[gtranslate]
Sargosian / Chuckles

एटार्नी जनरल के बगावती तेवर

देश के महाधिवक्ता केके वेणुगोपाल ने बॉलीवुड अभिनेत्री स्वरा भास्करर पर मानहानि का मुकदमा चलाए जाने की इजाजत नहीं देकर जहां एक तरफ स्वरा भास्कर को बड़ी राहत देने का काम किया है, वहीं दूसरी तरफ प्रशांत भूषण के पक्ष में भी उनके विचार भाजपा को नहीं सुहा रहे हैं। गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट ने प्रशांत भूषण अवमानना प्रकरण में बगैर एटार्नी जनरल से सलाह-मशविरा किए सारी कार्यवाही को अंजाम दिया है।

प्रशांत भूषण के वकील दुष्यंत दवे ने सुनवाई के दौरान केके वेणुगोपाल से राय लिए जाने पर जोर दिया लेकिन सुप्रीम कोर्ट राजी नहीं हुई। सूत्रों का दावा है कि वेणुगोपाल इससे खासे आहत और नाराज हैं। इतने नाराज कि उन्होंने इस प्रकरण पर अपनी निजी राय प्रशांत भूषण के पक्ष में सार्वजनिक कर दी। इसके ठीक बाद उन्होंने एक वकील अनुज सक्सेना द्वारा स्वरा भास्कर पर सुप्रीम कोर्ट की अवमानना का आरोप लगाते हुए मुकदमा चलाने की इजाजत पर एक्शन ले लिया। केके वेणुगोपाल ने उनकी अर्जी को नामंजूर कर दिया है। दरअसल, अवमानना कानून के अनुच्छेद 15 में स्पष्ट प्रावधान है कि अवमानना का मुकदमा चलाए जाने के लिए एटार्नी जनरल या फिर सॉलिस्टर जनरल की सहमति जरूरी है। प्रशांत भूषण प्रकरण में सुप्रीम कोर्ट ने ऐसा नहीं किया है। अनुज सक्सेना अब अपनी अर्जी सॉलिस्टर जनरल के यहां लगाने का मन बना चुके हैं। इस बीच चर्चा जोरों पर है कि केंद्र सरकार वेणुगोपाल के रुख से खासा नाराज है। बहुत संभव है कि वेणुगोपाल के स्थान पर किसी अन्य को महाधिवक्ता बना दिया जाए।

You may also like

MERA DDDD DDD DD