राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ एक कठोर अनुशासन और परंपराओं का पालन करने वाला संगठन है। संघ ने अपने तिरानबे वर्ष के इतिहास में कभी भी मीडिया के माध्यम से अपना प्रचार-प्रसार नहीं किया। संघ की कार्यशैली बहुत खामोशी से जनसंपर्क के जरिए काम करने की रही है। भारत के कोने-कोने में संघ का विस्तार उसकी शाखाओं का गठन कर किया जाता रहा है। सीधे तौर पर संघ ने राजनीतिक गतिविधियों से भी परहेज रखा है। पहले जनसंघ के जरिए उसने राजनीति में प्रवेश किया। 1980 के बाद से भाजपा संघ की राजनीतिक गतिविधियों का माध्यम रही है। अब लेकिन आरएसएस में बड़े बदलाव देखने को मिल रहे हैं। वर्ष 2000 में संघ ने पहली बार प्रवक्ता पद का सृजन कर एमजी वैध को नियुक्त किया था। वर्तमान में राममाधव यह काम कर रहे हैं। अब मीडिया के साथ संबंध प्रगाढ़ करने और संगठन की नीतियों को सामने लाने के लिए संघ ने विश्व संवाद केंद्र बना देश के सभी महत्वपूर्ण शहरों में प्रवक्ता नियुक्त करने शुरू कर दिए हैं। इतना ही नहीं सादगी से चलने वाला यह संगठन अब देश की राजधानी में भव्य और हाइटेक भवन का भी निर्माण कर रहा है। जानकारों की मानें तो संघ का नया कार्यालय भाजपा मुख्यालय के समान ही होगा।

You may also like