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कांग्रेस से बगावत कर खुद की पार्टी बनाने वाली ममता बनर्जी परिवारवाद की जकड़ में गहरे धंसती जा रही हैं। तृणमूल कांग्रेस की स्थापना के दिनों में ममता बनर्जी खुलकर कांग्रेस में परिवारवाद के खिलाफ बोला करती थी। अपनी पार्टी के शुरुआती समय में ममता ने अपने परिवार को राजनीति से दूर रखा था लेकिन धीरे-धीरे दीदी पर भी इसके मोह का रंग चढ़ने लगा। पहले उनके भतीजे अभिषेक बनर्जी की राजनीति में इन्ट्री हुई। आज अभिषेक पुराने तृणमूल नेताओं की वरिष्ठता को कहीं पीछे धकेल तृणमूल में नंबर दो की हैसियत तक जा पहुंचे हैं। पार्टी सूत्रों की मानें तो अभिषेक का दीदी पर जबरदस्त प्रभाव ही कई बड़े तृणमूल नेताओं की नाराजगी और ऐसे नेताओं द्वारा तृणमूल को अलविदा कहने का मूल कारण रहा है। अब एक और परिजन की तृणमूल में दीदी ने इन्ट्री करा डाली है। उन्होंने अपने भाई कार्तिक बनर्जी की पत्नी कजरी बनर्जी को कोलकाता नगर निगम के चुनावों में पार्टी का टिकट देकर सबको चैंकाने का काम करा। गौरतलब है कि कार्तिक बनर्जी एक समय में भाजपा में शामिल होने का मन बना चुके थे। जानकारों का कहना है कि निगम चुनावों में भी कार्तिक अपनी पत्नी के लिए भाजपा से टिकट मांग रहे थे। परिवार के सदस्य की भाजपा में इन्ट्री रोकने के लिए दीदी को मजबूरन पहल करनी पड़ी। खबर गर्म है कि निगम चुनावों में शानदार जीत के बाद अब दीदी का लक्ष्य प्रदेश में भाजपा को जड़ से उखाड़ फेंकने का है। इसके चलते वे जल्द ही कार्तिक बनर्जी को भी राजनीति में एक्टिव करने जा रही हैं ताकि भविष्य में भाजपा को बनर्जी परिवार में सेंधमारी करने से रोका जा सके।

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