[gtranslate]

पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव नतीजों बाद कांग्रेस का असंतुष्ट धड़ा ‘जी-23’ मुखर हो उठा। एक के बाद एक ताबड़तोड़ बैठकें इस समूह के नेताओं ने करनी शुरू कर दी। कपिल सिब्बल और मनीष तिवारी ने तो बकायदा सोशल मीडिया और मुख्यधारा के मीडिया में खुलकर गांधी परिवार के खिलाफ बोलना भी शुरू कर डाला। अब लेकिन वे इस समूह के नेता खामोश हो चले हैं। बताया जा रहा है कि वक्त की नजाकत को भांपते हुए कांग्रेस आलाकमान ने इस समूह के कुछ बड़े नेताओं को दोबारा से राज्यसभा भेजे जाने का इशारा कर खामोश करा दिया है। दरअसल आने वाले तीन महीनों के भीतर राज्यसभा की 57 सीटें खाली हो रही हैं। इनमें से राजस्थान, छत्तीसगढ़ और हरियाणा की कुछ सीटों पर कांग्रेस को जीत मिलनी तय है और यदि तमिलनाडु, बिहार और झारखण्ड में सहयोगी दल मान गए तो हरेक राज्य से एक सीट कांग्रेस को मिल सकती है। राजस्थान से तीन राज्यसभा सीट और छत्तीसगढ़ से दो सीट कांग्रेस की पक्की है। हरियाणा से भी उसे एक सीट मिलनी तय है। ऐसे में बड़ी चर्चा है कि कांग्रेस आलाकमान गुलाम नबी आजाद को हरियाणा से और एक अन्य असंतुष्ट नेता आनंद शर्मा को राजस्थान से राज्यसभा भेज सकती है। यदि ऐसा हुआ तो ‘जी-23’ समूह में फूट पड़नी तय है क्योंकि पार्टी इस समूह के सबसे मुखर नेता कपिल सिब्बल को राज्यसभा में एडजस्ट करने के लिए कतई तैयार नहीं है। हालांकि कहा यह भी जा रहा है कि देश के सबसे काबिल वकीलों में एक सिब्बल ने अपने लिए खुद ही एक सीट का जुगाड़ कर लिया है।

You may also like

MERA DDDD DDD DD