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अपने मकसद को हासिल कर समाज में एक नई पहचान बनाने में सफल हुई हैं, जनपद पिथौरागढ़ की कम उम्र की दो होनहार बेटियां। एक ने कॉमर्शियल पायलट का लाइसेंस प्राप्त कर तो दूसरी ने एवरेस्ट शिखर को छूकर अपनी क्षमता साबित की है। ये दोनों बेटियां देश भर की अन्य बेटियों के लिए मिसाल व प्रेरणा का स्रोत बनकर उभरी हैं।

सुदूरवर्ती जनपद के सीमावर्ती दारमा घाटी के सौन गांव की 19 वर्षीय बालिका मुस्कान सिंह सौनाल ने इंदिरा गांधी राष्ट्रीय उड़ान एकेडमी रायबरेली में कामर्शियल पायलट का प्रशिक्षण प्राप्त कर एक नया इतिहास रचा। इतिहास इस मायने में कि वह जनपद पिथौरागढ़ से कॉमर्शियल पायलट बनने वाली पहली पायलट हैं। बचपन से ही आकाश में उड़ने की तमन्ना के लिए उन्होंने ढाई वर्ष तक का कठिन प्रशिक्षण प्राप्त कर अपने सपने को पूरा किया। मुस्कान का अगला लक्ष्य भारतीय सेना में जाने का है। वहीं दूसरी तरफ जनपद के सल्मोड़ा गांव की शीतल राज ने मात्र 23 वर्ष की आयु में 8848 मीटर ऊंचाई वाले एवरेस्ट पर्वत पर विजय प्राप्त की। इससे पहले भी वह कंचनजंगा पर्वत को फतह करने में सफल रही हैं। इन दोनों बेटियों ने अपने परिश्रम एवं लक्ष्य साधने की कला से एक बड़ी लकीर खींची है। स्वाभाविक है कि आने वाले समय में जनपद की कई बालिकाएं इसी तरह से अन्य समाज के अलग-अलग क्षेत्रों में नया मुकाम हासिल कर महिला सशक्तीकरण की मुहिम को आगे बढ़ाएंगी।

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