भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह अपनी पहचान एक ऐसे अध्यक्ष की बना चुके हैं जो चुनाव मैनेजमेंट के लिए नए-नए तरीकों को ईजाद कर भाजपा की सरकारें देश के बीस राज्यों में बना चुके हैं। इन दिनों पार्टी में शाह के सीधे दिशा-निर्देश पर काम कर रही लोकसभा टोली की खासी चर्चा है। 2019 के आम चुनाव से पहले अपनी इन टोलियों के जरिए शाह हर राज्य में लोकसभा प्रत्याशियों की बाबत फीडबैक और जमीनी हकीकत जानने में जुटे हैं। पार्टी सूत्रों की मानें तो शाह 395 लोकसभा सीटों का जायजा ले भी चुके हैं। राज्यस्थान, उत्तराखण्ड, जम्मू-कश्मीर, हरियाणा, दिल्ली, आंध्र प्रदेश, ओडिसा, पश्चिम बंगाल, गुजरात, दादर नगर हवेली और पूर्वोत्तर के राज्यों की पूरा फीडबैक इन टोलियों के जरिए पार्टी अध्यक्ष तक पहुंच चुका है। शाह ने जमीनी हकीकत जानने के साथ-साथ लोकसभा टोली को एक बड़ा जिम्मा सोशल मीडिया पर सक्रिय रहने और आमजन के साथ संपर्क बढ़ाने का भी सौंपा है। जाहिर है ऐसे में पार्टी प्रत्याशियों के चयन में इन टोलियों के फीडबैक का महत्व खासा बढ़ गया है तो दूसरी तरफ अच्छा प्रदर्शन न कर पाने वाले भाजपा सांसदों का संकट भी।

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