मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी की टीम में जगह नहीं पा सके हैं। पिछले दिनों पुनर्गठित कांग्रेस वर्किंग कमेटी में जर्नादन द्विवेदी, सुशील कुमार शिंदे, कर्ण सिंह, मोहन प्रकाश जैसे दिग्गजों समेत दिग्विजय सिंह को स्थान नहीं दिया गया है। खबर है कि राजा साहब इससे बेहद आहत हैं। कभी राहुल गांधी के राजनीतिक गुरु कहलाए जाने वाले दिग्गी राजा की नाराजगी जायज भी है। वे राहुल गांधी के कभी अत्यंत निकट हुआ करते थे। मध्य प्रदेश की राजनीति से दस वर्ष का स्वघोषित संन्यास लेने वाले दिग्विजय सिंह की गिनती गांधी परिवार के वफादारों में होती है। पिछले दिनों उन्होंने 3300 किमी की नर्मदा परिक्रमा के बहाने मध्य प्रदेश कांग्रेस में जान फूंकने का काम भी किया है। इसके बावजूद उनको टीम राहुल में जगह ना मिलना सभी को अचंभित कर गया। कांग्रेस अध्यक्ष ने हालांकि उन्हें और जर्नादन द्विवेदी को 22 जुलाई की कांग्रेस वर्किंग कमेटी की बैठक में विशेष आमंत्रित सदस्य के रूप में बुलाया था लेकिन दोनों ही नेता इस मीटिंग में नहीं पहुंचे। जानकारों की मानें तो दिग्गी राजा जानबूझकर दिल्ली से बाहर चले गए ताकि वे अपनी नाराजगी को पार्टी अध्यक्ष तक पहुंचा सकें। कांग्रेसी खेमे में इस नाराजगी को लेकर भारी हलचल है क्योंकि दिग्गी राजा की नाराजगी का नुकसान पार्टी को मध्य प्रदेश में हो सकता है।

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