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कर्नाटक में अगले वर्ष विधानसभा चुनाव होने हैं। ऐसे में सत्तारूढ़ भाजपा की प्रदेश में मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। बसवराज बोम्मई को राज्य की सत्ता संभाले अभी एक वर्ष भी नहीं पूरा हो पाया है, लेकिन प्रदेश भाजपा का एक धड़ा उहें हटाए जाने की मुहिम शुरू कर चुका है। हिजाब प्रकरण चलते कर्नाटक की छवि पिछले दिनों धूमिल हुई है जिसमें अब एक वरिष्ठ मंत्री ईश्वरप्पा पर लगे आरोपों ने इजाफा कर डाला है। बोम्मई सरकार में ग्रामीण विकास मंत्री ईश्वरप्पा पर एक ठेकेदार ने प्रताड़ित करने, रिश्वत मांगने के गंभीर आरोप लगा खुदकुशी कर डाली है। इस आत्महत्या ने राज्य में भारी राजनीतिक बवाल पैदा कर मुख्यमंत्री बोम्मई की मुश्किलें कई गुना बढ़ा दी हैं। किसी भी कीमत पर इस्तीफा न देने पर अड़े ईश्वरप्पा ने हालांकि भाजपा आलाकमान के निर्देश पर त्यागपत्र तो दे दिया है लेकिन उनके इस त्यागपत्र ने भाजपा समर्थक ओबीसी वोट बैंक को नाराज कर डाला है। ईश्वरप्पा ओबीसी नेता हैं और उनका इस वोट बैंक में खासा प्रभाव बताया जाता है। बताया जा रहा है कि भाजपा के दो बड़े नेताओं ने केंद्रीय नेतृत्व पर ईश्वरप्पा को नहीं हटाए जाने के लिए जबरदस्त दबाव बनाया था लेकिन पार्टी के राष्ट्रीय महामंत्री अरुण सिंह ने पूरे मामले की गंभीरता को समझते हुए पार्टी अध्यक्ष जेपी नड्डा और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को सलाह दी कि मंत्री का इस्तीफा पार्टी की छवि बनाए रखने के लिए बेहद जरूरी है। इस बीच मुख्यमंत्री बोम्मई से नाराज चल रहा राज्य भाजपा का धड़ा एक बार फिर से एक्टिव हो चला है। खबर गर्म है कि पूर्व सीएम येदियुरप्पा भी इस खेल में शामिल हो चुके हैं।

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