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पंखुरी पाठक ने सपा से दिया इस्तीफा

समाजवादी पार्टी की मीडिया पैनलिस्ट की नई सूची जारी होते ही नेता पार्टी छोड़ने लगे हैं. यह पार्टी के लिए चिंता की बात हैं. नई सूची आने के बाद एसपी नेता पंखुड़ी पाठक ने इस्तीफा दे दिया है. मीडिया पैनलिस्ट में अपना नाम न होने पर उन्होंने पार्टी छोड़ने का ऐलान किया. उन्होंने पार्टी पर अपने समाजवादी सिद्धांतों को छोड़ देने का आरोप लगाते हुए कहा कि अब वहां रहने से दम घुटता है. सोमवार को एसपी के मुख्य प्रवक्ता राजेंद्र चौधरी ने 24 नेताओं की सूची जारी की थी जो इलेक्ट्रॉनिक और प्रिंट मीडिया में पार्टी का पक्ष रखने के लिए अधिकृत होंगे. इस लिस्ट में पंखुड़ी पाठक का नाम नहीं है.
View image on Twitter                      इसके बाद पंखुड़ी पाठक ने ट्वीट कर कहा, ‘भारी मन से सभी साथियों को सूचित करना चाहती हूं कि समाजवादी पार्टी के साथ अपना सफर मैं अंत कर रही हूं. 8 साल पहले विचारधारा और युवा नेतृत्व से प्रभावित होकर मैं इस पार्टी से जुड़ी थीं. लेकिन, आज न वो विचारधारा दिखती है और न ही वो नेतृत्व. जिस तरह की राजनीति चल रही है उसमें अब दम घुटता है.’

उन्होंने कहा, ‘कभी जाति और कभी धर्म तो कभी लिंग को लेकर जिस तरह की अभद्र टिप्पणियां की जाती है, पर पार्टी नेतृत्व सबकुछ जानकर भी शांत रहता है. यह दिखता है कि नेतृत्व ने भी इस स्तर की राजनीति को स्वीकार कर लिया है. ऐसे माहौल में अपने स्वाभिमान के समझौता करके पार्टी में बने रहना मुमकिन नहीं रह गया था.’

पंखुड़ी पाठक ने यह भी कहा कि वो किसी भी दल से जुड़ने की नहीं सोच रही हैं. वो अब अपना पूरा ध्यान उच्च शिक्षा पूरी करने पर लगाएंगी. उन्होंने #ISupportAkhilesh अभियान को भी बंद कर दिया है.

दिल्ली में रहने वाली पंखुड़ी नॉन पॉलि‍टि‍कल बैकग्राउंड से हैं. उनके पिता जे सी पाठक और मां आरती पाठक डॉक्टर हैं. यह दोनों निजी प्रैक्टिस करते हैं. पंखुड़ी दि‍ल्ली यूनिवर्सिटी (डीयू) की लॉ स्टूडेंट हैं. पंखुड़ी लंबे समय से समाजवादी पार्टी की छात्र सभा से जुड़ी रही. वर्ष 2010 में हंसराज कॉलेज के चुनाव में उन्होंने ज्वाइंट सेक्रेटरी पद का चुनाव जीता था. उस समय उनकी उम्र लगभग 18 साल थी. उन्होंने 2 से 3 साल तक पार्टी की तरफ से प्रत्याशि‍यों को छात्रसंघ का चुनाव भी लड़ाया. पंखुड़ी पाठक समाजवादी पार्टी से 2010 में ही जुड़ीं थी.

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