Sargosian / Chuckles

राफेल का जिन्न और सुप्रीम कोर्ट

हालांकि राफेल लड़ाकू विमान सौदे को लेकर सुप्रीम कोर्ट में दायर चार जनहित याचिकाओं को सुप्रीम कोर्ट ने यह कहते हुए कि प्रथम दृष्टया कोई भी गड़बड़ी इस रक्षा सौदे में प्रतीत नहीं होतीए खारिज कर दिया था। अब एक बार फिर लगता है इस सौदे पर लगातार हो रहे नए खुलासों के बाद मामला दोबारा सुप्रीम कोर्ट में सुना जा सकता है। पिछले फैसले के तुरंत बाद ही सरकार को तब बेहद शर्मिंदगी का सामना करना पड़ा था जब विपक्षी दलों ने सुप्रीम कोर्ट के समक्ष केंद्र सरकार द्वारा गलत जानकारी देने का आरोप मढ़ प्रमाण लगा डाला। विपक्ष का आरोप है कि जब राफेल सौदे पर सीएजी की रिपोर्ट आई ही नहीं तो उसे संसदीय समिति की क्लीन चिट्ट कैसे मिल सकती है। सरकार ने इस पर अपनी गलती भी मानी। अब लगातार एक के बाद एक खुलासे इस सौदे को लेकर हो रहे हंै जिनके चलते पूरी संभावना है कि सुप्रीम कोर्ट नए तथ्यों के आलोक में देाबारा सुनवाई करे। लगता है जैसे बोफोर्स का जिन्न राजीव सरकार को ले डूबा थाए वैसे ही राफेल का जिन्न मोदी सरकार के लिए खतरनाक साबित होने जा रहा है।

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