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कश्मीरी पंडितों पर आधारित फिल्म ‘शिकारा’ से क्यों नाराज हैं दर्शक?

कश्मीरी पंडितों पर आधारित फिल्म 'शिकारा' से क्यों नाराज हैं दर्शक?

सिनेमाघरों में 7 फरवरी को रिलीज हुई ‘शिकारा’ फिल्म को लेकर एक के बाद एक विवाद खड़े होते ही जा रहे हैं। शिकारा के रिलीज होने से पहले ही फिल्म पर शुरू हुआ विवाद जम्मू-कश्मीर के कोर्ट तक पहुंच गया था। वहीं अब इस फिल्म के रिलीज होने के बाद भी दर्शक इस फिल्म से नाराज नजर आ रहे हैं। कश्मीरी पंडितों की ओर से भी आरोप लगाया गया कि फिल्म में तथ्यों के साथ छेड़छाड़ की गई है।

फिल्म का निर्देशन डायरेक्टर विधु विनोद चोपड़ा ने किया है। इसकी कहानी के लेखक और पत्रकार राहुल पंडिता है। स्क्रिप्ट लेखक अभिजात जोशी ने लिखी है। फिल्म को देखने के बाद लोगों का कहना है कि 30 साल पहले जो कश्मीरी पंडितों के साथ हुआ फिल्म में उसे सही ढंग से नहीं दिखाया गया है। फिल्म को एक पॉलिटिकल नजरिए से दर्शाया गया है।

जब पहली बार लोगों को पता चला कि विधु चोपड़ा कश्मीरी पंडितो को लेकर कोई फिल्म बनाने जा रहे हैं। उस समय तक लोगों में इस फिल्म को लेकर काफी उत्साह देखा जा रहा था। फिल्म का पहला ट्रेलर रिलीज होने तक और पोस्टर आने तक सब ठीक चल रहा था। लोगों को आशा थी कि इस फिल्म के जरिए उन्हें कश्मीरी पंडितों की व्यथा के बारे में जानकारी मिलेगी। लेकिन जैसे ही फिल्म का दूसरा ट्रेलर रिलीज हुआ। इस पर विवाद शुरू हो गया।

विवाद की स्थिति सबसे पहले तब उत्पन्न हुई जब फिल्म के पोस्टर से टैगलाइन को चेंज कर दिया गया। पहले वाले पोस्टर की टैगलाइन ‘The Untold Story of Kashmiri Pundits (कश्मीरी पंडितों की अनकही कहानी) थी। पर दूसरे पोस्टर में इसे बदल ‘A Timeless Love Story in the Worst of Times’ (सबसे बुरे दिनों की एक कालजयी प्रेम कहानी) कर दी गई।

फिलहाल इस विवाद के बाद से विधु चोपड़ा फिल्म्स के आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंटस पर दूसरी वाली टैगलाइन का पोस्टर नहीं दिख रहा है। विवाद तब और बढ़ गया। जब सोशल मीडिया पर एक लड़की का चीखते हुए वीडियो वायरल होने लगा। वायरल वीडियो में लड़की चीखते हुए कहती नजर आ रही है, “आपका ये कॉमर्शियलिज्म आपको ही मुबारक हो। एक कश्मीरी पंडित तौर पर मैं आपकी इस फिल्म को नकारती हूं।”

फिल्म को देखकर लोग विधु चोपड़ा पर तुष्टिकरण करने और सिर्फ पैसा कमाने का आरोप लगा रहे हैं। क्योंकि लोगों का कहना है कि फिल्म में कश्मीरी मुसलमानों के अपरोधों का चित्रण करने से बचते नजर आए। फिल्म को लेकर सोशल मीडिया पर कुछ दिनों से #BoycottShikara ट्रेंड कर रहा है। इस विवाद के बीच विधु विनोद चोपड़ा ने कहा कि किसी भी सच के दो पहलू होते हैं और अलग-अलग लोग अलग-अलग नज़रिए से इस देखते हैं।

इस पर एक ट्विटर यूजर ने लिखा, “मिस्टर विधु चोपड़ा नरसंहार के दो पक्ष कभी नहीं होते। एक समुदाय की जिंदगियां खत्म हो गईं, घर खत्म हो गए और अब भी वो इससे उबर नहीं पाया है। दूसरे पक्ष ने इन सबको अंजाम दिया। इसे नकारना सभी पीड़ितों के साथ नैतिक अपराध करने जैसा है और उम्मीद है कि जल्दी ही ये कानून की नजरों में भी अपराध बन जाएगा।”

उनके इस बयान पर भी काफ़ी विवाद हुआ और बाद में उन्होंने कहा कि वो लोगों की शिकायत दूर करने के लिए फ़िल्म का सीक्वल भी बनाएंगे। इसके बावजूद लोगों की नाराजगी खत्म नहीं हुई। वे अब भी सोशल मीडिया के जरिए नाराजगी जाहिर कर रहे हैं। ऐसा नहीं है कि फिल्म सिर्फ निराशाजनक है। क्योंकि कुछ लोगों को फिल्म पसंद भी आई है। सोशल मीडिया पर ऐसे भी वीडियो साझा किए जा रहे हैं जिनमें लोग फिल्म को देखकर रोते नजर आ रहे हैं।

रिलीज होने वाले दिन ही दिल्ली के पीवीआर प्लाजा में फिल्म की स्पेशल स्क्रीनिंग रखी गई थी। इस दौरान लाल कृष्णा आडवाणी भी वहां मौजूद थे। ‘शिकारा’ फिल्म देखते समय उनकी आँखे नम हो गई थी। इस वीडियो को सोशल मीडिया पर काफी साझा किया जा रहा है।

फिल्म ‘शिकारा’ कश्मीरी पत्रकार की बुक ‘Our Moon Has Blood Clots’ पर आधारित है। राहुल पंडिता कश्मीर के जाने-माने पत्रकार है। उन्होंने फिल्म का स्क्रीनप्ले भी लिखा है। साथ ही वह खुद भी कश्मीरी पंडित हैं। उन्होंने भी पलायन का सामना किया है।

इसी बीच बॉलीवुड डायरेक्टर विवेक अग्निहोत्री ने ट्वीट किया है कि वो अगले साल ‘कश्मीर फाइल्स’ नाम की फिल्म रिलीज करेंगे। अग्निहोत्री ने कहा कि ‘कश्मीर फाइल्स’ को ठीक उसी दिन रिलीज करेंगे जब ‘ शिकारा’ रिलीज हुई थी। अग्निहोत्री ने अपने ट्वीट में यह भी लिखा कि उनकी फिल्म ‘ शिकारा’ के उलट कश्मीरी पंडितों के साथ हुए अपराधों को स्पष्ट दिखाएगी। एक अन्य ट्वीट में उन्होंने लिखा, “कला, साहित्य और सिनेमा उसी वक्त मर जाते है, जब आप इन्हें सेक्युलर बनाते हैं।” शिकारा फिल्म से पहले भी कश्मीर के मुद्दे पर कई फिल्मे आ चुकी है।

 

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