मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ ने हालांकि कर्नाटक की जीत का जश्न मना रही भाजपा के दो विधायकों को तोड़ पार्टी के जश्न को थोड़ा फीका अवश्य कर डाला है। सूत्रों की मानें तो उनकी सरकार पर मंडरा रहा संकट टला नहीं है। खबर है कि अपने दो विधायकों के पासा बदलने के बाद भाजपा आलाकमान मध्य प्रदेश में सक्रिय हो चला है। पूर्व सरकार में मंत्री का दर्जा पाए कम्प्यूटर बाबा ने यह कहकर भाजपा नेतृत्व को चिंता में डाल दिया है कि चार अन्य विधायक भी कांग्रेस के पाले में जाने को तैयार बैठे हैं। ऐसे में खबर है कि बंगाल में भाजपा की जीत के रणनीतिकार कैलाश विजयवर्गीय को पार्टी अध्यक्ष ने मध्य प्रदेश में एक बार फिर से सक्रिय कर दिया है। तोड़-फोड़ में माहिर विजयवर्गीय को कांग्रेस विधायकों से संपर्क करने को कहा गया है। खबर यह भी है कि पार्टी नेतृत्व पूर्व सीएम शिवराज सिंह को इस शर्त पर दोबारा प्रदेश की सत्ता सौंपने पर राजी हो गया है यदि वे कांग्रेस के विधायकों को पाला बदलने के लिए तैयार कर सकें। ऐसे में कमलनाथ भले ही तत्कालिक तौर पर राहत की सांस ले रहे हों, उनकी सरकार को अस्थिर किए जाने का खेल जारी है।

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