Sargosian / Chuckles

अजीत डोभाल का कम होता रुतबा

मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल का जलवा कुछ कम होता नजर आ रहा है। हालांकि इस बार उन्हें कैबिनेट मंत्री का दर्जा दिया गया है और सरदार पटेल भवन स्थित उनका कार्यालय भी पहले की अपेक्षा खासा विशाल और भव्य बन चुका है। उनके साथ तीन डिप्टी एनएसए भी तैनात किए गए हैं। उन्हें कई महत्वपूर्ण मामलों में स्वतंत्र निर्णय लेने की भी छूट दी गई है, लेकिन जानकारों की मानें तो तमाम तामझाम के बावजूद अमित शाह के गृहमंत्री बनने बाद से डोभाल के पर कतर चुके हैं। खबर है कि अब डोभाल को गृह विभाग के अफसरों संग बैठक करने के लिए पहले की तरह आजादी नहीं हैं। उन्हें इसके लिए गृहमंत्री के कार्यालय को सूचित करना पड़ रहा है। साथ ही इंटेलिजेंस ब्यूरो व अन्य महत्वपूर्ण खुफिया विभागों के प्रमुख भी अब डोभाल के निर्देशों पर अमल करने से पूर्व गृहमंत्री की परमिशन लेने लगे हैं। खबर यह भी है कि डोभाल के साथ ही पीएम के दो सचिवों को भी कैबिनेट मंत्री का दर्जा देकर मोदी ने सत्ता संतुलन को इस तरह से साधा है कि कोई भी निर्णय उनकी इच्छा और जानकारी के बगैर अब होना संभव नहीं रहा है।

You may also like