, राजनीति के मैदान में शह और मात का खेल लगातार जारी है। गत् सप्ताह कांग्रेस की अध्यक्ष सोनिया गांधी ने मजदूरों से वसूले जा रहे किराए का मुद्दा उठाकर भाजपा और केंद्र सरकार को डिफेंसिव मोड़ में ला खड़ा किया। सोनिया गांधी ने ऐसे सभी मजदूरों का किराया कांग्रेस की तरफ से देने की बात कह केंद्र सरकार को बैकफुट में लाने में सफलता पा ली। घबराई सरकार ने भले  इस आरोप का खंडन जोरदार तरीके से करने का प्रयास किया लेकिन जो नुकसान होना था, होकर रहा। इस सबके बीच कांग्रेस नेताओं के माथे पर चिंता की लकीरें उस अफवाह के चलते स्पष्ट नजर आने लगी जिसमें एक बड़े कांग्रेसी नेता, जो एक बड़े वकील भी हैं, के भाजपा में शामिल होने का दावा किया गया। इन अफवाह इतनी तेजी से वायरल हुई कि सिंघवी को पलटवार करना पड़ा। उन्होंने अपने ट्वििट्र के जरिए बजरिए शेरो-शायरी अपना पक्ष रखा। पहला ट्वीट था- ‘हमारी अफवाह के धुऐं वहीं से उठे हैं जहां हमारे नाम से आग लग जाती है।’ इसके बाद दूसरा ट्वििट आया ‘कागज के पन्नों पर लिखा और कुछ नहीं है, यह जो दिख रहा है वहीं है, हुआ कुछ नहीं है।’ इस ट्वििट के बाद सिंघवी ने एक और ट्वििट किया ‘अफवाह थी कि मैं बीमार हूं, लोगों ने पूछ-पूछ कर बीमार कर दिया।’’

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