एक तरफ प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव जेल में गर्दिश भरे दिन काट रहे हैं। लालू की बीमारी की खबरें जेल से आती रहती हैं। लेकिन वहीं दूसरी तरफ बिहार में बीमारी पर वार शुरू हो गया है। यह बीमारी चमकी बुखार को लेकर नहीं है जिसमें सैकड़ों नवजात अकाल मौत के मुंह में समा गए थे, बल्कि यह राजनीतिक बीमारी है। जिसमें एक तरफ नीतीश कुमार अपनी सरकार को स्वस्थ बता रहे हैं तो दूसरी तरफ विपक्ष बिहार को बीमार बता रहा है। सत्ता पक्ष और विपक्ष में बीमारी को लेकर पॉलीटिकल वार  कुछ यूं शुरू हुआ है। जिसमें एक तरफ नीतिश सरकार के प्रदेश में बड़े-बड़े होर्डिंग्स लगा दिए गए है। इनमें सरकार की तारीफों के पुलिंदे बांधे गए हैं। एक होर्डिंग्स पर लिखा है कि सच्चा है अच्छा, चलो नीतीश के साथ चलें। नीतीश सरकार के सुशासन की छवि उज्जवल बनाने के लिए दूसरे होर्डिंग्स में लिखा गया है कि क्यों करें विचार, ठीक तो है नीतीश सरकार। जबकि विपक्ष ने प्रदेश में इसका जवाब होर्डिंग्स लगा यूं दिया है- क्यों न करे विचार, बिहार जो है बीमार। हालांकि प्रदेश से चमकी बुखार की बीमारी तो सैकड़ों बच्चों की जान लेकर चली गई, लेकिन अब यहां राजनीतिक बीमारी चालू है।

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