[gtranslate]
Sargosian / Chuckles

स्टालिन का सिरदर्द बनते पीटीआर

तमिलनाडु की नई गठित सरकार में जिस मंत्री ने सबसे ज्यादा सुर्खियां बटोरी वे हैं राज्य के वित्तमंत्री पलानीवेल थियागराजन उर्फ पीटीआर। पीटीआर इसलिए सुर्खियों में आए क्योंकि वे खांटी राजनीतिज्ञ न होकर एक जाने-माने अर्थशास्त्री हैं। उन्होंने अमेरिका के प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थान एमआईटी से एमबीए किया है और कई विश्व प्रसिद्ध बैंकिंग कंपनियों में लंबे समय तक काम भी किया है। हालांकि वे तमिलनाडु के एक बड़े राजनीतिज्ञ परिवार से ताल्लुक रखते हैं लेकिन उन्होंने राजनीति के बजाय वित्तीय क्षेत्र को अपना कार्य क्षेत्र बनाया और नाम कमाया। तमिलनाडु के सीएम एमके स्टालिन के अनुरोध पर उन्होंने राजनीति में प्रवेश लिया और सीधे मंत्री बने। स्टालिन द्वारा उन्हें वित्त मंत्रालय दिए जाने की सर्वत्र सराहना हुई। अब लेकिन अपनी कार्यशैली चलते वे सीएम के लिए सिरदर्द का कारण बनते जा रहे हैं। इसकी शुरुआत जीएसटी काउंसिल की बैठक से हुई जिसमें पीटीआर की गोवा के एक मंत्री से बहस हो गई। बहस इतनी बढ़ी कि राजनीतिक मर्यादाओं को ताक में रख पीटीआर ने गोवा के परिवहन मंत्री को ‘खाली डिब्बा’ कह डाला। इसके बाद आया सद्गुरु जग्गीवासुदेव का नंबर। हालांकि द्रमुक हमेशा से ही नास्तिकों की पार्टी कहलाई जाती रही है, आध्यात्मिक गुरू जग्गीवासुदेव और द्रमुक संस्थापक स्व करुणनिधि के मध्य मित्रवत संबंध रहे हैं। जग्गीवासुदेव इन दिनों तमिलनाडु में मंदिरों को सरकारी नियंत्रण से मुक्त कराने का अभियान छेड़े हुए हैं। पीटीआर ने उन पर तीखा हमला करते हुए उन्हें ‘प्रचार का भूखा’ कह डाला। खबर है कि सीएम स्टालिन उनसे इन दो विवादों चलते खासे नाराज हो चले हैं। जानकारों की मानें तो यही कारण है कि राज्य के प्रोटोकाॅल सूची में आमतौर पर वित्तमंत्री को सीएम बाद स्थान दिया जाता रहा है लेकिन नई सरकार द्वारा जारी सूची में पीटीआर को 26वां स्थान दिया गया है।

You may also like

MERA DDDD DDD DD