[gtranslate]
Positive news

मिसाल: धन सिंह घारिया जो अपने स्कूलों के आसपास लगा चुके हैं हजारों पेड़

मिसाल: धन सिंह घारिया जो अपने स्कूलों के आसपास लगा चुके हैं हजारों पेड़

अपने लिए जिए तो क्या जिए अपने लिए तो हर कोई जीता है, लेकिन बहुत कम लोग होते हैं जो दूसरों के लिए जीते हैं। उन्हीं लोगों में से एक सज्जन पुरुष हैं, उत्तराखण्ड के धन सिंह घारिया। जो 15 साल से भी ज्यादा वर्षो से एक शिक्षक के रूप में कार्यरत हैं। वह दुर्गम क्षेत्र में तैनात हैं। ये जीआईसी गोदली रुद्रप्रयाग में पढ़ाते हैं। जीआईसी गोदली रुद्रप्रयाग अतिदुर्गम क्षेत्र में आता है। वह सिर्फ पूरी निष्ठा से छात्रों को पढ़ाते हैं और साथ ही इस पूरे क्षेत्र में पेड़ों वाले गुरुजी के नाम से भी जाने जाते हैं।

इस नाम से वे इतने विख्यात इसलिए हैं क्योंकि उनको पेड़ों से बेहद लगाव है। वह अब तक अपने स्कूलों के आस-पास हजारों की संख्या में पेड़ लगा चुके हैं। उनके परिवार में उनकी पत्नी और 2 बच्चे हैं। जो देहरादून में अकेले रहते हैं। उनको बहुत बार ट्रांसफर के लिए कहा गया, लेकिन वह हर बार इंकार करते रहे। वह कहते हैं कि बस पहाड़ की सेवा ही करनी है। यही मेरा स्वर्ग है और यही मेरा घर है। वे ऐसे शिक्षक हैं जो पहाड़ को अपना स्वर्ग और घर मानते हैं और वहां अपनी सेवा को परमधर्म। वहीं कुछ ऐसे शिक्षक भी हैं, जो पहाड़ में सेवा देने को ‘वनवास’ कहते हैं।


क्षेत्र के स्थानीय लोग बताते हैं कि घारिया हर साल गरीब लड़कियों की शिक्षा के लिए उन्हें गोद लेते हैं। उन्होंने इस क्षेत्र की 2 लड़कियों को पढ़ाने के लिए गोद लिया था। उनका नाम इन्दु व जमुना है। उनके घर की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं थी, जिस वजह से दोनों को दसवीं के बाद पढाई छोड़नी पड़ी। लेकिन दोनों में पढ़ने की ललक थी और वे दोनों आगे बढ़ना चाहती थी। जब यह बात घारिया जी को पता चली तो उन्होंने इन लड़कियों की पढ़ाई का जिम्मा उठा लिया।

दोनों लड़कियों को स्कूल की ड्रेस देकर पूरे सम्मान के साथ उनका एडमिशन राजकीय इंटर कॉलेज गोदली में करवा दिया। जब वह अपने सगे संबंधियों के घर जाते हैं तब उनसे पुराने कपड़े और किताबें मांगना नहीं भूलते। यहां तक कि वे लोगों से पुराने अखबार और पत्रिकाएं भी मांग कर ले जाते हैं। उनकी पीठ पर हमेशा एक बैग रहता है। जिसमें उनकी जरूरत का सामान ही नहीं, बल्कि लोगों से मांगा हुआ सामान भी मौजूद होता है। वह इन सभी सामानों को स्कूल ले जाकर जरूरतमंद बच्चों में बांट देते हैं।

You may also like

MERA DDDD DDD DD