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आवारा गौमांश को मिला आशियाना

समाज के लिए समर्पित नीरज ने आवारा गायों के लिए गौशालाएं बनाई हैं। उनकी इस मुहिम में लोग जुटते जा रहे हैं

सकारात्मक व सक्रिय हस्तक्षेप के माध्यम से समाज परिवर्तन की मुहिम में जुटे हैं नीरज भट्ट। नीरज जुनूनी युवा हैं और समस्याओं को सकारात्मक परिणामों में बदलने की उनकी जिद उनके सामाजिक उत्तरदायित्वों का बोध कराती है। गौवंश के संरक्षण के लिए उनके द्वारा चलाया जा रहा ऑपरेशन ‘हो-हो’ काफी चर्चा में है। जिला मुख्यालय के नजदीक सिलौली गांव में चार छोटी गौशालाएं भी अब बनकर तैयार हैं। ये गौशालाएं शहर में घूम रहे आवारा गौवंश का बसेरा बनी हुई हैं। यातायात व्यवस्था में बाधक बन रहे व खेतों को नुकसान पहुंचा रहे इन गौवंश को अब ठिकाना मिल चुका है। लंबे समय से सड़कों पर छोड़ दिए गए ये गौवंश जहां राह चलते लोगों को चोटिल कर नुकसान पहुंचा रहे थे वहीं खुद भी दुर्दशा का शिकार हो रहे थे। इस समस्या से निपटने के लिए नीरज ने पहले ‘क्लीन एंड ग्रीन’ परिवार का गठन किया फिर इसमें उन युवाओं को जोड़ा जो समाजहित में काम करने की इच्छा रखते थे। बाद में क्लीन एंड ग्रीन परिवार ने स्थानीय स्तर पर अपने प्रयासों से संसाधन जुटाकर गौशाला का निर्माण किया। अब इस गौशाला में सड़कों में आवारा घूम रहे गौवंश को गाड़ियों में लादकर इस गौशाला में लाया जा रहा है। उनके भोजन के लिए चारे की व्यवस्था भी सुचारु रूप से की जा रही है। अब ये गौशालाएं आवारा फिरने वाले जानवरों का बसेरा बन चुकी हैं। इससे जहां उन्हें समय पर चारा भी मिलता है तो मौसम व दुर्घटनाओं की मार से भी वह बच रहे हैं। अब तक दस से अधिक बेसहारा जानवर गौशाला में पहुंचा दिए गए।


नीरज इन अवारा व असहाय जानवरों के लिए खुद ही चारा जुटाते हैं। उनका अधिकांश समय इन्हीं गौशालाओं में बीत रहा है। इसके अलावा अक्टूबर 2015 में क्लीन एंड ग्रीन परिवार का गठन करने के साथ ही अन्य समाजोपयोगी कार्य भी इनके परिवार की तरफ से किये जा रहे हैं। नगर को साफ-सुथरा रखने के लिए बकायदा कूड़ेदान रखे गए हैं। अब क्लीन एंड ग्रीन परिवार बांस व रिंगाल से बने कूड़ेदानों को प्राथमिकता दे रहा है जिससे इसे तैयार करने वालों की आजीविका भी बढ़ेगी व साथ ही स्वच्छता भी बनी रहेगी। पुलिस प्रशासन व कई व्यापारियों के सहयोग से वाल पैंटिंग भी ग्रीन एंड क्लीन परिवार के युवाओं द्वारा किया जा रहा है। जिसमें तमाम समस्याओं को लेकर जागरूकता से संबंधित स्लोगनों को भी चित्रित किया जा रहा है। क्लीन एंड ग्रीन परिवार के मुखिया नीरज अब नगर में घूम रहे पागलों का इलाज कराकर उन्हें समाजपोयोगी बनाने की पहल में भी जुटे हैं। इसके लिए हर तरह की संभावनाएं तलाशी जा रही हैं। एक बड़ा काम यह भी हो रहा है कि नगर में जहां भी छोटी-बड़ी अव्यवस्थायें मसलन- खराब पानी का नल, झूलते नंगे तार, लावारिश जानवर, उखड़ी टाइलिश, अनावश्यक रूप से जगह-जगह फैला कूड़ा, पानी के लीकेज पाईप, बेजान पड़े पार्क। इनके चित्र खींचकर एक फाइल तैयार की जा रही है। ऐसा करने के पीछे का उद्देश्य शासन- प्रशासन का इन अव्यवस्थाओं की तरफ ध्यान आकर्षित करना है ताकि इन समस्याओं का निदान हो सके।

नीरज भट्ट

नीरज द्वारा गठित क्लीन एंड ग्रीन परिवार अब तक 70 से अधिक स्वच्छता अभियान चला चुका है। 800 कूड़ेदानों का वितरण भी किया जा चुका है। मजदूर तबके के लोगों के लिए नेकी की दीवार के माध्यम से निःशुल्क गर्म कपड़ों का वितरण भी किया जा चुका है। ऑपरेशन बाल पेंटिंग में पुलिस विभाग के सहयोग से दीवारों पर चित्र पेंटिंग किए गए हैं। लोहाघाट, पिथोरागढ़ में कूड़ेदान रखवाये गए हैं तो पिथौरागढ़, डीडीहाट, गंगोलीहाट में दीवार पेंटिंग का काम किया गया है। ऑपरेशन बाल पेंटिंग के लिए पुलिस प्रशासन व व्यापारियों व संगठनों के सहयोग लिया जा रहा है। जिला मुख्यालय के अपटेक तिराहा व विकास भवन में लावारिस गौवंश के लिए एक-एक भोजन व जल पात्र भी पूर्व में रखवाया गया था ताकि लोग बचा भोजन इसमें डालें ताकि यह गौवंश का आहार बन सके।

अब नीरज की अगुवाई में क्लीन एंड ग्रीन परिवार के द्वारा किए गए कार्यों का धरातलीय परिणाम सामने आ रहा है। अभी तक जानवरों को वाहन से यहां पहुंचाने का खर्च भी क्लीन एंड ग्रीन परिवार खुद जुटा रहा है। लेकिन जानवरों के आहार व अन्य प्रबंध के इसे स्वयंसेवी संगठनों व प्रशासन के बड़े सहयोग की दरकार है ताकि यह मुहिम बड़ा आकार ले सके। नगर के लोगों से एक रोटी हर रोज गाय के नाम का अभियान भी इस परिवार के कार्यकर्ताओं ने चला रखा है। इसके अलावा जानवरों को सड़कों पर छोड़ने वाले परिवारों के चिहन्हीकरण का काम भी हो रहा है। इसके लिए प्रशासन से वार्ता भी की जा चुकी है। यही नहीं अब क्लीन एंड ग्रीन परिवार के युवा सिलौली क्षेत्र में जहां पर गौशालाएं बनाई गई हैं वहां जमीन देने वाले परिवारों के बच्चों को निःशुल्क पढ़ाने के साथ ही उन्हें प्रतियोगी परीक्षा संबधी पुस्तकें उपलब्ध कराने का प्रयास भी किया जा रहा है। बेसहारा जानवरों का सहारा बने युवाओं के अन्य समाजयोपयोगी कार्यों की भी खूब सराहना हो रही है। कुल मिलाकर नीरज व इनके क्लीन एंड ग्रीन परिवार द्वारा की जाने वाली सामाजिक प्रक्रियाएं अब नए बदलावों की तरफ बढ़ रही हैं जो एक नई आस जगाती हैं।

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