डीआईजी कुमाऊं जगत राम जोशी ने पुलिस और जनता के बीच बेहतर संवाद की अच्छी पहल शुरू की है। अब पुलिसकर्मी घर-घर जाकर बुजुर्गों का हाल ले रहे हैं। महिला सुरक्षा के प्रति जागरूकता पैदा की जा रही है। इस बीच गरीबों को रजाइयां भी बांटी गई

 

समय के साथ पुलिस भी समाज में अपनी छवि को बदलने की कोशिश कर रही है। कानून व्यवस्था बनाए रखने के इतर पुलिस अधिकारी सामाजिक सरोकारों व जनोन्मुखी छवि की ओर भी अपनी भूमिका महत्वपूर्ण तरीके से निभाने के लिए उत्सुक हैं। नशे के खिलाफ लड़ाई, महिलाओं की सुरक्षा के लिए जागरूकता, वरिष्ठ नागरिकों का ख्याल और गरीब तबके की जरूरतों के प्रति सामाजिक दायित्व भी अब पुलिस की प्राथमिकताओं में है।

दरअसल, कभी-कभी पुलिस का ऐसा कठोर रवैया समाज को देखने को मिलता रहा है, जिससे शायद लोग भूल जाते हैं कि पुलिस वाले भी समाज का ही हिस्सा हैं, आखिर वो भी इंसान हैं और वो भी आम जनता की तरह मानवीय संवेदनाएं रखते हैं। पुलिस की सामाजिक दायित्व की छवि के लिए पुलिस उपमहानिरीक्षक (कुमाऊं) जगत राम जोशी ने एक नई पहल की है। उप महानिरीक्षक का कार्यभार संभालते ही उन्होंने सबसे पहले चिंता की बुजुर्ग नागरिकों की।

पुलिसकर्मी गांव- गांव जाकर वरिष्ठ नागरिकों की समस्याओं से रूबरू हुए। वरिष्ठ नागरिकों की समस्याओं को जाना व अपने स्तर से समस्याओं के निराकरण का प्रयास किया। शायद ये पुलिस महकमे का नागरिकों की देखभाल का संदेश देने का अनूठा प्रयास था। इसी पहल को आगे बढ़ाते हुए पुलिस उपमहानिरीक्षक जोशी ने सभी थाना चौकी क्षेत्र के पुलिसकर्मियों को अपने क्षेत्र में गरीब व असहाय लोगों को चिन्हित करने को कहा। पुलिस के अपने प्रयासों से इन चिन्हित गरीब व असहाय सात सौ लोगों को सर्दी से बचने के लिए रजाइयों का वितरण किया गया। हमेशा पुलिस से भय खाने वालों के लिए पुलिस द्वारा रजाइयां पाना किसी सुखद आश्चर्य से कम नहीं था। चिन्हित इन गरीब लोगों को पूर्व में ही टोकन उपलब्ध कराए गए थे, परंतु अपेक्षित संख्या से अधिक जरूरतमंद लोग आयोजन स्थल पर पहुंचे तो कुछ निराश भी हुए। उनके लिए शीघ्र ही आयोजन का वादा डीआईजी ने किया।

डीआईजी जगत राम जोशी का कहना है कि ऐसे आयोजन जनता के मध्य विश्वास और सहयोग को बढ़ाने का काम करते हैं। पुलिस व जनता के बीच दूरी कम कर आपसी विश्वास कायम करते हैं। वे इस मुहिम को और आगे ले जाना चाहते हैं और भविष्य में दिव्यांगों के लिए भी शिविर, मेडिकल कैंप लगाने की योजना है। पुलिस की इस मुहिम में लोग भी सहयोग के लिए आगे आए। जिनमें स्टोन क्रशर स्वामी अभिषेक अग्रवाल, राजेश अग्रवाल, संजय अग्रवाल प्रमुख रहे। फिलहाल डीआईजी जगतराम जोशी सहित पुलिस महकमे की अपनी परंपरागत छवि से बाहर निकलने की इस पहल को काफी प्रशंसा मिल रही है।

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